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Budaun News: कागजों में चारा गुणवत्तापूर्ण, हकीकत में सूखा चारा भी गोवंशों को नसीब नहीं
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गोशाला में बीमार गोवंश का इलाज करते डॉक्टर। संवाद
- फोटो : 1
बदायूं। ब्यौर, अभिगांव, द्विवली पुख्ता और टिकाई पुख्ता की गोशालाओं में गोवंशों की मौतों ने सभी को झकझोरा है। उसावां, उसहैत और बिनावर थानों में चार एफआईआर कराई जा चुकी हैं। रिपोर्ट में लिखा है कि संचालक गोवंशों को चारा नहीं खिला रहे थे। सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा था। अब उसहैत, जगत, फैजगंज बेहटा व उसावां क्षेत्र की गोशालाओं में कराई गई पड़ताल में भी स्थिति खराब सामने आई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि गोशालाओं के सरकारी रिकॉर्ड में गोवंशों को गुणवत्तायुक्त चारा खिलाया जा रहा है, जबकि हकीकत में उन्हें सूखा चारा तक नसीब नहीं हो रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी के पांच संवाददाताओं ने कई गोशालाओं की पड़ताल की तो बदहाली साफ नजर आई।
द्विकली पुख्ता में बीमार गोवंशों को तिरपाल से ढका
उसहैत। ग्राम पंचायत टिकाई पुख्ता के अंतर्गत ग्राम द्विकली पुख्ता में बनी गोशाला की स्थिति बेहद खराब है। यहां क्षमता से ज्यादा गोवंश यहां हैं। 115 की क्षमता वाली गाेशाला में 180 पशु हैं। पशुओं के बैठने, घूमने तक की भी पर्याप्त जगह नहीं है। गोवंशों को सूखा भूसा खिलाया जा रहा है। लगभग 100 पशु बिना टैग के पाए गए। चार गाेवंशों को पुराने तिरपाल से छिपाकर एक कोने में रखा गया था, उनकी हालत बेहद खराब है। केयर टेकर ने बताया कि एक-दो महीने पहले तक भूसे के साथ चोकर भी दिया जाता था, लेकिन अब नहीं दिया जा रहा। 2-3 महीने से ठेकेदार भी गोशाला देखने नहीं आया है। ग्राम पंचायत सचिव अलख निरंजन ने बताया कि बीमार गोवंशों का इलाज कराया जा रहा है। भूसे की व्यवस्था प्रशासक नरेश पाल सिंह करा रहे हैं। संवाद
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कई गोशालाओं में गोवंश की देखभाल में अव्यवस्थाएं हावी
जगत। ब्लॉक क्षेत्र की कई गोशालाओं में गोवंश की देखभाल को लेकर अव्यवस्थाएं हावी हैं। खिरिया रहलू, बीबीपुर, मल्लाहपुर, फतेपुर और ताल गांव के गोवंश के लिए संचालित गोशाला में करीब 110 गोवंश हैं। पड़ताल में कई गोवंश सूखा भूसा खाते मिले। टैंक में पानी नहीं मिला। कई गायें गंदा पानी पीतीं नजर आईं। परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। केयरटेकर चंद्रपाल ही देखरेख करते हैं। वहीं, गुरगांव स्थित गोशाला में गोवंश सड़ा चारा खाते हुए मिले। गोदाम में रखा भूसा भी सड़ा हुआ था। हरा चारा तो दूर, गोवंश को पर्याप्त सूखा भूसा तक उपलब्ध नहीं दिखा। यहां 26 गायें मिलीं। वहीं इस्लामगंज की गोशाला की दो दिन पहले की वीडियो में केयरटेकर एक बार भूसा डाले जाने की बात कह रहा है। यहां गोशाला में 32 गायें हैं। संवाद
फोटो खींचते ही गोवंशों को पशु आहार खिलाना कर दिया शुरू
