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Budaun News: बांके बिहारी की भक्ति में लीन हुईं पिंकी, पहुंच रहे बधाई देने वाले
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भगवान बांके बिहारी को गोद में लिए पिंकी शर्मा अपने परिजनो के साथ। संवाद
- फोटो : सीएम योगी आदित्यानाथ की बैठक में मौजूद फिरोजाबाद के जनप्रतिनिधि और संगठन के पदाधिकारी। स्रोतः भाजपा
इस्लामनगर। ब्लॉक क्षेत्र के गांव ब्योर कासिमाबाद निवासी पिंकी शर्मा ने भगवान बांके बिहारी जी को अपना सर्वस्व मानते हुए अनोखे ढंग से विवाह रचाया। पिंकी अब पूरी तरह भक्ति में लीन हैं। दिनभर बिहारी जी की आराधना में रमी रहती हैं। पिंकी के घर पर उसे बधाई देने वाले लोगों की भीड़ भी जुट रही है। पिंकी का कहना है, मेरी जीवन-नैय्या अब बिहारी जी के हाथ में है। जो प्रभु की इच्छा होगी, वही करूंगी।
गांव के ही एक घर से रविवार को परिजनों ने विधि-विधान के साथ पिंकी को विदा कर उसके मायके पहुंचाया। घर-परिवार से लेकर पूरा गांव इस अद्भुत विवाह का साक्षी बना। पिंकी के पिता सुरेश शर्मा ने कहा कि बेटी की इच्छा सर्वोपरि है और परिजनों ने उसे पूरा समर्थन दिया है।
उन्होंने बताया कि बेटी जैसा चाहती थी, हमने वैसा ही किया। जितनी संपत्ति बेटों को दूंगा, उतनी ही बेटी के नाम भी करूंगा। यदि वह चाहेगी तो मथुरा में उसके लिए आवास की व्यवस्था भी कर दूंगा। जब उसका मन भगवान में रम गया है तो हमें कोई आपत्ति नहीं।
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घर में पिंकी की मां भी पूरे स्नेहभाव से बेटी की देखभाल में लगी रहीं। बेटी के लौटने पर उन्होंने उसे भोजन कराने से लेकर अगले दिन की विदाई की तैयारियों में जुटे रहने तक पूरा जिम्मा संभाला। ग्रामीणों के अनुसार, विवाह के दिन तो भीड़ सामान्य थी, लेकिन उसके बाद से लगातार पिंकी के घर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
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गांव के ही एक घर से रविवार को परिजनों ने विधि-विधान के साथ पिंकी को विदा कर उसके मायके पहुंचाया। घर-परिवार से लेकर पूरा गांव इस अद्भुत विवाह का साक्षी बना। पिंकी के पिता सुरेश शर्मा ने कहा कि बेटी की इच्छा सर्वोपरि है और परिजनों ने उसे पूरा समर्थन दिया है।
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उन्होंने बताया कि बेटी जैसा चाहती थी, हमने वैसा ही किया। जितनी संपत्ति बेटों को दूंगा, उतनी ही बेटी के नाम भी करूंगा। यदि वह चाहेगी तो मथुरा में उसके लिए आवास की व्यवस्था भी कर दूंगा। जब उसका मन भगवान में रम गया है तो हमें कोई आपत्ति नहीं।
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घर में पिंकी की मां भी पूरे स्नेहभाव से बेटी की देखभाल में लगी रहीं। बेटी के लौटने पर उन्होंने उसे भोजन कराने से लेकर अगले दिन की विदाई की तैयारियों में जुटे रहने तक पूरा जिम्मा संभाला। ग्रामीणों के अनुसार, विवाह के दिन तो भीड़ सामान्य थी, लेकिन उसके बाद से लगातार पिंकी के घर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।