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पात्रों को हटाकर शामिल कर लिए अपात्र
बदायूं।
Updated Sat, 20 Dec 2014 08:33 PM IST
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ब्लाक म्याऊ के गांव चंगासी में पेंशन योजना में डेढ़ दर्जन से भी अधिक पात्र पेंशन धारकों के नाम बदल दिए गए। इस परिवर्तन में अपात्रों को शामिल कर लिया गया। पीड़ित पेंशन धारकों की शिकायत पर सीडीओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
पेंशन योजना का नाम बदलने के साथ ही गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। लक्ष्मीबाई पेंशन योजना खत्म कर इस वित्तीय वर्ष से समाजवादी पेंशन योजना लागू की गई है। पेंशन योजना का नाम बदला तो गांव के रोजगार सेवक से लेकर ब्लाक के कुछ कर्मियों पर आरोप लगे कि उन्होंने इस नाम परिवर्तन के साथ ही पेंशन पा रहे गरीबों को पेंशन से वंचित कर दिया है। यही नहीं उनके बदले ऐसे लोगों को पेंशन सूची में शामिल कर लिया जो पेंशन की पात्रता में नहीं आते हैं। जिनके पास पक्का मकान, ट्रैक्टर, बाइक आदि हैं और संपन्न हैं। इस संबंध में तमाम अपात्र विकलांग धनवती, विधवा जसोदा, जॉबकार्ड धारक सरिता समेत गरीब महिलाओं में सुशीला, शिला, ओमवती, रानी, माया, कुसुमा, सुखरानी, श्रीदेवी, सीतावती, बीरावती आदि करीब डेढ़ दर्जन महिलाओं ने सीडीओ से शिकायत की थी कि उनको पेंशन से वंचित किया जा रहा है। सीडीओ ने इनकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश किए हैं।
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पेंशन योजना का नाम बदलने के साथ ही गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। लक्ष्मीबाई पेंशन योजना खत्म कर इस वित्तीय वर्ष से समाजवादी पेंशन योजना लागू की गई है। पेंशन योजना का नाम बदला तो गांव के रोजगार सेवक से लेकर ब्लाक के कुछ कर्मियों पर आरोप लगे कि उन्होंने इस नाम परिवर्तन के साथ ही पेंशन पा रहे गरीबों को पेंशन से वंचित कर दिया है। यही नहीं उनके बदले ऐसे लोगों को पेंशन सूची में शामिल कर लिया जो पेंशन की पात्रता में नहीं आते हैं। जिनके पास पक्का मकान, ट्रैक्टर, बाइक आदि हैं और संपन्न हैं। इस संबंध में तमाम अपात्र विकलांग धनवती, विधवा जसोदा, जॉबकार्ड धारक सरिता समेत गरीब महिलाओं में सुशीला, शिला, ओमवती, रानी, माया, कुसुमा, सुखरानी, श्रीदेवी, सीतावती, बीरावती आदि करीब डेढ़ दर्जन महिलाओं ने सीडीओ से शिकायत की थी कि उनको पेंशन से वंचित किया जा रहा है। सीडीओ ने इनकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश किए हैं।
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