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एसएसपी की रोड पर चली ‘पाठशाला’

Thu, 02 Jun 2016 11:28 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Thu, 02 Jun 2016 11:28 PM IST
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Police went on the road, 'school'
एसएसपी की रोड पर चली ‘पाठशाला’ - फोटो : अमर उजाला

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खुद सड़क पर उतरे, चेक किया साजो सामान
लावेला चौक पर चीता मोबाइल दस्ते और फोर्स को किया एकत्र
सिपाहियों की वर्दी, शस्त्र और जूते-बेल्ट किए चेक
एक गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई, दो के सायरन नहीं बजे
इतनी पुलिस को एक साथ देख ठिठके राहगीर, लगा मजमा

 तपती दोपहरी में जब आम लोग घरों से बाहर निकलना पसंद नहीं करते, ऐसे में कोई अफसर जब खुद सड़क पर आकर अपने मातहतों की चुस्ती-फुर्ती और उनकी जांबाजी का टेस्ट ले, तो उसे भीड़ से अलग ही आंका जाएगा। जी हां, गुरुवार को दोपहर ढाई बजे के करीब लावेला चौराहे का नजारा ऐसा ही था। फोर्स के बीच खड़े एसएसपी सुनील सक्सेना ने रोड पर ही क्लास जमाई। उन्होंने एक-एक कर पुलिस कर्मियों की वर्दी, टोपी, बेल्ट और जूते तक चेक किए। ये क्लास देखकर राहगीर भी हैरान रह गए। उनके लिए रोड पर चल रही पाठशाला किसी अजूबे से कम नहीं थी। 
एसएसपी सुनील सक्सेना गुरुवार को अचानक लावेला चौराहे पर पहुंच गए। उन्होंने वायरलैस कर महकमे के चीता मोबाइल को एक घटना का हवाला देते हुए चौराहे पर तुरंत पहुंचने को कहा। दस मिनट के अंदर एक- एक कर पांच चीता मोबाइल वहां पहुंच गए। एसएसपी को सामने देख उनके तोते उड़ गए। खैर, एसएसपी ने सभी को लाइन में खड़ा कर उनका टेस्ट लिया। एक सिपाही सैंडिल और दूसरा स्पोर्ट्स जूते में देखकर दोनों के नाम नोट कराए गए। ऐसा ही नहीं कप्तान ने सिर्फ डांट लगाई, बल्कि चीता मोबाइल दस्ते में सबसे पहले लालपुल से पहुंचे गजराज सिंह को सात सौ रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया। इसके बाद आए दो दस्तों को पांच और चार सौ रुपये प्रदान किए गए।
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ये क्लास यही पर खत्म नहीं हुई। इसके बाद क्यूआरटी वाहन, उझानी सीओ जेएस पाटनी, महिला एसओ कविता मिश्रा, कोतवाली और सिविल लाइंस पुलिस को बुलाया। सिपाहियों के शस्त्र चेेक किए। चालकों से गाड़ी चलाने और सायरन बजाने को कहा। एक गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई, तो दो के सायरन नहीं बजे। उन्होंने प्रतिसार निरीक्षक से इनको दुरुस्त कराने की हिदायत दी। महिला एसओ को किट पहनवाई। करीब एक घंटे तक चली कप्तान साहब की पाठशाला को देखकर राहगीर भी ये कहते सुने गए कि अब लगा कि पुलिसिंग हो रही है।
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