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बकरी चराने गए बालक को जंगली सुअर ने मार डाला, शरीर के कई हिस्सों का मांस खाया
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दातागंज। ब्लॉक समरेर के गांव सराय पस्तौर में बकरी चराने गए 12 साल के बालक को जंगली सुअर ने मार डाला। सुअर बालक को खींचकर सरसों के खेत में ले गया और वहां उसके शरीर के कई हिस्सों से मांस भी नोचकर खा गया। घटना के बाद से ग्रामीण खेतों में सुअरों की तलाश कर रहे हैं। गांव में दहशत का माहौल है।
सराय पस्तौर निवासी बाबूराम का 12 वर्षीय बेटा सूरज अपने छोटे भाई सागर के साथ बुधवार दोपहर घर से बकरियां चराने खेत पर गया था। सूरज के साथ गांव के हमउम्र बच्चे अभिषेक पुत्र महीपाल, अजीत पुत्र नरेशपाल, छवि पुत्री ओमशरण व दीपांशी (06) पुत्री स्वदेश भी गए थे। सभी बच्चे जंगल में बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान पास के ही एक सरसों के खेत से जंगली सुअरों का झुंड निकला। जंगली सुअरों ने इन सभी पर हमला कर दिया। अभिषेक, अजीत, दीपांशी, छवि आदि बच्चे तो किसी तरह से भाग निकले लेकिन एक सुअर सूरज को खींचकर सरसों के खेत में ले गया। सूरज चिल्लाता रहा। आसपास खेतों में भी कोई काम नहीं कर रहा था। सूअर ने सूरज के शरीर के कई हिस्सों को खा लिया। इस दौरान बच्चे भागकर गांव पहुंचे और घटना के बारे में बताया। इसके बाद काफी ग्रामीण एकत्र होकर मौके पर पहुंचे तो सुअरों का झुंड वहां से भाग गया। सरसों के खेत से सूरज का क्षत विक्षत शव मिला। उसके शरीर के कई हिस्सों से मांस गायब था। सूचना पर रेंजर रविंद्र सिंह बिष्ट मौके पर पहुंच गए। डीएफओ विवेक कुमार गुप्ता ने इस संबंध में रेंजर से रिपोर्ट मांगी है। गांव के लोगों का कहना है कि जंगल में जंगली सुअरों की संख्या बहुतायत में है। अक्सर सुअर हमला करते रहते हैं।
जानकारी में आया है कि बालक की मौत जंगली सुअर के हमले में हुई है। घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मृतक बालक के परिवार को नियमानुसार जो भी सहायता होगी दिलाई जाएगी। जंगली सुअरों की गणना नहीं होती है। जिले में किन स्थानों पर इनकी कितनी संख्या है, इस बारे में बताना मुश्किल होगा। - विवेक कुमार गुप्ता, डीएफओ
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सराय पस्तौर निवासी बाबूराम का 12 वर्षीय बेटा सूरज अपने छोटे भाई सागर के साथ बुधवार दोपहर घर से बकरियां चराने खेत पर गया था। सूरज के साथ गांव के हमउम्र बच्चे अभिषेक पुत्र महीपाल, अजीत पुत्र नरेशपाल, छवि पुत्री ओमशरण व दीपांशी (06) पुत्री स्वदेश भी गए थे। सभी बच्चे जंगल में बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान पास के ही एक सरसों के खेत से जंगली सुअरों का झुंड निकला। जंगली सुअरों ने इन सभी पर हमला कर दिया। अभिषेक, अजीत, दीपांशी, छवि आदि बच्चे तो किसी तरह से भाग निकले लेकिन एक सुअर सूरज को खींचकर सरसों के खेत में ले गया। सूरज चिल्लाता रहा। आसपास खेतों में भी कोई काम नहीं कर रहा था। सूअर ने सूरज के शरीर के कई हिस्सों को खा लिया। इस दौरान बच्चे भागकर गांव पहुंचे और घटना के बारे में बताया। इसके बाद काफी ग्रामीण एकत्र होकर मौके पर पहुंचे तो सुअरों का झुंड वहां से भाग गया। सरसों के खेत से सूरज का क्षत विक्षत शव मिला। उसके शरीर के कई हिस्सों से मांस गायब था। सूचना पर रेंजर रविंद्र सिंह बिष्ट मौके पर पहुंच गए। डीएफओ विवेक कुमार गुप्ता ने इस संबंध में रेंजर से रिपोर्ट मांगी है। गांव के लोगों का कहना है कि जंगल में जंगली सुअरों की संख्या बहुतायत में है। अक्सर सुअर हमला करते रहते हैं।
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जानकारी में आया है कि बालक की मौत जंगली सुअर के हमले में हुई है। घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मृतक बालक के परिवार को नियमानुसार जो भी सहायता होगी दिलाई जाएगी। जंगली सुअरों की गणना नहीं होती है। जिले में किन स्थानों पर इनकी कितनी संख्या है, इस बारे में बताना मुश्किल होगा। - विवेक कुमार गुप्ता, डीएफओ
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