बदायूं: मोबाइल फोन वापसी के नाम पर वसूली रकम, थाने के कंप्यूटर ऑपरेटर समेत तीन पर रिपोर्ट दर्ज
बदायूं के थाना जरीफनगर पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन वापस करने के नाम पर अवैध वसूली की और पीड़ित को धमकाया। इस मामले में थाने के ही कंप्यूटर ऑपरेटर सहित तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों ने पीड़ित से चार हजार रुपये वसूल भी कर लिए थे। कंप्यूटर ऑपरेटर को एसएसपी अंकिता शर्मा ने निलंबित कर दिया है।
ग्राम रामपुर टप्पा वैश्य निवासी हरीश बाबू उर्फ हीरा सिंह ने जरीफनगर थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका मोबाइल फोन गुम हो गया था। उन्होंने अपने गांव के पास ग्राम पडरिया में देवपाल उर्फ बंटी के सीएससी से शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद सीएससी संचालक देवपाल उर्फ बंटी उनके घर आया और बोला कि तुम्हारा फोन मिल गया है। खर्चा-पानी देना पड़ेगा।
जब उन्होंने पूछा कि फोन तुम्हें कैसे मिला, तो आरोपी ने खुलासा किया कि थाना जरीफनगर के कंप्यूटर ऑपरेटर से वह थाने की गोपनीय जानकारी और प्रार्थना पत्र की कॉपी ले लेता है। जिस व्यक्ति के पास गुम मोबाइल होता है। उसका पता निकालकर उसे पुलिस और मुकदमे का डर दिखाकर मोबाइल ले आते हैं और वसूली करते हैं। वसूली का 50 प्रतिशत हिस्सा कंप्यूटर ऑपरेटर को जाता है, बाकी दोनों आपस में बांट लेते हैं।
सीएससी संचालक और उसके साथी ने वसूली रकम
आरोप है कि आरोपी ने हरीश बाबू से 10 हजार रुपये की मांग की और जान से मारने व झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। चार सितंबर को देवपाल उर्फ बंटी और उसके साथी रंजीत ने उनसे 4000 रुपये वसूल लिए। पीड़ित का आरोप है कि इन तीनों ने एक संगठित गिरोह बना रखा है जो भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाकर ठगी करता है।
इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर थाना जरीफनगर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या के तहत धारा 308(2), 351(2), 352 बीएनएस में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक बाबूराम जरीफनगर ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। उधर, मामला सामने आने के बाद एसएसपी ने कंप्यूटर ऑपरेटर को निलंबित कर दिया है।