उसावां। ब्लॉक क्षेत्र की वीरमपुर भदेली स्थित गोशाला में 456 गोवंश हैं। वीरमपुर भदेली की गोशाला में फोटो खींचने के दौरान कर्मचारियों ने तत्काल गोवंशों के सामने पशु आहार डालना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने गोवंशों को पर्याप्त पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने और कमजोर पशुओं की नियमित जांच कराने की मांग की है। करीब पांच गोवंश काफी बीमार दिखे। पशुपालन विभाग उसावां की डॉ. दिव्या ने बताया कि गोवंश कमजोर हैं। उन्हें ड्रिप लगाई गई है। भदेली की गोशाला में गोवंशों के लिए पीने का पानी नादों में भरा मिला। पचदियोरा दीवाननगर की गोशाला में 81 और अकबरपुर की गोशाला में 152 गोवंश मिले। अकबरपुर की गोशाला में प्लास्टिक के ड्रमों में पानी भरा था। चारे के नाम पर गोवंशों के सामने सूखा भूसा पड़ा मिला। संवाद
प्रशासक पंजाब में, गोशाला का ध्यान कौन रखे
फैजगंज बेहटा। आसफपुर के ग्राम दांवरी की गोशाला में गोवंशों का हाल खराब है। गंदगी व कीचड़ की भरमार है। पानी के टैंक खाली मिले। कई गोवंश बीमारी से जूझते मिले। गोशाला में 72 गोवंश हैं, जिनकी देखरेख का जिम्मा केयर टेकर दिनेश कुमार के पास है। दिनेश ने बताया कि एक व्यक्ति इतने गोवंश की देखभाल कैसे कर सकता है। सफाई कर्मी की नियुक्ति नहीं होने से गंदगी रहती है। प्रशासक कई महीने से पंजाब में अपने लड़कों के पास रह रहे हैं। गोवंश की सही देखभाल इसलिए भी नहीं हो रही है। संवाद
एसडीएम के निरीक्षण के बाद भी नूरपुर पिनौनी की गोशाला के हाल नहीं सुधरे
नूरपुर पिनौनी। ब्लॉक इस्लामनगर के गांव नूरपुर पिनौनी की गोशाला में तीन-चार गोवंश बीमार हैं। प्रशासक राधेश्याम गिरि ने बताया कि एसडीएम बिल्सी दौरा कर चुके हैं। बावजूद इसके हालात नहीं सुधरे। गोवंशों के बीमार होने पर पशु चिकित्सा अधिकारी को फोन किया, पर कोई नहीं आया। यह गोशाला अब तक एनजीओ के पास थी, अब प्रशासक व सचिव संचालित करेंगे। एडीओ पंचायत इस्लामनगर अन्य प्रक्रिया पूरी करने नहीं पहुंचे थे। संवाद
गोवंशों की मौत के बाद लगातार सभी गोशालाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। जहां-जहां कमियां मिल रही हैं, उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। गोशालाओं में टिनशेड, चारा-पानी सहित अन्य इंतजाम देखे व कराए जा रहे हैं। -गामिनी सिंगला, सीडीओ
गोवंशों की मौत के मामले में निरीक्षण करने आज पहुंचेंगे पशुधन मंत्री
बदायूं। अभिगांव और ब्यौर गोशाला में गोवंशों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। लखनऊ में इस घटना की खबरें पहुंचने पर पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह बृहस्पतिवार को बदायूं दौरे पर आ रहे हैं।
मंत्री सीधे अभिगांव और ब्यौरा गोशाला का निरीक्षण करेंगे। वह भूसे, हरे चारे, दाना-पानी और गोवंशों के रहने की व्यवस्था की बारीकी से जांच करेंगे। साथ ही इतनी बड़ी संख्या में गोवंशों की मौत कैसे हुई, इसकी जिम्मेदारी तय करेंगे और रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। मंत्री के दौरे को लेकर बुधवार देर रात तक अधिकारी दोनों गोशालाओं में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने में जुटे रहे। दोनों गोशालाओं में टिनशेड डलवाए गए। चारा-पानी और साफ-सफाई को लेकर आनन-फानन में इंतजाम किए गए। संवाद
