{"_id":"699b4c73c793064b1f016a75","slug":"parks-built-in-75-gram-panchayats-are-in-bad-condition-badaun-news-c-123-1-sbly1001-157762-2026-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: 75 ग्राम पंचायतों में बने पार्क बदहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: 75 ग्राम पंचायतों में बने पार्क बदहाल
विज्ञापन
बगरैन में स्थित पार्क। संवाद
बदायूं। जिले की 75 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पार्कों का निर्माण कराया गया था। पार्कों का उद्देश्य था कि गांव के बच्चे सुरक्षित वातावरण में खेल सकें और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें। साथ ही ग्रामीणों को भी खुली जगह मिल सके, लेकिन समय के साथ ये पार्क बदहाली का शिकार हो गए हैं।
जिले के सभी 15 ब्लॉकों के पांच-पांच ग्राम पंचायतों में पार्क बनाने के निर्देश तत्कालीन डीएम दीपा रंजन ने दिए थे। कहा था कि इनके बन जाने के बाद अगले चरण में अन्य ग्राम पंचायतों में पार्क बनवाए जाएंगे। ऐसे में पहले चरण में जिले की 75 ग्राम पंचायतों का चयन कर उनमें पार्क बनवाए गए।
देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे अधिकतर ग्राम पंचायतों में बने पार्कों की हालत अब बदहाल है। पार्कों में घनी झाड़ियां और बड़ी-बड़ी घास उग आई हैं। ऐसे में बच्चों का वहां खेलना तो दूर, आना-जाना भी मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि कुछ गांवों में ग्रामीणों ने पार्कों को कूड़ा डालने की जगह बना लिया है।
विज्ञापन
घरेलू कचरा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट यहां फेंके जा रहे हैं, जिससे गंदगी और बदबू फैल रही है। इसका सीधा असर बच्चों और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ग्रामीण रमेश, सोनू का कहना है कि यदि ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग नियमित रूप से सफाई कराएं और देखरेख की जिम्मेदारी तय करें तो इन पार्कों का सही उपयोग हो सकता है।
विज्ञापन
जिले के सभी 15 ब्लॉकों के पांच-पांच ग्राम पंचायतों में पार्क बनाने के निर्देश तत्कालीन डीएम दीपा रंजन ने दिए थे। कहा था कि इनके बन जाने के बाद अगले चरण में अन्य ग्राम पंचायतों में पार्क बनवाए जाएंगे। ऐसे में पहले चरण में जिले की 75 ग्राम पंचायतों का चयन कर उनमें पार्क बनवाए गए।
विज्ञापन
देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे अधिकतर ग्राम पंचायतों में बने पार्कों की हालत अब बदहाल है। पार्कों में घनी झाड़ियां और बड़ी-बड़ी घास उग आई हैं। ऐसे में बच्चों का वहां खेलना तो दूर, आना-जाना भी मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि कुछ गांवों में ग्रामीणों ने पार्कों को कूड़ा डालने की जगह बना लिया है।
विज्ञापन
घरेलू कचरा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट यहां फेंके जा रहे हैं, जिससे गंदगी और बदबू फैल रही है। इसका सीधा असर बच्चों और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ग्रामीण रमेश, सोनू का कहना है कि यदि ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग नियमित रूप से सफाई कराएं और देखरेख की जिम्मेदारी तय करें तो इन पार्कों का सही उपयोग हो सकता है।

बगरैन में स्थित पार्क। संवाद