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अब नजर नहीं आएगी अंग्रेजों के जमाने की %थ्री नॉट थ्री%....इंसास से लैस होगी पुलिस
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बदायूं। एक जमाना था कि जब पुलिस केवल डंडे के सहारे क्राइम कंट्रोल करती थी। मगर, अब समय बदल गया है। थाने हाईटेक हो गए। पुलिस अफसर लग्जरी गाड़ियों से चलने लगे। इसी परिवर्तन के साथ पुलिस अब अंग्रेजों के जमाने की थ्री नॉट थ्री रायफल से भी छुटकारा पाने जा रही है। अब पुलिस कभी सेना की प्राथमिकता में रही इंसास रायफलों से लैस होगी। थानों में जो पुरानी रायफलें मौजूद हैं, उन्हें पुलिस लाइन में जमा कराया जा रहा है। उनके बदले पुलिस को नई इंसास रायफल मुहैया कराई जा रही है। कुछ थानों में इनका वितरण भी हो गया है। अन्य थानों की पुलिस को वितरित करने के लिए तारीख दे दी गई है।
बदायूं के 22 थानों में करीब पांच सौ थ्री नॉट थ्री रायफलें मौजूद थीं। हर साल साफ सफाई के बाद उनका परीक्षण कराया जाता था। किसी भी घटना के बाद पुलिस पुराने पैटर्न पर थ्री नॉट थ्री से ही बदमाशों से मोर्चा लेने को मजबूर थी। कभी-कभी पुरानी हो चुकी इस रायफल से हमेशा धोखे का डर बना रहता था। समय में परिवर्तन आया। जबसे पुलिस को 367 इंसास रायफल मिली, तबसे पुलिस कर्मियों में आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। इससे पहले पुलिस को एके-46 और एके-47 भी मिलीं, लेकिन पुलिस की निर्भरता थ्री नॉट थ्री रायफल पर ही बनी रही। रात्रि गश्त से लेकर दिन की सुरक्षा भी इसी रायफल से होती थी। रात की गश्त में सिपाही थ्री नॉट थ्री की रायफल लेकर थाने से निकलते थे। ऐसे में जब कभी वह जंगल या खतरनाक क्षेत्र में पहुंचते थे तो उन्हें भी कमजोरी का अहसास होता था। इंसास मिलने के बाद पुलिस का आत्मविश्वास बढ़ेगा। बदमाशों से मुठभेड़ के समय भी पुलिसकर्मी खुद को कमजोर नहीं समझेंगे। पुलिस को आधुनिक हथियारों से लैस करने का फैसला लिया है। अब जिन पुलिस कर्मियों के पास पुरानी थ्री नॉट थ्री रायफल हैं, उनको पुलिस लाइन में जमा कराया जा रहा है। इसके बदले उनको इंसास रायफल दी जा रही है।
इन थानों में मुहैया कराई गईं इंसास
- शहर कोतवाली और सिविल लाइंस थानों में पुलिस कर्मियों को 33-33 इंसास रायफलें दी गईं हैं। बिनावर पुलिस को 18, उझानी में 22, उसहैत में तीन, हजरतपुर में पांच, बिसौली में 18 और उघैती थाने को 13 इंसास रायफलें मिल चुकी हैं। शेष थानों को रायफल देने के लिए तारीख दी गई है।
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तुरंत ठीक होंगे खराब असलहे
-पुलिस अधिकारियों ने एक और चेतावनी जारी की है कि अगर किसी थाने में असलहा खराब हो गया है तो उसकी तुरंत मरम्मत कराएं या फिर बदलवाएं। ऐसा न हो मुठभेड़ के समय असलहा धोखा दे जाए। इसके लिए पुलिस कर्मियों को अपने असलहे चेक करने को कहा गया है।
पुलिस के सामने जो चुनौतियां हैं, उनको देखते हुए पुलिस को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया जा रहा है। पुलिस इससे काफी मजबूत होगी। अपराधियों पर कारगर तरीके से लगाम कसी जा सकेगी। अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी
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बदायूं के 22 थानों में करीब पांच सौ थ्री नॉट थ्री रायफलें मौजूद थीं। हर साल साफ सफाई के बाद उनका परीक्षण कराया जाता था। किसी भी घटना के बाद पुलिस पुराने पैटर्न पर थ्री नॉट थ्री से ही बदमाशों से मोर्चा लेने को मजबूर थी। कभी-कभी पुरानी हो चुकी इस रायफल से हमेशा धोखे का डर बना रहता था। समय में परिवर्तन आया। जबसे पुलिस को 367 इंसास रायफल मिली, तबसे पुलिस कर्मियों में आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। इससे पहले पुलिस को एके-46 और एके-47 भी मिलीं, लेकिन पुलिस की निर्भरता थ्री नॉट थ्री रायफल पर ही बनी रही। रात्रि गश्त से लेकर दिन की सुरक्षा भी इसी रायफल से होती थी। रात की गश्त में सिपाही थ्री नॉट थ्री की रायफल लेकर थाने से निकलते थे। ऐसे में जब कभी वह जंगल या खतरनाक क्षेत्र में पहुंचते थे तो उन्हें भी कमजोरी का अहसास होता था। इंसास मिलने के बाद पुलिस का आत्मविश्वास बढ़ेगा। बदमाशों से मुठभेड़ के समय भी पुलिसकर्मी खुद को कमजोर नहीं समझेंगे। पुलिस को आधुनिक हथियारों से लैस करने का फैसला लिया है। अब जिन पुलिस कर्मियों के पास पुरानी थ्री नॉट थ्री रायफल हैं, उनको पुलिस लाइन में जमा कराया जा रहा है। इसके बदले उनको इंसास रायफल दी जा रही है।
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इन थानों में मुहैया कराई गईं इंसास
- शहर कोतवाली और सिविल लाइंस थानों में पुलिस कर्मियों को 33-33 इंसास रायफलें दी गईं हैं। बिनावर पुलिस को 18, उझानी में 22, उसहैत में तीन, हजरतपुर में पांच, बिसौली में 18 और उघैती थाने को 13 इंसास रायफलें मिल चुकी हैं। शेष थानों को रायफल देने के लिए तारीख दी गई है।
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तुरंत ठीक होंगे खराब असलहे
-पुलिस अधिकारियों ने एक और चेतावनी जारी की है कि अगर किसी थाने में असलहा खराब हो गया है तो उसकी तुरंत मरम्मत कराएं या फिर बदलवाएं। ऐसा न हो मुठभेड़ के समय असलहा धोखा दे जाए। इसके लिए पुलिस कर्मियों को अपने असलहे चेक करने को कहा गया है।
पुलिस के सामने जो चुनौतियां हैं, उनको देखते हुए पुलिस को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया जा रहा है। पुलिस इससे काफी मजबूत होगी। अपराधियों पर कारगर तरीके से लगाम कसी जा सकेगी। अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी