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संयम के बिना तप, पूजा और साधना रहती अधूरी : निखिल
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क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लेते बच्चें। संवाद
बिल्सी। मोहल्ला संख्या दो स्थित प्राचीन चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को दस लक्षण महापर्व के छठे दिन उत्तम संयम धर्म मनाया गया। प्रवचन में निखिल जैन ने कहा कि संयम के बिना तप, पूजा और साधना अधूरी मानी जाती है। इस दौरान वीरांगना मंडल की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत बच्चों की क्रिकेट प्रतियोगिता कराई गई। इसमें महावीर टीम ने पारसनाथ टीम को चार विकेट से हराया।
महावीर टीम ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया। पारसनाथ टीम ने 10 ओवर में 91 रन बनाए। जवाब में महावीर टीम ने छह विकेट खोकर 92 रन बनाकर चार विकेट से जीत दर्ज की। वंश जैन को एक विकेट और 36 रन बनाने पर मैन ऑफ द मैच चुना गया। वहीं, इससे पहले सुबह में शांति धारा, पूजन, भजन और आरती के साथ धार्मिक कार्यक्रम हुए।
शाम को निखिल जैन ने उत्तम संयम धर्म का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि संयम के बिना तप, पूजा और साधना अधूरी मानी जाती है। संयम आत्मा को शुद्ध करने और कर्मों के बंधन को रोकने का मार्ग है। मन और इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने वाला ही सच्चा विजेता है। स्पर्शन, रसना, नेत्र, कर्ण और मन सहित इंद्रियों को वश में रखना ही इंद्रिय संयम धर्म है। संयम से मन की चंचलता कम होती है और जीवन में मानसिक शांति बनी रहती है। कार्यक्रम में अध्यक्ष टीटू जैन, अनिल जैन सोनी, नीरज जैन, नीरेश जैन, आरती जैन, बबिता जैन, मोना जैन, इंदु जैन, पूजा जैन, नीलू जैन, मयंक जैन, अजीत जैन आदि मौजूद रहीं।
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महावीर टीम ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया। पारसनाथ टीम ने 10 ओवर में 91 रन बनाए। जवाब में महावीर टीम ने छह विकेट खोकर 92 रन बनाकर चार विकेट से जीत दर्ज की। वंश जैन को एक विकेट और 36 रन बनाने पर मैन ऑफ द मैच चुना गया। वहीं, इससे पहले सुबह में शांति धारा, पूजन, भजन और आरती के साथ धार्मिक कार्यक्रम हुए।
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शाम को निखिल जैन ने उत्तम संयम धर्म का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि संयम के बिना तप, पूजा और साधना अधूरी मानी जाती है। संयम आत्मा को शुद्ध करने और कर्मों के बंधन को रोकने का मार्ग है। मन और इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने वाला ही सच्चा विजेता है। स्पर्शन, रसना, नेत्र, कर्ण और मन सहित इंद्रियों को वश में रखना ही इंद्रिय संयम धर्म है। संयम से मन की चंचलता कम होती है और जीवन में मानसिक शांति बनी रहती है। कार्यक्रम में अध्यक्ष टीटू जैन, अनिल जैन सोनी, नीरज जैन, नीरेश जैन, आरती जैन, बबिता जैन, मोना जैन, इंदु जैन, पूजा जैन, नीलू जैन, मयंक जैन, अजीत जैन आदि मौजूद रहीं।
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