{"_id":"579cb8834f1c1bb04521e39a","slug":"on-the-trail-of-the-ca-act-the-ima-rebellion","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीए एक्ट को लेकर आईएमए बगावत की राह पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीए एक्ट को लेकर आईएमए बगावत की राह पर
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
डॉक्टरों ने मनाया विरोध दिवस, डीएम को ज्ञापन दिया
एक्ट लागू होने के बाद बंद हो जाएंगे छोटे अस्पताल
केंद्र सरकार की ओर से लागू किए जा रहे क्लीनिकल स्टेवलिशमेंट एक्ट के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बगावत की राह पकड़ ली है। शनिवार को आईएमए ने विरोध दिवस मनाया। बाद में डॉक्टरों के एक प्रतिनिधि मंडल ने डीएम सीपी त्रिपाठी से मिलकर मुख्यमंत्री के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। मांग की कि एक्ट में संशोधन जरूरी है। बिना संसोधन के एक्ट लागू किया जाता है तो देश के सभी क्लीनिक और छोटे अस्पताल बंद हो जाएंगे।
इससे पहले अल-फारिया हास्पिटल पर हुई बैठक में आईएमए के सचिव डॉ. इत्तेहाद आलम ने कहा कि एक्ट का विरोध किया जाएगा। केंद्र सरकार पश्चिमी देशों की तर्ज पर सीए एक्ट लागू कर रही है। यह बात सभी लोग जानते हैं कि भारत में 80 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाएं छोटे अस्पतालों और क्लीनिक चलाने वाले एमबीबीएस डॉक्टरों के सहारे हैं। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति किसी से छिपी हुई नहीं है। उन्होंने क्लीनिकल स्टेवलिशमेंट एक्ट में संशोधन की मांग की। डॉ. सीमा सरन ने कहा कि एक्ट लागू होने के बाद सभी अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ नर्स रखना जरूरी होगा। इतना ही नहीं किसी भी मरीज का इलाज उसकी सभी जांचें करने के बाद ही किया जाएगा। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं महंगी हो जाएगी। डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. शरद गुप्ता, डॉ. एके वर्मा ने भी मौजूदा एक्ट के प्रावधानों को जनविरोधी करार दिया।
बैठक के बाद डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम सीपी त्रिपाठी को सौंपा। इस मौके पर डॉ. सुरेश चंद्र नौगरिया, डॉ. परविंदर सिंह, डॉ. पारुल गुप्ता, डॉ. डीबी शाक्य, डॉ. बीपी सिंह, डॉ. विवेक जौहरी, डॉ. सीके जैन, डॉ. अरिहंत जैन, डॉ. एसबी अग्रवाल, डॉ. मंजू वर्मा, डॉ. सुधीर तोमर, डॉ. आदित्य हरी गुप्ता, डॉ. आनंद हरी गुप्ता, डॉ. मेजर एसके गुप्ता, डॉ. नीलकमल, डॉ. आरके अग्रवाल, डॉ. एसएन अग्रवाल, डॉ. सुनीती गुप्ता आदि रहे।
एक्ट लागू होने के बाद बंद हो जाएंगे छोटे अस्पताल
केंद्र सरकार की ओर से लागू किए जा रहे क्लीनिकल स्टेवलिशमेंट एक्ट के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बगावत की राह पकड़ ली है। शनिवार को आईएमए ने विरोध दिवस मनाया। बाद में डॉक्टरों के एक प्रतिनिधि मंडल ने डीएम सीपी त्रिपाठी से मिलकर मुख्यमंत्री के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। मांग की कि एक्ट में संशोधन जरूरी है। बिना संसोधन के एक्ट लागू किया जाता है तो देश के सभी क्लीनिक और छोटे अस्पताल बंद हो जाएंगे।
इससे पहले अल-फारिया हास्पिटल पर हुई बैठक में आईएमए के सचिव डॉ. इत्तेहाद आलम ने कहा कि एक्ट का विरोध किया जाएगा। केंद्र सरकार पश्चिमी देशों की तर्ज पर सीए एक्ट लागू कर रही है। यह बात सभी लोग जानते हैं कि भारत में 80 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाएं छोटे अस्पतालों और क्लीनिक चलाने वाले एमबीबीएस डॉक्टरों के सहारे हैं। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति किसी से छिपी हुई नहीं है। उन्होंने क्लीनिकल स्टेवलिशमेंट एक्ट में संशोधन की मांग की। डॉ. सीमा सरन ने कहा कि एक्ट लागू होने के बाद सभी अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ नर्स रखना जरूरी होगा। इतना ही नहीं किसी भी मरीज का इलाज उसकी सभी जांचें करने के बाद ही किया जाएगा। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं महंगी हो जाएगी। डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. शरद गुप्ता, डॉ. एके वर्मा ने भी मौजूदा एक्ट के प्रावधानों को जनविरोधी करार दिया।
विज्ञापन
बैठक के बाद डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम सीपी त्रिपाठी को सौंपा। इस मौके पर डॉ. सुरेश चंद्र नौगरिया, डॉ. परविंदर सिंह, डॉ. पारुल गुप्ता, डॉ. डीबी शाक्य, डॉ. बीपी सिंह, डॉ. विवेक जौहरी, डॉ. सीके जैन, डॉ. अरिहंत जैन, डॉ. एसबी अग्रवाल, डॉ. मंजू वर्मा, डॉ. सुधीर तोमर, डॉ. आदित्य हरी गुप्ता, डॉ. आनंद हरी गुप्ता, डॉ. मेजर एसके गुप्ता, डॉ. नीलकमल, डॉ. आरके अग्रवाल, डॉ. एसएन अग्रवाल, डॉ. सुनीती गुप्ता आदि रहे।
विज्ञापन