{"_id":"cd394a6d87a6ab1218df0088e15fb699","slug":"police-hindi-news-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"तैनाती स्थल पर नहीं रहतीं महिला कांस्टेबल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तैनाती स्थल पर नहीं रहतीं महिला कांस्टेबल
badaun
Updated Fri, 09 Jan 2015 07:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस महकमे में महिला कांस्टेबल पर अफसर मेहरबान हैं। जिले के दूर दराज के थानों में महिला कांस्टेबल रुकती ही नहीं हैं। कहने को तो जिले में 95 महिला कांस्टेबल की तैनाती है। जिले के सभी 21 थानों में महिला कांस्टेबल को पोस्ट भी किया गया है लेकिन दूर दराज के थानों से महिला कांस्टेबल गायब रहती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि अधिकांश महिला कांस्टेबल ने खुद को सीओ दफ्तर से अटैच करा रखा है। ऐसे में छेड़छाड़ और रेप के मामलों की कार्रवाई प्रभावित होती है।
विज्ञापन
पाक्सो एक्ट के तहत छेड़छाड़ या बलात्कार की पीड़िता का बयान महिला पुलिस अधिकारी ही लेगी। महिला कांस्टेबल की मुकदमा दर्ज करेगी। प्रत्येक थाने में मानक के अनुरूप महिला कांस्टेबल की तैनाती तो है लेकिन यह थानों में ड्यूटी नहीं कर रहीं। अफसरों की मेहरबानी ने महिला कांस्टेबलों ने खुद को सीओ दफ्तरों से अटैच करा रखा है। जरीफनगर, मुजरिया, मूसाझाग, हजरतपुर, कादरचौक थानों की महिला कांस्टेबल ने खुद को सीओ दफ्तरों में अटैच करा रखा है। महिला कांस्टेबल को चौबीस घंटे तैनाती वाले थाने में रहना चाहिए लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है। जरीफनगर थाने में तैनात दो महिला कांस्टेबल के आवास तो सहसवान कोतवाली परिसर में हैं लेकिन ड्यूटी सीओ पेशी में कर रही हैं। अगर जरीफनगर में कोई रेप या छेड़छाड़ का मामला होता है तो यह सहसवान से जरीफनगर जाती हैं।
विज्ञापन
वर्जन-
महिला कांस्टेबल को तैनाती वाले थाने में ही ड्यूटी करना जरूरी है। अगर किसी थाने में महिला कांस्टेबल ड्यूटी नहीं कर रहीं हैं तो इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
विज्ञापन