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Budaun News: सीएचसी में सुबह आठ बजे से शुरू नहीं हुई ओपीडी, डॉक्टरों की कुर्सियां रहीं खाली
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वजीरगंज में बंद पड़ी सीएचसी। संवाद
बदायूं। जिले में 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की शुक्रवार सुबह आठ से दस बजे तक पड़ताल की गई तो सरकारी चिकित्सा सेवाओं की हकीकत सामने आई। पाया गया कि समय से अस्पताल नहीं खुल रहे हैं, जो समय से खुले मिले वहां डॉक्टर व चिकित्साकर्मी समय से नहीं पहुंचे थे। मरीजों को इंतजार करना पड़ा।
सैदुपर, वजीरगंज, इस्लामनगर, बिल्सी, उझानी, सहसवान स्थित सीएचसी की पड़ताल में पता चला कि कहीं एक्सरे मशीन शोपीस बनी हुई थी तो कुछ अस्पतालों में एक्सरे करने के लिए फिल्म ही नहीं थी। अधिकतर अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिली। वैक्सीन के लिए मरीजों को जिला अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही थी।
चिकित्सा अधीक्षक ही नौ बजे पहुंचे, तब शुरू हुई ओपीडी
वजीरगंज। सुबह 8.05 बजे गेट तो खुला था पर कोई था नहीं। आधा घंटे इंतजार किया तब तक कोई नहीं पहुंचा था। साफ-सफाई करने के लिए कर्मचारी भी नहीं आया था, जबकि ओपीडी का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक का है। चिकित्साधीक्षक डॉ. राजकुमार को फोन कॉल की गई तो वह बोले- आ रहे हैं। वह भी नौ बजे अस्पताल पहुंचे और तब ओपीडी शुरू की गई। अस्पताल परिसर में कुछ स्थानों पर सफाई नहीं थी। कूड़ा पड़ा था। संवाद
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सैदपुर सीएचसी में दो डॉक्टरों के कक्ष मिले बंद
सैदपुर। सुबह 8.25 बजे, डॉ. असरफ मरीजों को दवा दे रहे थे। बाकी के डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे। उनके कक्ष बंद थे। एक्सरे मशीन की सुविधा न होने की वजह से खांसी के मरीजों को सिर्फ दवा के साथ परामर्श दिया गया। मरीज ने कहा कि एक्सरे कराना है तो बताया गया कि जिला मुख्यालय जाना होगा। शौचालय में गंदगी थी, बदबू से रुकना दूभर हो रहा था। स्वच्छता के नारे का यहां मजाक बनता दिखाई पड़ा। ओपीडी में 10 बजे तक छह मरीज देखे गए। संवाद
अस्पताल 8: 30 बजे खुला, मरीजों को नहीं मिले डॉक्टर
बिल्सी। सुबह 8.30 बजे अस्पताल खुला था। ओपीडी में डॉक्टरों की कुर्सी खाली पड़ी थीं। एक्सरे कराने आए अंबियापुर निवासी भगवानदास ने एक घंटे तक डॉक्टर आने का इंतजार किया तब कहीं जाकर डॉक्टर और स्टाफ पहुंचा। एक्सरे मशीन की सुविधा न होने पर उसे बदायूं भेज दिया गया। संवाद
एक साल से नहीं चल रही एक्सरे मशीन, लौट रहे मरीज
सहसवान। सुबह 8.30 बजे अस्पताल खुला मिला। डायरिया और बुखार के मरीज दवा ले रहे थे। एक्सरे रूम में टेक्नीशियन मौजूद थे। यहां बता दें कि बीते एक साल से मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। चौकी नंबर चार निवासी मरीज खुशनुमा एक्सरे कराने पहुंचीं थीं। टेक्नीशियन कृष्ण बल्लभ चतुर्वेदी ने एक्सरे फिल्म न होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया। संवाद
प्रभारी चिकित्साधिकारी के कक्ष में पड़ा था ताला
इस्लामनगर। सुबह 8.10 बजे ओपीडी खाली पड़ी थी। सीएचसी पर तीन चिकित्सकों की तैनाती है। सुबह नौ बजे एक डॉक्टर पहुंचे जो बीयूएमएस डिग्री धारक हैं। अस्पताल में दो एमबीबीएस डाॅक्टर हैं जो मौजूद नहीं थे। कर्मचारी भी गायब थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी रोहित पटेल के कक्ष में ताला लगा था। मरीजों की सुविधाओं के लिए एक्सरे मशीन नहीं है। मरीज जिला मुख्यालय के लिए रेफर किए जा रहे थे। संवाद
विशेषज्ञों की कमी, रेफर किए जाते हैं मरीज
उझानी। सुबह 8.35 बजे तक डॉक्टर और स्टाफ नहीं पहुंचा था। हालांकि अस्पताल समय से खोल दिया गया था। जांचों की व्यवस्था है। मरीजों को नौ बजे के बाद ही दवा मिल सकी। डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, जिससे गंभीर होने पर हायर सेंटर या फिर जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। संवाद
सीएचसी के सभी प्रभारियों को समय से ओपीडी करने की हिदायत कई बार दी जा चुकी है। समय-समय पर चेक भी किया जा रहा है। देर से आने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों का वेतन भी काटा जा चुका है। अब फिर लगातार चेक किया जाएगा, देर से आने वालों पर विभागीय कार्रवाई भी कराएंगे। - डॉ. अब्दुल सलाम, सीएमओ
