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पटपरागंज के एमआरएफ सेंटर में कूड़ा डालने का विरोध पुुन: शुरू
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उझानी। नगर पालिका परिषद के पटपरागंज स्थित एमआरएफ सेंटर परिसर में तीन दिन से कूड़ा पड़ना पुन: शुरू हो गया है। इसका विरोध करते हुए मंगलवार को ग्रामीण सेंटर के गेट पर पहुंच गए और कूड़ा लदे वाहनों को भीतर नहीं जाने दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वाहन सेंटर में जा सके। पुलिस ने ग्रामीणों को बताया कि सेंटर में कूड़ा निस्तारण प्लांट शुरू हो चुका है। ऐसे में उन्हें दुर्गंध जैसी परेशानी नहीं होगी।
पटपरागंज के एमआरएफ सेंटर पर कूड़ा डालने के विरोध में जुटे ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह नगर पालिका परिषद के कूड़ा लदे वाहनों को गेट पर ही रोक लिया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने उन्हें समझाया कि नगर पालिका परिषद प्रशासन की ओर से कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ऐसे में विरोध करना गलत है।
इसके बाद ग्रामीण पहले पालिका कार्यालय, फिर कोतवाली में पुलिस से शिकायत करने पहुंचे। ग्रामीण अवनीश और प्रदीप कुमार ने बताया कि सेंटर परिसर में कूड़े के ढेर लगे होने से सड़ांध निकलती है। हवा के साथ कूड़ा उड़कर खेतों में फैल जाता है। इसके चलते फसलों को नुकसान के साथ लोगों की सेहत खराब हो सकती है।
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ग्रामीणों ने कहा कि पिछले साल भी इसका विरोध किया गया था, तब तत्कालीन अधिकारियों ने एमआरएफ सेंटर परिसर में कूड़ा डालने पर रोक लगा दी थी। अब फिर पालिका प्रशासन उन्हें परेशानी में डालने की कोशिश कर रहा है। कोतवाली और पालिका कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों में ऊदल सिंह, ननीलेश, अमरजीत, सोनवीर सिंह, पानसिंह, दुर्विजय सिंह, चरन सिंह, सोनू, अमरपाल आदि शामिल थे।
कई दिनों तक सड़क किनारे खाली कराए गए थे कूड़ा लदे वाहन
उझानी नगर पालिका परिषद के दो एमआरएफ सेंटर हैं। एक पटपरागंज तो दूसरा नरऊ के पास है। पिछले साल विरोध के बाद पटपरागंज का सेंटर बंद कर दिया गया था। इसके बाद पालिका के कूड़ा लदे वाहनों को खाली कराने का संकट पैदा हो गया था। पालिका ने करीब एक महीना तक कछला के सेंटर में वाहन का कूड़ा खाली कराया। सड़क किनारे भी कूड़ा डाला गया था। नरऊ के सेंटर की क्षमता काफी कम होने की वजह से दिक्कत आई तो पालिका को पटपरागंज के सेंटर की ओर पुन: रुख करना पड़ा।
पटपरागंज के एमआरएफ सेंटर परिसर में तीन दिन पहले कूड़ा लदे वाहनों को खाली कराना शुरू किया गया है। ग्रामीणों के विरोध की वजह से पुलिस का भी सहयोग लेना पड़ा था। परिसर में कूड़े का निस्तारण शुरू हो गया है। अब कूड़े के ढेर लगने की आशंका नहीं है। हां, पिछले साल तक कूड़ा निस्तारण में दिक्कत आ रही थी। - मणि जी सैनी, ईओ
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पटपरागंज के एमआरएफ सेंटर पर कूड़ा डालने के विरोध में जुटे ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह नगर पालिका परिषद के कूड़ा लदे वाहनों को गेट पर ही रोक लिया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने उन्हें समझाया कि नगर पालिका परिषद प्रशासन की ओर से कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ऐसे में विरोध करना गलत है।
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इसके बाद ग्रामीण पहले पालिका कार्यालय, फिर कोतवाली में पुलिस से शिकायत करने पहुंचे। ग्रामीण अवनीश और प्रदीप कुमार ने बताया कि सेंटर परिसर में कूड़े के ढेर लगे होने से सड़ांध निकलती है। हवा के साथ कूड़ा उड़कर खेतों में फैल जाता है। इसके चलते फसलों को नुकसान के साथ लोगों की सेहत खराब हो सकती है।
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ग्रामीणों ने कहा कि पिछले साल भी इसका विरोध किया गया था, तब तत्कालीन अधिकारियों ने एमआरएफ सेंटर परिसर में कूड़ा डालने पर रोक लगा दी थी। अब फिर पालिका प्रशासन उन्हें परेशानी में डालने की कोशिश कर रहा है। कोतवाली और पालिका कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों में ऊदल सिंह, ननीलेश, अमरजीत, सोनवीर सिंह, पानसिंह, दुर्विजय सिंह, चरन सिंह, सोनू, अमरपाल आदि शामिल थे।
कई दिनों तक सड़क किनारे खाली कराए गए थे कूड़ा लदे वाहन
उझानी नगर पालिका परिषद के दो एमआरएफ सेंटर हैं। एक पटपरागंज तो दूसरा नरऊ के पास है। पिछले साल विरोध के बाद पटपरागंज का सेंटर बंद कर दिया गया था। इसके बाद पालिका के कूड़ा लदे वाहनों को खाली कराने का संकट पैदा हो गया था। पालिका ने करीब एक महीना तक कछला के सेंटर में वाहन का कूड़ा खाली कराया। सड़क किनारे भी कूड़ा डाला गया था। नरऊ के सेंटर की क्षमता काफी कम होने की वजह से दिक्कत आई तो पालिका को पटपरागंज के सेंटर की ओर पुन: रुख करना पड़ा।
पटपरागंज के एमआरएफ सेंटर परिसर में तीन दिन पहले कूड़ा लदे वाहनों को खाली कराना शुरू किया गया है। ग्रामीणों के विरोध की वजह से पुलिस का भी सहयोग लेना पड़ा था। परिसर में कूड़े का निस्तारण शुरू हो गया है। अब कूड़े के ढेर लगने की आशंका नहीं है। हां, पिछले साल तक कूड़ा निस्तारण में दिक्कत आ रही थी। - मणि जी सैनी, ईओ