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Budaun News: सर्वे को भी एक माह बीता, नहीं आई आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट

Sun, 16 Feb 2025 11:48 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2025 11:48 PM IST
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One month has passed since the survey was done, IIT Roorkee's report has not arrived
बिसौली क्षेत्र में सोत नदी के वैकल्पिक मार्ग से गुजरते दो पहिया वाहन चालक। संवाद
बदायूं। दातागंज के मुड़ा पुल का काम पहले सर्वे की फीस के कारण करीब एक साल रुका रहा और अब सर्वे की रिपोर्ट को लेकर रुका हुआ है। मुड़ा पुल पर सर्वे हुए एक माह बीत गया, लेकिन अब तक आईआईटी रुड़की की टीम की रिपोर्ट नहीं आई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी)
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के स्थानीय अधिकारी भी इस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
दातागंज तहसील के गांव मुड़ा पुख्ता और फरीदपुर के बीच रामगंगा नदी पर बने पुल का संपर्क मार्ग 2023 में मार्ग बह गया था। रामगंगा नदी के जगह बदलने के कारण पीडब्ल्यूडी व सेतु निगम दोनों ही विभाग परेशान थे कि पुल को आगे बढ़ाया जाए या एप्रोच रोड को। इसके लिए रुड़की से विशेषज्ञों की टीम बुलाने का निर्णय लिया गया।
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रुड़की से टीम आने के लिए 29.30 लाख रुपये खर्च होने थे। मामला शासन में अटका हुआ था। इसी बीच 24 नवंबर 2024 को एक कार इस अधूरे पुल से नीचे गिर गई। इसमें कार सवार तीनों युवकों की मौत हो गई थी। चूंकि चालक गूगल मैप पर दिखाए रास्ते के अनुसार चल रहा था, इसलिए गूगल के अधिकारी के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
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मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना था। इसके बाद शासन ने रुड़की की टीम के सर्वे के लिए बजट जारी कर दिया। बीती सात जनवरी को रुड़की से विशेषज्ञों की टीम मुड़ा पुल पर पहुंची। यहां उन्होंने मिट्टी के नमूने लिए, पानी की धार को देखा। पुल के दोनों तरफ के रास्ते देखे। करीब पांच-छह घंटे तक टीम ने यहां रहकर एक-एक चीज का निरीक्षण किया। इसके बाद से अब रुड़की की टीम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
एक महीना गुजर गया, लेकिन अब तक रुड़की के इंजीनियरों की टीम की रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि रुड़की के इंजीनियरों की रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है। रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि यहां पर पुल बनाना ठीक रहेगा या एप्रोच रोड

गंगा की धारा पर चल रहा मंथन
बताया जा रहा है कि आईआईटी रुड़की के इंजीनियर गंगा की धार पर मंथन कर रहे हैं। तमाम डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। आगामी 50 वर्षों में धार का रुख कैसा रहेगा। मिट्टी की क्या स्थिति रहेगी आदि तमाम बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।


रुड़की के इंजीनियरों की टीम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। सर्वे करने के दौरान इंजीनियर दो महीने में रिपोर्ट देने को कह रहे थे। हालांकि उनसे जल्दी रिपोर्ट देने का कहा गया है। - नरेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी


फोटो- 32
सोत नदी के आसपास की झाड़ियां
हटाईं, निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं

बदायूं। कछला-शाहबाद राजमार्ग पर बिसौली में सोत नदी के पुल के नीचे अभी सड़क डालने का काम शुरू नहीं हो सका है। करीब एक करोड़ की लागत से पुल के नीचे रास्ता व पुलिया बनाई जानी है।

बता दें कि बिसौली में रानेट चौराहे पर सोत नदी पर बना करीब 50 साल पुराना पुल यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। मार्ग के बंद होने से क्षेत्र के करीब सौ गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया था। लोग दूसरे वैकल्पिक मार्गों से आ-जा रहे हैं।

रास्ता खराब होने के कारण लोग अब सोत नदी के पुल के नीचे से होकर गुजर रहे हैं। समस्या को देखते हुए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने यहां पुल के नीचे ही मार्ग बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जो कि स्वीकृत हो गया है। बजट पास होने के बाद टेंडर भी हो गए। बीती 12 फरवरी को यहां जेसीबी से झाड़ियां आदि हटाई गईं। इसके बाद लगा कि काम शुरू हो जाएगा, लेकिन निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है। संवाद

बिसौली क्षेत्र में सोत नदी के वैकल्पिक मार्ग से गुजरते दो पहिया वाहन चालक। संवाद

बिसौली क्षेत्र में सोत नदी के वैकल्पिक मार्ग से गुजरते दो पहिया वाहन चालक। संवाद

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