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सामाजिक अराजकता मानवाधिकारों पर कुठारघात
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 10 Dec 2016 11:25 PM IST
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सामाजिक अराजकता मानवाधिकारों पर कुठारघात
- फोटो : अमर उजाला
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मानवाधिकार दिवस पर हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने रखे विचार
मानव समाजिक प्राणी है। अत: उससे समाज अपेक्षा करता है कि वह अपने विवेक से मानवीय व्यवहार को नियंत्रित रखे। यह विचार नेहरू मेमोरियल शिवनारायण दास पीजी कॉलेज के सभागार में शनिवार को मानवाधिकार दिवस पर आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनिरूद्ध यादव ने रखे।
'वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मानवाधिकार संरक्षण की आवश्यकता' विषय पर गोष्ठी में उन्होंने कहा कि संपूर्ण विश्व मेें आज लोग मानवाधिकारों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। महाविद्यालय व भारतीय लोक प्रशासन संस्थान जिला इकाई के संयुक्त तत्वावधान में हुई गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर शौकत अली ने मानवाधिकार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर रीना ने कहा कि आज भी समाज में लिंग भेद की समस्या विद्यमान है। सरकार ने नियम तो बनाए हैं, लेकिन उनका पालन क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। आईआईपीए के अध्यक्ष डॉ. हरस्वरूप ने मानवाधिकार संरक्षण में युवाओं की भूमिका पर विचार रखे। प्राचार्य डॉ. जीएस रावत ने कहा कि आज समाज में हो रहे आए दिन छोटे-छोटे झगड़ों के कारण कई बार सामाजिक अराजकता का वातावरण उत्पन्न हो जाता है। डॉ. शिवराज कुमार ने कहा कि मानवाधिकारों के समुचित संरक्षण से ही समाज में समरसता का वातावरण बन पाना संभव है। डॉ. शैलेंद्र कबीर ने बाल श्रम, महिला संवासिनियों तथा कारावास भुगत रहे कैदियों व पुलिस हिरासत में यातना जैसे ज्वलंत बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. मदन मोहन लाल के निर्देशन में प्रियंका, सुनीता, शीतल, शालिनी, तृप्ति ने 'इन स्वरों में एक स्वर मिला दो' शीर्षक पर वंदना प्रस्तुत की। इस मौके पर डॉ. अक्षत अशेष, रामवीर सिंह, सुरेंद्र कुमार, अनुज कुमार आदि मौजूद रहे।
इधर, राष्ट्रीय जनाधिकार संरक्षण संस्थान की ओर से गोष्ठी में मानव के प्रति अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस मौके पर धर्मेंद्र सिंह, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष संजीव तिवारी ने जन सामान्य को मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। इस मौके पर रजनेश मिश्रा, अनिल बाबू, रूपा माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।
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बिसौली। डीआरए राजकीय महाविद्यालय में एनएसएस इकाई की ओर से मानवाधिकार दिवस मनाया गया। प्राचार्य डॉ. सतीश कुमार उपाध्याय ने कहा कि आज के दौर में मानव अधिकार के बारे में जागरूकता लाने की जरूरत है। इस मौके पर डॉ. मदन मोहन वार्ष्णेय, डॉ. योगेंद्र कुमार, विनीत कुमार, रोहित कुमार, नदीम अहमद, जितेंद्र, आदि प्रमुखता से मौजूद रहे। राजकीय महाविद्यालय में भी विचार रखे। इस मौके पर डॉ. एसके श्रीवास्तव, डॉ. शिवपाल सिंह, डॉ. अफरोज आलम, डॉ. दिनेश तोमर आदि मौजूद रहे।
मानव समाजिक प्राणी है। अत: उससे समाज अपेक्षा करता है कि वह अपने विवेक से मानवीय व्यवहार को नियंत्रित रखे। यह विचार नेहरू मेमोरियल शिवनारायण दास पीजी कॉलेज के सभागार में शनिवार को मानवाधिकार दिवस पर आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनिरूद्ध यादव ने रखे।
'वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मानवाधिकार संरक्षण की आवश्यकता' विषय पर गोष्ठी में उन्होंने कहा कि संपूर्ण विश्व मेें आज लोग मानवाधिकारों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। महाविद्यालय व भारतीय लोक प्रशासन संस्थान जिला इकाई के संयुक्त तत्वावधान में हुई गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर शौकत अली ने मानवाधिकार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर रीना ने कहा कि आज भी समाज में लिंग भेद की समस्या विद्यमान है। सरकार ने नियम तो बनाए हैं, लेकिन उनका पालन क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। आईआईपीए के अध्यक्ष डॉ. हरस्वरूप ने मानवाधिकार संरक्षण में युवाओं की भूमिका पर विचार रखे। प्राचार्य डॉ. जीएस रावत ने कहा कि आज समाज में हो रहे आए दिन छोटे-छोटे झगड़ों के कारण कई बार सामाजिक अराजकता का वातावरण उत्पन्न हो जाता है। डॉ. शिवराज कुमार ने कहा कि मानवाधिकारों के समुचित संरक्षण से ही समाज में समरसता का वातावरण बन पाना संभव है। डॉ. शैलेंद्र कबीर ने बाल श्रम, महिला संवासिनियों तथा कारावास भुगत रहे कैदियों व पुलिस हिरासत में यातना जैसे ज्वलंत बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. मदन मोहन लाल के निर्देशन में प्रियंका, सुनीता, शीतल, शालिनी, तृप्ति ने 'इन स्वरों में एक स्वर मिला दो' शीर्षक पर वंदना प्रस्तुत की। इस मौके पर डॉ. अक्षत अशेष, रामवीर सिंह, सुरेंद्र कुमार, अनुज कुमार आदि मौजूद रहे।
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इधर, राष्ट्रीय जनाधिकार संरक्षण संस्थान की ओर से गोष्ठी में मानव के प्रति अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस मौके पर धर्मेंद्र सिंह, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष संजीव तिवारी ने जन सामान्य को मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। इस मौके पर रजनेश मिश्रा, अनिल बाबू, रूपा माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।
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बिसौली। डीआरए राजकीय महाविद्यालय में एनएसएस इकाई की ओर से मानवाधिकार दिवस मनाया गया। प्राचार्य डॉ. सतीश कुमार उपाध्याय ने कहा कि आज के दौर में मानव अधिकार के बारे में जागरूकता लाने की जरूरत है। इस मौके पर डॉ. मदन मोहन वार्ष्णेय, डॉ. योगेंद्र कुमार, विनीत कुमार, रोहित कुमार, नदीम अहमद, जितेंद्र, आदि प्रमुखता से मौजूद रहे। राजकीय महाविद्यालय में भी विचार रखे। इस मौके पर डॉ. एसके श्रीवास्तव, डॉ. शिवपाल सिंह, डॉ. अफरोज आलम, डॉ. दिनेश तोमर आदि मौजूद रहे।