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Budaun News: गैर-जमानती वारंट के नाम पर आधी रात व्यापारी के घर पहुंची पुलिस
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इस्लामनगर थाने में पहुंचकर इंस्पेक्टर से विरोध दर्ज कराते व्यापारी। स्रोत- व्यापारी
- फोटो : बहराइच में सुबह के समय छाया कोहरा।
इस्लामनगर। मोहल्ला भुर्जी में रविवार देर रात एक पुलिस कार्रवाई गलतफहमी के चलते विवाद का कारण बन गई। गैर-जमानती वारंट अमित मौर्य के नाम पर जारी था, लेकिन पुलिस रात करीब दो बजे किराना व्यापारी अमित गुप्ता के घर पहुंच गई। आधी रात पुलिस के दरवाज़ा खटखटाने से व्यापारी और उनके परिवार में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार रात दो बजे के लगभग कस्बा इंचार्ज अपने तीन सिपाहियों के साथ व्यापारी अमित गुप्ता के घर पहुंचे। उनसे कहा कि उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट है, इसलिए उन्हें थाने चलना होगा। ऊपर से ही बात कर रहे अमित गुप्ता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्होंने आज तक किसी से कहासुनी तक नहीं की, वारंट कैसे जारी हो सकता है।
व्यापारी के अनुसार, पुलिसकर्मी गेट खोलकर चलने का दबाव बना रहे थे। जब व्यापारी ने सुबह थाने आने की बात कही तो कथित रूप से कुछ सिपाहियों ने गलत व्यवहार किया। व्यापारी की पत्नी भी ऊपर से बातचीत में शामिल थीं।
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पुलिसकर्मी दिन में बताएंगे कहकर लौट गए। घटना से आक्रोशित व्यापारी ने रात में ही अपने परिचितों व अन्य व्यापारियों को सूचना दी। सोमवार सुबह व्यापारी वर्ग थाने पहुंच गया। व्यापारियों ने प्रभारी निरीक्षक से पुलिसकर्मियों के व्यवहार की शिकायत की। प्रभारी निरीक्षक नरेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाने पहुंचे व्यापारियों से खेद व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि आगे से इस प्रकार की घटना नहीं होगी।
उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस टीम गलतफहमी के कारण गलत पते पर पहुंच गई थी। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों को सही व्यक्ति की पहचान दिन में ही सुनिश्चित करने और सावधानी बरतने के निर्देश दिए। व्यापारी प्रतिनिधियों को आश्वासन के बाद मामला शांत हो गया और विवाद रफ़ा-दफ़ा कर दिया गया। कस्बे में इस घटना को लेकर दिनभर चर्चा बनी रही और व्यापारी वर्ग ने पुलिस से भविष्य में अधिक सतर्कता बरतने की मांग की।
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सूत्रों के अनुसार, सोमवार रात दो बजे के लगभग कस्बा इंचार्ज अपने तीन सिपाहियों के साथ व्यापारी अमित गुप्ता के घर पहुंचे। उनसे कहा कि उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट है, इसलिए उन्हें थाने चलना होगा। ऊपर से ही बात कर रहे अमित गुप्ता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्होंने आज तक किसी से कहासुनी तक नहीं की, वारंट कैसे जारी हो सकता है।
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व्यापारी के अनुसार, पुलिसकर्मी गेट खोलकर चलने का दबाव बना रहे थे। जब व्यापारी ने सुबह थाने आने की बात कही तो कथित रूप से कुछ सिपाहियों ने गलत व्यवहार किया। व्यापारी की पत्नी भी ऊपर से बातचीत में शामिल थीं।
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पुलिसकर्मी दिन में बताएंगे कहकर लौट गए। घटना से आक्रोशित व्यापारी ने रात में ही अपने परिचितों व अन्य व्यापारियों को सूचना दी। सोमवार सुबह व्यापारी वर्ग थाने पहुंच गया। व्यापारियों ने प्रभारी निरीक्षक से पुलिसकर्मियों के व्यवहार की शिकायत की। प्रभारी निरीक्षक नरेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाने पहुंचे व्यापारियों से खेद व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि आगे से इस प्रकार की घटना नहीं होगी।
उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस टीम गलतफहमी के कारण गलत पते पर पहुंच गई थी। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों को सही व्यक्ति की पहचान दिन में ही सुनिश्चित करने और सावधानी बरतने के निर्देश दिए। व्यापारी प्रतिनिधियों को आश्वासन के बाद मामला शांत हो गया और विवाद रफ़ा-दफ़ा कर दिया गया। कस्बे में इस घटना को लेकर दिनभर चर्चा बनी रही और व्यापारी वर्ग ने पुलिस से भविष्य में अधिक सतर्कता बरतने की मांग की।