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Budaun News: बीबीपुर में फैला डेंगू-मलेरिया, 60 से अधिक परिवारों के लोग बीमार
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नीतू
बदायूं। जगत ब्लॉक के गांव बीबीपुर में डेंगू और मलेरिया तेजी से फैल रहा है। गांव में 60 से अधिक परिवारों के लोग रोग की चपेट में हैं। एलाइजा जांच में 27 लोग डेंगू से पीड़ित मिले हैं। वहीं अन्य जांचों में आठ लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। पांच दिन से संक्रमण से घिरे गांव में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम खानापूरी कर लौट गई। ज्यादातर मरीज गांव में ही तो कुछ बरेली और बदायूं के निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 48 लोगाें की जांच की। ग्रामीणों का आरोप है कि शाम तीन बजे से पहले ही टीम गांव से लौट गई, ऐसे में कई मरीजों को परामर्श व दवा नहीं मिल सकी। दवा लेने पहुंचे मेवाराम और ज्योति का कहना था कि 10 से 12 दिन से बुखार आ रहा है। गांव के पास के डॉक्टर से दवा ले रहे हैं, कोई फायदा नहीं हुआ। आज टीम आई थी तो जांच कराने पंचायत भवन पर पहुंचे। पता चला कि टीम लौट गई है। ऐसे में उनका यहां आना बेकार हो गया। यही स्थिति सोहन, मीना की है। उनकी भी जांच यहां पर नहीं हो सकी, जबकि चार से पांच दिन से बुखार आ रहा है।
कन्यावती के परिवार में चार लोग बीमार
जयदेवी की पत्नी कन्यावती को आठ दिन पहले बुखार आया था। उन्होंने इस्लामनगर में एक पैथोलॉजी पर जांच कराई थी। डेंगू पाॅजिटिव आया था। इस्लामनगर में ही निजी अस्पताल में इलाज कराया। वहां पर साढ़े छह हजार रुपये खर्च हुए। परिवार के अन्य सदस्य भी बुखार की चपेट में हैं। हालत यह है कि घर में सुनीता (32) और वंदना (12) बीमार हैं। बहू नन्हीं इस्लामनगर में भर्ती है। उसे भी डेंगू पाॅजिटिव बताया गया है।
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गांव में फैली गंदगी, बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप
सुमित, अनुराग, सौरभ, आकाश का कहना है कि गांव की गलियों और नालियों में गंदगी फैली हुई है। कई स्थानों पर जलभराव है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ गई है। कई बार सफाई कराने की मांग की, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। सुधांशु का कहना है कि बीमारी फैलने के बाद भी गांव में सफाई और मच्छररोधी दवा का छिड़काव सही से नहीं कराया।
निजी पैथोलॉजी पर करा रहे जांच
गांव में डेंगू-मलेरिया की जांच के लिए ग्रामीण निजी पैथोलॉजी पर निर्भर हैं। मेवाराम, आकाश ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम केवल औपचारिकताएं ही पूरी कर रहे हैं। हालत यह है कि सरकारी स्तर पर पर्याप्त जांच नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से ग्रामीणों को निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग जिला स्तरीय अधिकारियों को कर रहा गुमराह
- मौके पर 48 मरीजों की हुई जांच, 40 की भेजी रिपोर्ट
- आठ मलेरिया पॉजिटिव के नाम सूची से गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को लगे शिविर में 48 लोगों की जांच की गई। इसमें आठ लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, शिविर में केवल 40 लोगों की जांच हुई। इनमें कोई भी पॉजिटिव नहीं पाया गया।
सीएमओ डॉ. विकास कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. तहसीन, जिला मलेरिया अधिकारी अमित कुमार तिवारी, एपिडेयोलॉजिस्ट डॉ. कौशल गुप्ता बृहस्पतिवार को गांव बीबीपुर पहुंचे। यहां पर उन्होंने गांव का भ्रमण किया। साथ ही लोगाें को मलेरिया और डेंगू से बचाव के उपाय बताए।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से रिपोर्ट डीएम अवनीश राय को भेजी गई। रिपोर्ट में विभाग ने कुल 40 मरीजों की जांच दिखाई। 28 लोगों की मलेरिया की जांच की, जिसमें कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला। वहीं शिविर में तैनात रहे सीएचओ अमित कुमार ने बताया कि कुल 48 मरीज शिविर में आए थे। इसमें प्रेमपाल (50), राममूर्ति (69), अनुराग (8), शेर सिंह (37), गुड्डी (35), निशा (25), प्रकाश (46) और सुनीता (35) पॉजिटिव मिली थीं। उधर, मंडलीय सर्विलास अधिकारी अखिलेश्वर व एंटोमाेलॉजिस्ट अभिषेक ने भी गांव में पहुंचकर जांच की।
एक माह चला दस्तक अभियान, फिर भी बीबीपुर में फैल गया डेंगू
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक से 31 जुलाई तक चलाए गए दस्तक अभियान के बावजूद ब्लॉक जगत के गांव बीबीपुर में डेंगू के मामले सामने आने से अभियान की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियां खानापूरी तक सीमित रहीं। समय रहते बीमारी की रोकथाम के इंतजाम न होने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग को घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की जानकारी जुटाने, लोगों को डेंगू और अन्य संचारी रोगों से बचाव के लिए जागरूक करने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर निरोधात्मक कार्रवाई करनी थी। जुलाई में अभियान पूरा होने के बाद बीबीपुर में डेंगू के मरीज सामने आने लगे हैं। ग्रामीण राधेलाल का कहना है कि बारिश के बाद गांव में जगह-जगह पानी जमा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। संवाद
