फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   People want to remain voters in the village even while living in the city.

Budaun News: शहर में रहकर भी गांव में वोटर बने रहना चाहते हैं लोग

Tue, 02 Dec 2025 11:44 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 02 Dec 2025 11:44 PM IST
विज्ञापन
People want to remain voters in the village even while living in the city.
बदायूं। विधानसभा चुनाव के लिए चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर)अभियान ने एक बार फिर लोगों को अपने पैतृक गांव की ओर खींचा है। शहर में रहने वाले अधिकांश लोग अभी भी गांव में ही अपना मतदाता अधिकार बनाए रखना चाहते हैं। यही कारण है कि घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरने वाले बीएलओ के पास ऐसे लोग पहुंच रहे हैं जो नौकरी, बच्चों की पढ़ाई या अन्य कारणों से शहर में बस गए हैं, लेकिन वोट गांव में ही देना चाहते हैं।
विज्ञापन

एसआईआर के दौरान यह भी सामने आया कि कई परिवार 20-30 साल बाद गांव लौटे हैं। उन्होंने बताया कि भले ही जीवन अब शहर में बीत रहा है, लेकिन वे खुद को गांव का ही मतदाता मानते हैं। भविष्य में भी इसी परंपरा को बनाए रखना चाहते हैं। कुछ ऐसे युवा भी सामने आए हैं जिनके माता–पिता ने वर्षों पहले गांव की जमीन बेच दी थी और परिवार पूरी तरह शहर में बस गया था, लेकिन अगली पीढ़ी अब गांव की मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने की इच्छा रखती है।
विज्ञापन

वे इसका कारण बताते हैं कि गांव की पहचान और जड़ों से जुड़ाव उन्हें वहीं का वोटर बने रहने के लिए प्रेरित करता है। एसआईआर अभियान के चलते ग्राम पंचायतों में बीएलओ लगातार फॉर्म भरवा रहे हैं और लोग अपने दस्तावेजों के साथ गांव पहुंचकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन कराने की प्रक्रिया में जुटे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सैदपुर निवासी लाल मोहम्मद का बेटा दिल्ली में काम करता है। और अपने परिवार के साथ वहीं पर रह रहा है, लेकिन जब एसआईआर फाॅर्म भरने का नंबर आया, तो वह अपने परिवार के साथ आया और फॉर्म भरकर चला गया।

पता नहीं चल सका कितना हुआ प्रतिशत अपडेट
एप पर काम चलने की वजह से मंगलवार को सुबह से ही अपडेट नहीं दिखाया गया। इससे अधिकारियों में बेचैनी साफ तौर पर देखने को मिली। दिन में अधिकारी लगातार एप को खोलकर देखते रहे, लेकिन उन्हें हर बार निराशा ही हाथ लगी। उनको मंगलवार को पता नहीं चल सका कि जिले में कितने मतदाताओं को फॉर्म ऑनलाइन एप पर अपलोड हो गया है।


जिले में तेजी से काम चल रहा है, समय रहते यह पूरा हो जाएगा। लोग स्वतंत्र है कि वह अपना वोट कहीं पर भी बनवा सकते हैं, जहां के वह रहने वाले है, या जहां पर वह अस्थायी तौर पर रहे हैं। लेकिन वोट उनको एक जगह ही बनवाना है। -डॉ. वैभव शर्मा, एडीएम (एफआर)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed