{"_id":"d5881649885c242c851c773fbcadfde6","slug":"pension-hindi-news-3","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवानिवृत निकाय कर्मियों को भी 50 प्रतिशत मासिक पेंशन!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवानिवृत निकाय कर्मियों को भी 50 प्रतिशत मासिक पेंशन!
अमर उजाला, बदायूं
Updated Sat, 28 Nov 2015 08:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश कुमार जौहरी ने इसे लेकर शासन स्तर के अफसरों और महासंघ के पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता की जानकारी दी। बताया कि निकायों में अकेंद्रीय सेवा के कर्मियों को सेवानिवृति पर अब तक 41.5 प्रतिशत पेंशन और आश्रित पत्नी को 10 वर्ष तक पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलता रहा है।
शासनादेश लागू होने के बाद सेवानिवृत निकाय कर्मियों को 50 प्रतिशत मासिक पेंशन और पारिवारिक पेंशन के रूप में आश्रित पत्नी को आजीवन पेंशन की सुविधा का लाभ मिलेगा। संशोधित शासनादेश के बाद सेवानिवृति के मामले पुन: पुनरीक्षित होंगे। साथ ही निकाय कर्मियों की सेवा नियमावली बनाए जाने की मांग पर शासन गंभीरता से विचार कर रहा है।
सातवें वेतन आयोग से असंतुष्ट
उझानी। स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश कुमार जौहरी एटक के स्टेट काउंसलर भी हैं। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लेकर जौहरी का कहना है कि रिपोर्ट में कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग खासकर सी और डी ग्रुप के कर्मियों को कोई विशेष लाभ मिलने वाला नहीं है। एटक पूरा मामला केंद्रीय स्तर पर उठाएगा। जरूरत पड़ी तो आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासनादेश लागू होने के बाद सेवानिवृत निकाय कर्मियों को 50 प्रतिशत मासिक पेंशन और पारिवारिक पेंशन के रूप में आश्रित पत्नी को आजीवन पेंशन की सुविधा का लाभ मिलेगा। संशोधित शासनादेश के बाद सेवानिवृति के मामले पुन: पुनरीक्षित होंगे। साथ ही निकाय कर्मियों की सेवा नियमावली बनाए जाने की मांग पर शासन गंभीरता से विचार कर रहा है।
विज्ञापन
सातवें वेतन आयोग से असंतुष्ट
उझानी। स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश कुमार जौहरी एटक के स्टेट काउंसलर भी हैं। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लेकर जौहरी का कहना है कि रिपोर्ट में कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग खासकर सी और डी ग्रुप के कर्मियों को कोई विशेष लाभ मिलने वाला नहीं है। एटक पूरा मामला केंद्रीय स्तर पर उठाएगा। जरूरत पड़ी तो आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
विज्ञापन