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ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि गोशालाओं के सरकारी रिकॉर्ड में गोवंशों को गुणवत्तायुक्त चारा खिलाया जा रहा है, जबकि हकीकत में उन्हें सूखा चारा तक नसीब नहीं हो रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी के पांच संवाददाताओं ने कई गोशालाओं की पड़ताल की तो बदहाली साफ नजर आई।
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द्विकली पुख्ता में बीमार गोवंशों को तिरपाल से ढका
उसहैत। ग्राम पंचायत टिकाई पुख्ता के अंतर्गत ग्राम द्विकली पुख्ता में बनी गोशाला की स्थिति बेहद खराब है। यहां क्षमता से ज्यादा गोवंश यहां हैं। 115 की क्षमता वाली गाेशाला में 180 पशु हैं। पशुओं के बैठने, घूमने तक की भी पर्याप्त जगह नहीं है। गोवंशों को सूखा भूसा खिलाया जा रहा है। लगभग 100 पशु बिना टैग के पाए गए। चार गाेवंशों को पुराने तिरपाल से छिपाकर एक कोने में रखा गया था, उनकी हालत बेहद खराब है। केयर टेकर ने बताया कि एक-दो महीने पहले तक भूसे के साथ चोकर भी दिया जाता था, लेकिन अब नहीं दिया जा रहा। 2-3 महीने से ठेकेदार भी गोशाला देखने नहीं आया है। ग्राम पंचायत सचिव अलख निरंजन ने बताया कि बीमार गोवंशों का इलाज कराया जा रहा है। भूसे की व्यवस्था प्रशासक नरेश पाल सिंह करा रहे हैं। संवाद
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कई गोशालाओं में गोवंश की देखभाल में अव्यवस्थाएं हावी
जगत। ब्लॉक क्षेत्र की कई गोशालाओं में गोवंश की देखभाल को लेकर अव्यवस्थाएं हावी हैं। खिरिया रहलू, बीबीपुर, मल्लाहपुर, फतेपुर और ताल गांव के गोवंश के लिए संचालित गोशाला में करीब 110 गोवंश हैं। पड़ताल में कई गोवंश सूखा भूसा खाते मिले। टैंक में पानी नहीं मिला। कई गायें गंदा पानी पीतीं नजर आईं। परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। केयरटेकर चंद्रपाल ही देखरेख करते हैं। वहीं, गुरगांव स्थित गोशाला में गोवंश सड़ा चारा खाते हुए मिले। गोदाम में रखा भूसा भी सड़ा हुआ था। हरा चारा तो दूर, गोवंश को पर्याप्त सूखा भूसा तक उपलब्ध नहीं दिखा। यहां 26 गायें मिलीं। वहीं इस्लामगंज की गोशाला की दो दिन पहले की वीडियो में केयरटेकर एक बार भूसा डाले जाने की बात कह रहा है। यहां गोशाला में 32 गायें हैं। संवाद
फोटो खींचते ही गोवंशों को पशु आहार खिलाना कर दिया शुरू
उसावां। ब्लॉक क्षेत्र की वीरमपुर भदेली स्थित गोशाला में 456 गोवंश हैं। वीरमपुर भदेली की गोशाला में फोटो खींचने के दौरान कर्मचारियों ने तत्काल गोवंशों के सामने पशु आहार डालना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने गोवंशों को पर्याप्त पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने और कमजोर पशुओं की नियमित जांच कराने की मांग की है। करीब पांच गोवंश काफी बीमार दिखे। पशुपालन विभाग उसावां की डॉ. दिव्या ने बताया कि गोवंश कमजोर हैं। उन्हें ड्रिप लगाई गई है। भदेली की गोशाला में गोवंशों के लिए पीने का पानी नादों में भरा मिला। पचदियोरा दीवाननगर की गोशाला में 81 और अकबरपुर की गोशाला में 152 गोवंश मिले। अकबरपुर की गोशाला में प्लास्टिक के ड्रमों में पानी भरा था। चारे के नाम पर गोवंशों के सामने सूखा भूसा पड़ा मिला। संवाद
