{"_id":"6876ac01dca680f7310b2270","slug":"on-the-sixth-day-of-the-maha-yagya-51-yajmans-performed-collective-jalabhishek-badaun-news-c-123-1-bdn1010-143165-2025-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: महायज्ञ के छठे दिन 51 यजमानों ने किया सामूहिक जलाभिषेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: महायज्ञ के छठे दिन 51 यजमानों ने किया सामूहिक जलाभिषेक
विज्ञापन
महायज्ञ के आयोजन में सामूहिक जलाभिषेक करते यजमान। संवाद
- फोटो : mathura
बदायूं। बिसौली के आदि माता काली शक्ति पीठ, शिव मंदिर प्रांगण में पंचकुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के छठे दिन 51 यजमानों ने वैदिक मंत्रों के साथ शिवलिंग का सामूहिक जलाभिषेक किया।
संत कुंज आश्रम, सतना (मध्यप्रदेश) से आए आचार्य राधेश्याम महाराज के सानिध्य में जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप किया। बाद में प्रतीक रूप में स्थापित बाबा भोलेनाथ के पिंड को गांव के समीप बहती धारा में विधिवत विसर्जित किया।
आचार्य ने कहा कि धर्म की रक्षा तभी संभव है, जब हम अपने जीवन में सेवा, श्रद्धा और सच्चे आचरण को स्थान दें। पूरे यज्ञ परिसर में घृत आहुतियों की सुगंध, मंत्रों की दिव्यता और जय श्रीराम के जयघोष से माहौल भक्तिमय रहा।
विज्ञापन
इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ स्थल की परिक्रमा कर पुण्य अर्जित किया। सोई आश्रम से आए फूल बाबा ने भक्ति की सरलता और प्रभाव को ईश्वर प्रेम का भावपूर्ण मार्ग बताया। राधारानी प्रेम सेवा समिति के सदस्यों ने सेवा कार्य किया। इस अवसर पर प्रमुख यजमान वीरेंद्र बाबू, विनोद यादव, जेई मनोज यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन
संत कुंज आश्रम, सतना (मध्यप्रदेश) से आए आचार्य राधेश्याम महाराज के सानिध्य में जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप किया। बाद में प्रतीक रूप में स्थापित बाबा भोलेनाथ के पिंड को गांव के समीप बहती धारा में विधिवत विसर्जित किया।
विज्ञापन
आचार्य ने कहा कि धर्म की रक्षा तभी संभव है, जब हम अपने जीवन में सेवा, श्रद्धा और सच्चे आचरण को स्थान दें। पूरे यज्ञ परिसर में घृत आहुतियों की सुगंध, मंत्रों की दिव्यता और जय श्रीराम के जयघोष से माहौल भक्तिमय रहा।
विज्ञापन
इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ स्थल की परिक्रमा कर पुण्य अर्जित किया। सोई आश्रम से आए फूल बाबा ने भक्ति की सरलता और प्रभाव को ईश्वर प्रेम का भावपूर्ण मार्ग बताया। राधारानी प्रेम सेवा समिति के सदस्यों ने सेवा कार्य किया। इस अवसर पर प्रमुख यजमान वीरेंद्र बाबू, विनोद यादव, जेई मनोज यादव मौजूद रहे।