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जांच कर रही है, जो भी बुखार से पीड़ित हैं, उनको दवाइयां दी जा रही हैं। मैंने भी गांव जाकर देखा था। वहां पर काफी ज्यादा गंदगी है। इसको लेकर डीपीआरओ से भी बात की गई है, ताकि गांव में सफाई हो सके। - डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
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बृहस्पतिवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 48 लोगाें की जांच की। ग्रामीणों का आरोप है कि शाम तीन बजे से पहले ही टीम गांव से लौट गई, ऐसे में कई मरीजों को परामर्श व दवा नहीं मिल सकी। दवा लेने पहुंचे मेवाराम और ज्योति का कहना था कि 10 से 12 दिन से बुखार आ रहा है। गांव के पास के डॉक्टर से दवा ले रहे हैं, कोई फायदा नहीं हुआ। आज टीम आई थी तो जांच कराने पंचायत भवन पर पहुंचे। पता चला कि टीम लौट गई है। ऐसे में उनका यहां आना बेकार हो गया। यही स्थिति सोहन, मीना की है। उनकी भी जांच यहां पर नहीं हो सकी, जबकि चार से पांच दिन से बुखार आ रहा है।
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कन्यावती के परिवार में चार लोग बीमार
जयदेवी की पत्नी कन्यावती को आठ दिन पहले बुखार आया था। उन्होंने इस्लामनगर में एक पैथोलॉजी पर जांच कराई थी। डेंगू पाॅजिटिव आया था। इस्लामनगर में ही निजी अस्पताल में इलाज कराया। वहां पर साढ़े छह हजार रुपये खर्च हुए। परिवार के अन्य सदस्य भी बुखार की चपेट में हैं। हालत यह है कि घर में सुनीता (32) और वंदना (12) बीमार हैं। बहू नन्हीं इस्लामनगर में भर्ती है। उसे भी डेंगू पाॅजिटिव बताया गया है।
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गांव में फैली गंदगी, बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप
सुमित, अनुराग, सौरभ, आकाश का कहना है कि गांव की गलियों और नालियों में गंदगी फैली हुई है। कई स्थानों पर जलभराव है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ गई है। कई बार सफाई कराने की मांग की, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। सुधांशु का कहना है कि बीमारी फैलने के बाद भी गांव में सफाई और मच्छररोधी दवा का छिड़काव सही से नहीं कराया।
निजी पैथोलॉजी पर करा रहे जांच
गांव में डेंगू-मलेरिया की जांच के लिए ग्रामीण निजी पैथोलॉजी पर निर्भर हैं। मेवाराम, आकाश ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम केवल औपचारिकताएं ही पूरी कर रहे हैं। हालत यह है कि सरकारी स्तर पर पर्याप्त जांच नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से ग्रामीणों को निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग जिला स्तरीय अधिकारियों को कर रहा गुमराह
- मौके पर 48 मरीजों की हुई जांच, 40 की भेजी रिपोर्ट
- आठ मलेरिया पॉजिटिव के नाम सूची से गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को लगे शिविर में 48 लोगों की जांच की गई। इसमें आठ लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, शिविर में केवल 40 लोगों की जांच हुई। इनमें कोई भी पॉजिटिव नहीं पाया गया।
सीएमओ डॉ. विकास कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. तहसीन, जिला मलेरिया अधिकारी अमित कुमार तिवारी, एपिडेयोलॉजिस्ट डॉ. कौशल गुप्ता बृहस्पतिवार को गांव बीबीपुर पहुंचे। यहां पर उन्होंने गांव का भ्रमण किया। साथ ही लोगाें को मलेरिया और डेंगू से बचाव के उपाय बताए।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से रिपोर्ट डीएम अवनीश राय को भेजी गई। रिपोर्ट में विभाग ने कुल 40 मरीजों की जांच दिखाई। 28 लोगों की मलेरिया की जांच की, जिसमें कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला। वहीं शिविर में तैनात रहे सीएचओ अमित कुमार ने बताया कि कुल 48 मरीज शिविर में आए थे। इसमें प्रेमपाल (50), राममूर्ति (69), अनुराग (8), शेर सिंह (37), गुड्डी (35), निशा (25), प्रकाश (46) और सुनीता (35) पॉजिटिव मिली थीं। उधर, मंडलीय सर्विलास अधिकारी अखिलेश्वर व एंटोमाेलॉजिस्ट अभिषेक ने भी गांव में पहुंचकर जांच की।
एक माह चला दस्तक अभियान, फिर भी बीबीपुर में फैल गया डेंगू
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक से 31 जुलाई तक चलाए गए दस्तक अभियान के बावजूद ब्लॉक जगत के गांव बीबीपुर में डेंगू के मामले सामने आने से अभियान की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियां खानापूरी तक सीमित रहीं। समय रहते बीमारी की रोकथाम के इंतजाम न होने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग को घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की जानकारी जुटाने, लोगों को डेंगू और अन्य संचारी रोगों से बचाव के लिए जागरूक करने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर निरोधात्मक कार्रवाई करनी थी। जुलाई में अभियान पूरा होने के बाद बीबीपुर में डेंगू के मरीज सामने आने लगे हैं। ग्रामीण राधेलाल का कहना है कि बारिश के बाद गांव में जगह-जगह पानी जमा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। संवाद
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जांच कर रही है, जो भी बुखार से पीड़ित हैं, उनको दवाइयां दी जा रही हैं। मैंने भी गांव जाकर देखा था। वहां पर काफी ज्यादा गंदगी है। इसको लेकर डीपीआरओ से भी बात की गई है, ताकि गांव में सफाई हो सके। - डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ

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