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Budaun News: पत्थर मार दिवाली पर पुलिस की पैनी नजर
Wed, 30 Oct 2024 02:54 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Wed, 30 Oct 2024 02:54 AM IST
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फैजगंज बेहटा (बदायूं)। पुलिस इस बार भी पत्थरमार दिवाली को लेकर सतर्क है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे एक-दूसरे पर पत्थर न फेंकें। मंगलवार को इसको लेकर पुलिस नगर में भ्रमणशील रही। पुलिस ने साफ कहा है कि अगर किसी शरारती तत्व ने खुरापात करने की कोशिश की तो कठोर कार्रवाई कराई जाएगी।
छोटी दिवाली नरक चतुर्दशी के दिन पांच साल पहले तक यहां पत्थर मार दिवाली बनाई जाती रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब डेढ़ सौ साल पहले फैजगंज गांव नहीं था। उस समय गंगापुर था और बेहटा को मिर्जापुर बेहटा कहा जाता था। लोगों का कहना है कि गैर आबादी वाले गांव फैजगंज को आबाद करने के लिए गंगापुर और मिर्जापुर बेहटा के बीच पत्थरमार दिवाली हुई थी, इसमें गंगापुर जीत गया। तब से गंगापुर गांव गैर आबाद हो गया और वहां के लोग अधिक सुविधाओं वाले फैजगंज बेहटा में आकर बस गए। लोगों का कहना है कि पत्थरमार दिवाली मनाने के दौरान दोनों गांव के लोगों के बीच पथराव होता था। कई लोग घायल भी हो जाते थे। जो गांव जीत जाता था वहां दूसरे गांव के लोग आकर दिवाली की शुभकामनाएं देते थे। बाद में इस परंपरा पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने कमर कसी। ऐसे में चार सालों से पत्थरमार दिवाली नहीं मनाई जा सकी, इसी क्रम में इस बार भी पुलिस सतर्क रही। मंगलवार सुबह नौ बजे ही थानाध्यक्ष जवाहरलाल वर्मा पुलिस बल के साथ नगर में पहुंच गए। लोगों से अपील कि पिछले साल की तरह ही शांति पूर्वक दिवाली का त्योहार मनाएं।
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दोनों गांव के लोगों से बात हो गई है। सभी ने पत्थर न मारने का दावा किया है। पिछले साल की तरह ही नगर में दिवाली मनाई जाएगी। अगर कोई शरारती तत्व ने खुरापात की तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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जवाहरलाल वर्मा, थानाध्यक्ष फैजगंज बेहटा
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छोटी दिवाली नरक चतुर्दशी के दिन पांच साल पहले तक यहां पत्थर मार दिवाली बनाई जाती रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब डेढ़ सौ साल पहले फैजगंज गांव नहीं था। उस समय गंगापुर था और बेहटा को मिर्जापुर बेहटा कहा जाता था। लोगों का कहना है कि गैर आबादी वाले गांव फैजगंज को आबाद करने के लिए गंगापुर और मिर्जापुर बेहटा के बीच पत्थरमार दिवाली हुई थी, इसमें गंगापुर जीत गया। तब से गंगापुर गांव गैर आबाद हो गया और वहां के लोग अधिक सुविधाओं वाले फैजगंज बेहटा में आकर बस गए। लोगों का कहना है कि पत्थरमार दिवाली मनाने के दौरान दोनों गांव के लोगों के बीच पथराव होता था। कई लोग घायल भी हो जाते थे। जो गांव जीत जाता था वहां दूसरे गांव के लोग आकर दिवाली की शुभकामनाएं देते थे। बाद में इस परंपरा पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने कमर कसी। ऐसे में चार सालों से पत्थरमार दिवाली नहीं मनाई जा सकी, इसी क्रम में इस बार भी पुलिस सतर्क रही। मंगलवार सुबह नौ बजे ही थानाध्यक्ष जवाहरलाल वर्मा पुलिस बल के साथ नगर में पहुंच गए। लोगों से अपील कि पिछले साल की तरह ही शांति पूर्वक दिवाली का त्योहार मनाएं।
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दोनों गांव के लोगों से बात हो गई है। सभी ने पत्थर न मारने का दावा किया है। पिछले साल की तरह ही नगर में दिवाली मनाई जाएगी। अगर कोई शरारती तत्व ने खुरापात की तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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जवाहरलाल वर्मा, थानाध्यक्ष फैजगंज बेहटा