‘पंचशील नियम अपनाने से हो जाता है कल्याण’
तहसील क्षेत्र के गांव खैरातीनगर में बुद्ध पूर्णिमा त्रिविधि पावन पर्व धूमधाम से मनाया गया। गांव में भगवान बुद्ध के अनुनायियों ने पंचशील ध्वजों के साथ प्रभात फेरी निकाली, जिसमें बच्चों एवं महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जगह-जगह स्वागत किया गया। यहां सबसे पहले भगवान बुद्ध की वंदना की गई। उसके बाद बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। अगरपाल एवं माखन लाल शाक्य ने बुध्द की जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। बाद में यहां खीर का प्रसाद वितरित किया गया। शाम को सभी ने अपने-अपने घरों पर मोमबत्ती लगाकर प्रकाश किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कुंवरपाल शाक्य, ब्रजपाल, मंगलीराम, रामदयाल, नरेश पाल, नरसिंह, नरेंद्र पाल, भूदेवी, सावित्री, कटोरी देवी, रामप्यारी आदि का विशेष सहयोग रहा। इधर, बौद्ध जाग्रति मिशन के तत्वावधान में नगर के मोहल्ला संख्या पांच स्थित पंचशील भवन पर भी बुध्द जंयती धूमधाम से मनाई गई। मौर्य-शाक्य महासभा के जिलाध्यक्ष रामेश्वर शाक्य ने कहा कि आज के ही दिन भगवान बुद्ध ने शाक्य वंश के राजा के यहां जन्म लिया। घोर तपस्या कर मानव जाति के कल्याण के लिए पंचशील नियम बताएं। उन्होंने कहा कि जो पांच नियमों को मानव अपनाता है उसका कल्याण अवश्य हो जाता है।
इस मौके पर डा. बीपी मौर्य, चंद्रपाल सिंह, मुकेश मौर्य, हरीराम, आशाराम, खूब चंद्र शाक्य, राकेश कुमार सिंह, नितिन, सपना पाल आदि मौजूद रहे। वहीं क्षेत्र के बिचौला, वहेटागुसाई गांव में भी लोगों ने बुद्ध जयंती मनाई।