बदायूं: बदलता मौसम सेहत पर पड़ रहा भारी, जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी; बरतें सावधानी
मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल में 1450 लोग इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें 400 से अधिक सर्दी-खांसी के मरीज थे।
विस्तार
बदायूं में मौसम का उतार-चढ़ाव लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी, जबकि रात में ठंडक का अहसास लोगों को सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश और बुखार की चपेट में ले रहा है। दिन-रात के तापमान में करीब 12 डिग्री का अंतर है। इससे मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
जिला अस्पताल में शनिवार को 1450 लोग ओपीडी में अपना इलाज करने के लिए पहुंचे। इनमें 400 से अधिक मरीज सर्दी-खांसी के आए। दरअसल, जिले में दिन में गर्मी के कारण लोग हल्के कपड़ों में रहते हैं, जबकि सुबह और रात के समय तापमान में 12 डिग्री का अंतर है। ऐसे में लोगों की सेहत पर असर दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कप्तान सिंह ने बताया कि मौसम के इस बदलाव के बीच बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार होने पर लोग जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टर ने बदलते मौसम में खानपान और दिनचर्या का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। सुबह और रात के समय ठंड से बचाव करें। बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं। बुखार या संक्रमण के लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से परामर्श लें। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें।
क्या करें
- सुबह और रात के समय हल्के गर्म कपड़े पहनें।
- बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा से बचाकर रखें।
- पर्याप्त पानी पिएं और पौष्टिक भोजन करें।
- खांसी-जुकाम होने पर आराम करें और साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- बुखार या संक्रमण के लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से जांच कराएं।
क्या न करें
- रात में बहुत हल्के कपड़े पहनकर न सोएं।
- ठंडे पेय से परेशानी बढ़ती हो तो उनका सेवन करने से बचें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाएं न लें।
- बुखार या खांसी को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें।
- बीमार होने पर बच्चों को स्कूल भेजने से बचें, खासकर जब उन्हें बुखार हो।