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Budaun News: 140 इकाइयों में से 33 स्थापित, 46 प्रक्रिया में अटकीं, नौ निरस्त

Sat, 22 Mar 2025 11:56 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 Mar 2025 11:56 PM IST
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Out of 140 units, 33 have been installed, 46 are stuck in process, nine have been cancelled
यादवेंद्र पटेल। उद्यमी। - फोटो : दिबियापुर स्कूल के क्लास रूम में लगे फर्नीचर को देखतीं प्रधानाध्यापिका।
बदायूं। इकाइयां स्थापित करने में उद्यमियों को एक-एक साल लग रहा है, तब कहीं जाकर इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी हो पा रही है। करीब 22 उद्यमी ऐसे हैं जो आवेदन के बाद लंबी प्रक्रिया व एनओसी के नाम पर दफ्तरों में मांगी जा कीमत को देखते हुए साल भर से लौटे ही नहीं हैं। उद्यमियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा दिक्कतें औद्योगिक इकाई के लिए बैंक लोन और एनओसी लेने में आ रही है।
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जिले में 5806.82 करोड़ रुपये की लागत से 140 इकाइयां स्थापित करने के लिए उद्यमियों ने आवेदन किए थे। इनमें 33 इकाइयां स्थापित करा दी गईं, जबकि 46 को स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। 22 आवेदकों को निरस्त करने के लिए इंवेस्ट यूपी के अधिकारियों को भेजा गया है। इनमें से नौ आवेदनों को रद्द कर दिया गया है। 39 आवेदन ऐसे हैं, जिनके आवेदन ही अपूर्ण पाए गए हैं।
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उद्यमियों का कहना है कि शासन की मंशा के अनुसार उनको सुविधा नहीं मिल पा रही। उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष नवनीत गुप्ता उर्फ शोन्टू ने बताया कि कि औद्योगिक क्षेत्र में जमीन उपलब्ध नहीं होने पर भूमि को औद्योगिक की श्रेणी में लाने के लिए तहसील और एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। भवन के लिए नक्शा पास कराना, फायर एनओसी, श्रम विभाग, प्रदूषण नियंत्रण, बैंक से लोन पास कराना और जिला उद्योग केंद्र से उद्यम आधार प्रमाणपत्र आदि बनवाना आसान नहीं है। सबसे ज्यादा दिक्कतें औद्योगिक इकाई के लिए बैंक लोन व एनओसी लेने में आ रही है।
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सिंगल विंडो का फरमान हवा-हवाई
उद्यमियों के लिए शासन द्वारा एकल खिड़की पर सभी प्रक्रिया पूरी करने का दावा हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने वाले उद्यमियों से विभागों में एनओसी के नाम पर मनमानी धन उगाही की जाती है।

उद्यमियों ने बताई अपनी-अपनी परेशानी

लखनऊ बीडीए से लेनी पड़ी एनओसी
एचपी स्मार्ट सिटी स्थापित करने के लिए साल भर पहले आवेदन किया था। प्रोजेक्ट करीब 60 करोड़ से अधिक का है। जिले की हर उद्यमी बैठक में समस्या से अवगत कराते आ रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। लखनऊ बीडीए से एनओसी ले ली है। सबसे अधिक दिक्कत बैंकों में आती है। यहां तो बिना कमीशन फाइल आगे ही नहीं बढ़ाई जाती, जबकि डीएम लगातार बैंक प्रबंधकों को चेतावनी भी देती हैं, लेकिन कोई असर नहीं होता। इसके अलावा पांच अन्य इकाई स्थापित करने को प्रक्रिया चल रही है- यादवेंद्र पटेल, उद्योगपति



एक साल बाद भी धारा 80 की पूरी नहीं हुई कार्रवाई
अविरल डेयरी की इकाई स्थापित करने के लिए एक साल पहले आवेदन किया था। कागजी कार्रवाई पूरी होने में पूरा साल गुजर गया। अभी भी मामला धारा 80 की कार्रवाई पूरी करने में अटका हुआ है। धारा 80 की कार्रवाई पूरी हो जाए तब जाकर इकाई स्थापित हो सके। बाकी प्रक्रिया सभी पूरी हो चुकी हैं। -राजीव कुमार यादव, उद्यमी


22 उद्यमियों ने आवेदन करने के बाद से संपर्क नहीं साधा है। ऐसे लोगों के आवेदन निरस्त करने के लिए इंवेस्ट यूपी को प्रस्ताव भेजा गया है। नौ आवेदन रद्द किए जा चुके हैं। उद्यमियों को कार्यालय से कोई दिक्कत नहीं होने दी जा रही है। कहीं किसी को कोई दिक्कत है तो वह कार्यालय में बता सकते हैं। उनकी हर संभव मदद करने को तैयार हैं। - अशोक उपाध्याय, उपायुक्त उद्योग विभाग

यादवेंद्र पटेल। उद्यमी।

यादवेंद्र पटेल। उद्यमी।- फोटो : दिबियापुर स्कूल के क्लास रूम में लगे फर्नीचर को देखतीं प्रधानाध्यापिका।

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