फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   PC Sharma's bail rejected again by Supreme Court

Budaun News: पीसी शर्मा की जमानत दोबारा सुप्रीम कोर्ट से खारिज

Thu, 16 Mar 2023 12:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:41 AM IST
विज्ञापन
PC Sharma's bail rejected again by Supreme Court
साधना शर्मा हत्याकांड
विज्ञापन

- वर्ष 2020 से जेल में है पीसी शर्मा, दो बार उच्च न्यायालय से खारिज हो चुकी है जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। डीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड में एक बार फिर मुख्य आरोपी पीसी शर्मा की सुप्रीम कोर्ट से जमानत खारिज हो गई है। यहां बता दें कि 23 मई 2016 को उनकी न्यायालय से घर उझानी जाते समय टवेरा कार से कुचलवाकर हत्या करा दी गई थी। पीसी शर्मा ने गुमराह करके साधना शर्मा की बहन विपर्णा गौड़ से ही एफआईआर दर्ज करवाई थी, लेकिन जब इसकी विवेचना हुई तो हत्याकांड का खुलासा हुआ।
उझानी निवासी डीजीसी साधना शर्मा की हत्या मुख्य आरोपी पीसी शर्मा ने कराई थी, जबकि पीसी शर्मा की पत्नी कमलेश शर्मा, उसका भाई धर्मेंद्र उर्फ कल्लू, साला गिरीश मिश्रा, साधना शर्मा की सगी बहन श्रद्धा गुप्ता, बहनोई श्रवण गुप्ता इसमें शामिल थे। इन्होंने सुपारी देकर आरोपी मस्ताना, इशरत, पिंटू उर्फ नरेंद्र, राजू उर्फ रियाज, मोहब्बत उर्फ साजिद और यासीन उर्फ बाबा से हत्या कराई थी। पुलिस ने सभी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की।
विज्ञापन

20 अगस्त 2016 को पीसी शर्मा लखनऊ के मलिहाबाद से ट्रेन में गिरफ्तार हुआ था। उसकी जमानत पहले बदायूं से खारिज हुई। 26 अप्रैल 2017 को उच्च न्यायालय से मंजूर हो गई। अक्तूबर 2017 में साधना की बहन विपर्णा गौड़ ने उसकी जमानत निरस्त कराने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका डाली और खुद बहस करके छह मार्च 2020 को जमानत खारिज कराई। दो जुलाई 2020 से पीसी शर्मा जेल में है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से भी पहली जमानत खारिज हो गई। अपने बेटे की शादी में भी उसे पैरोल पर नहीं छोड़ा गया था। वर्ष 2021 में उसने उच्च न्यायालय में दूसरा जमानत प्रार्थना पत्र दिया। इसमें भी विपर्णा गौड़ ने स्वयं बहस की और उसकी जमानत खारिज कर न्यायालय ने छह माह में विचारण पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इसमें अब तक आठ लोगों की गवाही हो चुकी है। अगली सुनवाई 18 मार्च को है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बदायूं जेल में ट्रांसफर कराने की कोशिश कर रहा है पीसी शर्मा
विपर्णा गौड़ ने बताया कि पीसी शर्मा ने स्वयं जिरह करने और बदायूं जेल में ट्रांसफर कराने के लिए प्रार्थना पत्र पेश किए थे। जिन्हें एससी/एसटी कोर्ट न्यायाधीश शारिक सिद्दीकी ने खारिज कर दिया था। साथ ही उसे चेतावनी के साथ आदेशित किया कि वह भविष्य में सरसरी तौर पर दुर्भावना से प्रेरित होकर ट्रायल में बाधा डालने को प्रार्थना पत्र न दे। अब उसने फिर से जेल से अंतरिम बेल के लिए और बदायूं जेल में ट्रांसफर कराने के लिए प्रार्थना पत्र डाला है। 18 मार्च को उस पर सुनवाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed