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Budaun News: दूसरे दिन भी ज्येष्ठ पूर्णिमा पर डुबकी लगाकर की पूजा-अर्चना
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कछला में दूसरे दिन भी पूर्णिमा पर डुबकी लगाते श्रद्धालु। संवाद
उझानी/ कछला। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर दूसरे दिन भी कछला घाट पर गंगा स्नान किया गया। पहले दिन के मुकाबले हालांकि भीड़भाड़ काफी कम रही। गंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठान के बाद संकीर्तन किया गया।
गंगाघाट पर इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा का पहला स्नान शुक्रवार को हुआ था। हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने पहले दिन ही स्नान कर लिया था। शनिवार को फिर घाट पर जुटे श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में स्नान किया। सूर्यदेव को अर्घ्य भी दिया गया। गंगा मैय्या की स्तुति के बाद श्रद्धालुओं ने पुरोहितों के जरिये पूजन किया। पूजन कर उन्हें दक्षिणा भी भेंट की गई।
पुरोहितों में हरीओम शास्त्री ने बताया कि पहले दिन व्रत की पूर्णिमा थी। उस दिन भी स्नान का योग बना, सो श्रद्धालुओं में आस्था नजर आई। शनिवार दोपहर तक पूर्णिमा का नक्षत्र रहा। इसी लिए गंगा स्नान का क्रम चलता रहा। बदायूं और कासगंज जिले के छोर वाले घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़भाड़ में महिलाओं की संख्या भी कम नहीं रही। उनके साथ बच्चे भी स्नान को पहुंचे। बच्चों ने स्नान के बाद खेल-तमाशों का लुत्फ उठाया। इसके विपरीत, पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने गंगा में गहराई वाले स्थानों खतरे के मद्देनजर श्रद्धालुओं को उस ओर जाने नहीं दिया। नाविक भी खासकर पुल के पिलर के आसपास डटे रहे।
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आठ दिन में तीन बार करने पड़े पुलिस को विशेष इंतजाम
पहले दशहरा, फिर ज्येष्ठ पूर्णिमा पर दो दिन तक गंगा स्नान होने से पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन को तीन बार इंतजाम करने पड़े। दशहरा पर आसपास थानों के प्रभारियों के अलावा अतिरिक्त पुलिस फोर्स और पीएसी को भी लगाया गया था। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर कोतवाली पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने खुद ही इंतजाम किए। नगर पंचायत की ओर से प्राइवेट गोताखोरों और नाविकों को मेहनताना देकर व्यवस्थाओं में लगाया। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह और ईओ अब्दुल शबूर ने व्यवस्थाओं पर नजर रखी।
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गंगाघाट पर इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा का पहला स्नान शुक्रवार को हुआ था। हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने पहले दिन ही स्नान कर लिया था। शनिवार को फिर घाट पर जुटे श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में स्नान किया। सूर्यदेव को अर्घ्य भी दिया गया। गंगा मैय्या की स्तुति के बाद श्रद्धालुओं ने पुरोहितों के जरिये पूजन किया। पूजन कर उन्हें दक्षिणा भी भेंट की गई।
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पुरोहितों में हरीओम शास्त्री ने बताया कि पहले दिन व्रत की पूर्णिमा थी। उस दिन भी स्नान का योग बना, सो श्रद्धालुओं में आस्था नजर आई। शनिवार दोपहर तक पूर्णिमा का नक्षत्र रहा। इसी लिए गंगा स्नान का क्रम चलता रहा। बदायूं और कासगंज जिले के छोर वाले घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़भाड़ में महिलाओं की संख्या भी कम नहीं रही। उनके साथ बच्चे भी स्नान को पहुंचे। बच्चों ने स्नान के बाद खेल-तमाशों का लुत्फ उठाया। इसके विपरीत, पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने गंगा में गहराई वाले स्थानों खतरे के मद्देनजर श्रद्धालुओं को उस ओर जाने नहीं दिया। नाविक भी खासकर पुल के पिलर के आसपास डटे रहे।
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आठ दिन में तीन बार करने पड़े पुलिस को विशेष इंतजाम
पहले दशहरा, फिर ज्येष्ठ पूर्णिमा पर दो दिन तक गंगा स्नान होने से पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन को तीन बार इंतजाम करने पड़े। दशहरा पर आसपास थानों के प्रभारियों के अलावा अतिरिक्त पुलिस फोर्स और पीएसी को भी लगाया गया था। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर कोतवाली पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने खुद ही इंतजाम किए। नगर पंचायत की ओर से प्राइवेट गोताखोरों और नाविकों को मेहनताना देकर व्यवस्थाओं में लगाया। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह और ईओ अब्दुल शबूर ने व्यवस्थाओं पर नजर रखी।