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Budaun News: रोडवेेज की 143 में से 38 बसें खटारा
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डिबाई पुल पर ब्रेक डाउन में होने के बाद खड़ी रोडवेज की बस संख्या ़364। स्रोत:यात्री
बदायूं। डिपो में 38 बसें खटारा हो चुकी हैं। हालांकि अभी इन बसों के संचालन पर रोक नहीं लगाई गई है। विभाग का दावा है कि आदेश आने के बाद इन बसों को नीलामी के लिए भेजा जाएगा। ऐसे में इन बसाें से यात्रियों को लाया और ले जाया जा रहा है। कभी-कभी ये बसें रास्ते में खराब भी हो जा रहीं हैं।
बदायूं डिपो के बेड़े में निगम की 143 और अनुबंधित 32 बसें हैं। निगम की 143 में से 38 बसें ऐसी हैं, जो 10 वर्ष से ज्यादा पुरानी हैं। इनके दिल्ली में प्रवेश पर पाबंदी है। डेढ़ लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर चुकीं बसों की नीलामी होनी है, लेकिन अब तक ऐसा कोई आदेश निगम का नहीं मिला है। पिछले दिनों 13 बसों की ही नीलामी हो पाई थी।
वर्कशॉप में 15 बसें खड़ी हैं, जिनकी मरम्मत होनी है। नई बसों के मिलने के बाद उनको दिल्ली रूट पर संचालित तो कर दिया गया है, लेकिन रूट से पुरानी बसों को हटाया नहीं गया है। कई बार तो डिपो की बसें रास्ते में खड़ी हो जाती हैं।
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डिबाई की पुलिया पर खराब हुई बस
बस संख्या यूपी 25 डीटी 1586 एक लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी है। इसको लगातार दिल्ली भेजा जा रहा है। सोमवार को बस डिबाई की पुलिया पर ब्रेक डाउन में आ गई। इससे बस में बैठे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करीब आधा घंटे तक यात्री बस में ही बैठे रहे। गर्मी में वह पसीना पसीना हो गए।
चालक नीरज कुमार ने बताया कि गाड़ी खटारा है, लेकिन उसका संचालन कराया जा रहा है। आए दिन बसें रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। तीन बसों में यात्रियों को ट्रांसफर किया गया है। आधे घंटे तक गर्मी में यात्री परेशान रहे। कुछ यात्रियों ने चालक-परिचालक से अभद्रता तक कर दी।
वर्कशॉप प्राइवेट में जाने के बाद से नहीं होता कोई काम
चालक नीरज कुमार ने बताया कि जब से वर्कशॉप की जिम्मेदारी प्राइवेट में गई है, तब से गाड़ियों में ठीक ढंग से काम नहीं हो रहा है। काम चलाऊ मरम्मत कर चालकों की जान जोखिम में डाली जा रही है। सोमवार को गाड़ी की सभी बेल्डिंग टूटने से डिबाई की पुलिया पर हादसा होने से बच गया। कहा, शासन का आदेश है कि खराबी के कारण 21 दिनों तक बस खड़ी नहीं रहनी चाहिए, लेकिन यहां तो एक महीने से कई बसें मरम्मत का इंतजार कर रहीं हैं। इससे यात्रियों को परेशान हो रही हैं।
पुरानी बसों की नीलामी निगम के मुख्यालय के आदेश के बाद होती है। अभी कोई आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद पुरानी बसों को नीलामी के लिए भेजा जाएगा। जो बसें चलने में दिक्कत कर रहीं है उनको वर्कशॉप में खड़ा कराया जाएगा। समयसीमा के भीतर ही उन्हें दुरुस्त करा दिया जाएगा। -राजेश पाठक, एआरएम
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बदायूं डिपो के बेड़े में निगम की 143 और अनुबंधित 32 बसें हैं। निगम की 143 में से 38 बसें ऐसी हैं, जो 10 वर्ष से ज्यादा पुरानी हैं। इनके दिल्ली में प्रवेश पर पाबंदी है। डेढ़ लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर चुकीं बसों की नीलामी होनी है, लेकिन अब तक ऐसा कोई आदेश निगम का नहीं मिला है। पिछले दिनों 13 बसों की ही नीलामी हो पाई थी।
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वर्कशॉप में 15 बसें खड़ी हैं, जिनकी मरम्मत होनी है। नई बसों के मिलने के बाद उनको दिल्ली रूट पर संचालित तो कर दिया गया है, लेकिन रूट से पुरानी बसों को हटाया नहीं गया है। कई बार तो डिपो की बसें रास्ते में खड़ी हो जाती हैं।
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डिबाई की पुलिया पर खराब हुई बस
बस संख्या यूपी 25 डीटी 1586 एक लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी है। इसको लगातार दिल्ली भेजा जा रहा है। सोमवार को बस डिबाई की पुलिया पर ब्रेक डाउन में आ गई। इससे बस में बैठे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करीब आधा घंटे तक यात्री बस में ही बैठे रहे। गर्मी में वह पसीना पसीना हो गए।
चालक नीरज कुमार ने बताया कि गाड़ी खटारा है, लेकिन उसका संचालन कराया जा रहा है। आए दिन बसें रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। तीन बसों में यात्रियों को ट्रांसफर किया गया है। आधे घंटे तक गर्मी में यात्री परेशान रहे। कुछ यात्रियों ने चालक-परिचालक से अभद्रता तक कर दी।
वर्कशॉप प्राइवेट में जाने के बाद से नहीं होता कोई काम
चालक नीरज कुमार ने बताया कि जब से वर्कशॉप की जिम्मेदारी प्राइवेट में गई है, तब से गाड़ियों में ठीक ढंग से काम नहीं हो रहा है। काम चलाऊ मरम्मत कर चालकों की जान जोखिम में डाली जा रही है। सोमवार को गाड़ी की सभी बेल्डिंग टूटने से डिबाई की पुलिया पर हादसा होने से बच गया। कहा, शासन का आदेश है कि खराबी के कारण 21 दिनों तक बस खड़ी नहीं रहनी चाहिए, लेकिन यहां तो एक महीने से कई बसें मरम्मत का इंतजार कर रहीं हैं। इससे यात्रियों को परेशान हो रही हैं।
पुरानी बसों की नीलामी निगम के मुख्यालय के आदेश के बाद होती है। अभी कोई आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद पुरानी बसों को नीलामी के लिए भेजा जाएगा। जो बसें चलने में दिक्कत कर रहीं है उनको वर्कशॉप में खड़ा कराया जाएगा। समयसीमा के भीतर ही उन्हें दुरुस्त करा दिया जाएगा। -राजेश पाठक, एआरएम