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सैदुपर, वजीरगंज, इस्लामनगर, बिल्सी, उझानी, सहसवान स्थित सीएचसी की पड़ताल में पता चला कि कहीं एक्सरे मशीन शोपीस बनी हुई थी तो कुछ अस्पतालों में एक्सरे करने के लिए फिल्म ही नहीं थी। अधिकतर अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिली। वैक्सीन के लिए मरीजों को जिला अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही थी।
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चिकित्सा अधीक्षक ही नौ बजे पहुंचे, तब शुरू हुई ओपीडी
वजीरगंज। सुबह 8.05 बजे गेट तो खुला था पर कोई था नहीं। आधा घंटे इंतजार किया तब तक कोई नहीं पहुंचा था। साफ-सफाई करने के लिए कर्मचारी भी नहीं आया था, जबकि ओपीडी का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक का है। चिकित्साधीक्षक डॉ. राजकुमार को फोन कॉल की गई तो वह बोले- आ रहे हैं। वह भी नौ बजे अस्पताल पहुंचे और तब ओपीडी शुरू की गई। अस्पताल परिसर में कुछ स्थानों पर सफाई नहीं थी। कूड़ा पड़ा था। संवाद
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सैदपुर सीएचसी में दो डॉक्टरों के कक्ष मिले बंद
सैदपुर। सुबह 8.25 बजे, डॉ. असरफ मरीजों को दवा दे रहे थे। बाकी के डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे। उनके कक्ष बंद थे। एक्सरे मशीन की सुविधा न होने की वजह से खांसी के मरीजों को सिर्फ दवा के साथ परामर्श दिया गया। मरीज ने कहा कि एक्सरे कराना है तो बताया गया कि जिला मुख्यालय जाना होगा। शौचालय में गंदगी थी, बदबू से रुकना दूभर हो रहा था। स्वच्छता के नारे का यहां मजाक बनता दिखाई पड़ा। ओपीडी में 10 बजे तक छह मरीज देखे गए। संवाद
अस्पताल 8: 30 बजे खुला, मरीजों को नहीं मिले डॉक्टर
बिल्सी। सुबह 8.30 बजे अस्पताल खुला था। ओपीडी में डॉक्टरों की कुर्सी खाली पड़ी थीं। एक्सरे कराने आए अंबियापुर निवासी भगवानदास ने एक घंटे तक डॉक्टर आने का इंतजार किया तब कहीं जाकर डॉक्टर और स्टाफ पहुंचा। एक्सरे मशीन की सुविधा न होने पर उसे बदायूं भेज दिया गया। संवाद
एक साल से नहीं चल रही एक्सरे मशीन, लौट रहे मरीज
सहसवान। सुबह 8.30 बजे अस्पताल खुला मिला। डायरिया और बुखार के मरीज दवा ले रहे थे। एक्सरे रूम में टेक्नीशियन मौजूद थे। यहां बता दें कि बीते एक साल से मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। चौकी नंबर चार निवासी मरीज खुशनुमा एक्सरे कराने पहुंचीं थीं। टेक्नीशियन कृष्ण बल्लभ चतुर्वेदी ने एक्सरे फिल्म न होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया। संवाद
प्रभारी चिकित्साधिकारी के कक्ष में पड़ा था ताला
इस्लामनगर। सुबह 8.10 बजे ओपीडी खाली पड़ी थी। सीएचसी पर तीन चिकित्सकों की तैनाती है। सुबह नौ बजे एक डॉक्टर पहुंचे जो बीयूएमएस डिग्री धारक हैं। अस्पताल में दो एमबीबीएस डाॅक्टर हैं जो मौजूद नहीं थे। कर्मचारी भी गायब थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी रोहित पटेल के कक्ष में ताला लगा था। मरीजों की सुविधाओं के लिए एक्सरे मशीन नहीं है। मरीज जिला मुख्यालय के लिए रेफर किए जा रहे थे। संवाद
विशेषज्ञों की कमी, रेफर किए जाते हैं मरीज
उझानी। सुबह 8.35 बजे तक डॉक्टर और स्टाफ नहीं पहुंचा था। हालांकि अस्पताल समय से खोल दिया गया था। जांचों की व्यवस्था है। मरीजों को नौ बजे के बाद ही दवा मिल सकी। डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, जिससे गंभीर होने पर हायर सेंटर या फिर जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। संवाद
सीएचसी के सभी प्रभारियों को समय से ओपीडी करने की हिदायत कई बार दी जा चुकी है। समय-समय पर चेक भी किया जा रहा है। देर से आने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों का वेतन भी काटा जा चुका है। अब फिर लगातार चेक किया जाएगा, देर से आने वालों पर विभागीय कार्रवाई भी कराएंगे। - डॉ. अब्दुल सलाम, सीएमओ

वजीरगंज में बंद पड़ी सीएचसी। संवाद

वजीरगंज में बंद पड़ी सीएचसी। संवाद

वजीरगंज में बंद पड़ी सीएचसी। संवाद

वजीरगंज में बंद पड़ी सीएचसी। संवाद

वजीरगंज में बंद पड़ी सीएचसी। संवाद