प्रशासक पंजाब में, गोशाला का ध्यान कौन रखे
फैजगंज बेहटा। आसफपुर के ग्राम दांवरी की गोशाला में गोवंशों का हाल खराब है। गंदगी व कीचड़ की भरमार है। पानी के टैंक खाली मिले। कई गोवंश बीमारी से जूझते मिले। गोशाला में 72 गोवंश हैं, जिनकी देखरेख का जिम्मा केयर टेकर दिनेश कुमार के पास है। दिनेश ने बताया कि एक व्यक्ति इतने गोवंश की देखभाल कैसे कर सकता है। सफाई कर्मी की नियुक्ति नहीं होने से गंदगी रहती है। प्रशासक कई महीने से पंजाब में अपने लड़कों के पास रह रहे हैं। गोवंश की सही देखभाल इसलिए भी नहीं हो रही है। संवाद
एसडीएम के निरीक्षण के बाद भी नूरपुर पिनौनी की गोशाला के हाल नहीं सुधरे
नूरपुर पिनौनी। ब्लॉक इस्लामनगर के गांव नूरपुर पिनौनी की गोशाला में तीन-चार गोवंश बीमार हैं। प्रशासक राधेश्याम गिरि ने बताया कि एसडीएम बिल्सी दौरा कर चुके हैं। बावजूद इसके हालात नहीं सुधरे। गोवंशों के बीमार होने पर पशु चिकित्सा अधिकारी को फोन किया, पर कोई नहीं आया। यह गोशाला अब तक एनजीओ के पास थी, अब प्रशासक व सचिव संचालित करेंगे। एडीओ पंचायत इस्लामनगर अन्य प्रक्रिया पूरी करने नहीं पहुंचे थे। संवाद
गोवंशों की मौत के बाद लगातार सभी गोशालाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। जहां-जहां कमियां मिल रही हैं, उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। गोशालाओं में टिनशेड, चारा-पानी सहित अन्य इंतजाम देखे व कराए जा रहे हैं। -गामिनी सिंगला, सीडीओ
गोवंशों की मौत के मामले में निरीक्षण करने आज पहुंचेंगे पशुधन मंत्री
बदायूं। अभिगांव और ब्यौर गोशाला में गोवंशों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। लखनऊ में इस घटना की खबरें पहुंचने पर पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह बृहस्पतिवार को बदायूं दौरे पर आ रहे हैं।
मंत्री सीधे अभिगांव और ब्यौरा गोशाला का निरीक्षण करेंगे। वह भूसे, हरे चारे, दाना-पानी और गोवंशों के रहने की व्यवस्था की बारीकी से जांच करेंगे। साथ ही इतनी बड़ी संख्या में गोवंशों की मौत कैसे हुई, इसकी जिम्मेदारी तय करेंगे और रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। मंत्री के दौरे को लेकर बुधवार देर रात तक अधिकारी दोनों गोशालाओं में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने में जुटे रहे। दोनों गोशालाओं में टिनशेड डलवाए गए। चारा-पानी और साफ-सफाई को लेकर आनन-फानन में इंतजाम किए गए। संवाद

गोशाला में बीमार गोवंश का इलाज करते डॉक्टर। संवाद- फोटो : 1

गोशाला में बीमार गोवंश का इलाज करते डॉक्टर। संवाद- फोटो : 1

गोशाला में बीमार गोवंश का इलाज करते डॉक्टर। संवाद- फोटो : 1