फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   nrlm

सीडीओ ने मारा एनआरएलएम पर छापा, मिला घोटाले का %जिन्न%

Wed, 03 Jul 2019 02:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2019 02:34 AM IST
विज्ञापन
nrlm
सीडीओ ने मंगलवार को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) कार्यालय पर छापा मार दिया। जिला प्रबंधक समेत सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन कब्जे में लेने के बाद जांच शुरू की गई। शिकायत थी कि महिला समूहों की दी जाने वाली रकम में घपला किया जा रहा था और टैबलेट भी 15 के बजाए दस हजार रुपये का दिया जा रहा था। जांच में इस बाबत कुछ सुबूत मिले हैं। ऐसे कितने मामले हैं, यह जांच पूरी होने के बाद साफ होगा। फिलहाल सीडीओ खुद मान रही हैं कि यह घोटाला करोड़ों रुपये का हो सकता है। फिलहाल उन्होंने दफ्तर सील करा दिया है।
विज्ञापन

एनआरएलएम से संबधित शिकायतें लगातार सीडीओ निशा अनंत के पास पहुंच रही थीं। मंगलवार को सीडीओ संपूर्ण समाधान दिवस बीच में ही छोड़कर विकास भवन स्थित एनआरएलएम कार्यालय में पहुंच गईं। इससे दफ्तर के कर्मचारी हक्का-बक्का रह गए। कारण यह था कि विकास भवन के कर्मचारियों को अंदाज था कि सीडीओ देर से ही आएंगी। एनआरएलएम कार्यालय के जो कर्मचारी उस वक्त दफ्तर में नहीं थे, उन्हें भी ढूंढकर बुलवा लिया गया। इसके बाद उन सबके मोबाइल फोन सीडीओ ने अपने पास रख लिये।
विज्ञापन

शिकायत थी कि शासन की ओर से रिवॉल्विंग फंड के 15 हजार रुपये समूह के खातों में भेजे तो जाते थे, मगर वह रकम किसी न किसी बहाने से बैंक खाते में पहुंचने के बाद निकाल ली जाती थी। इसके अलावा समूह की महिलाओं को कामकाज में आसानी के लिए दिए जाने वाले टैबलेट में भी गड़बड़ी पकड़ में आ गई। शासन एक टैबलेट के लिए 15 हजार रुपये देता है, मगर यह रकम महिलाओं को देकर वापस ले ली गई और 10 हजार रुपये कीमत का टैबलेट खुद खरीद कर दिए गए। इन्हीं शिकायतों को आधार बनाकर जैसे-जैसे उन्होंने फाइलों को चेक किया, उसमें परत दर परत खुलती गई। कई सुबूत भी मिले हैं। कर्मचारियों के फोन में भी लेखाजोखा मिला है। बताते हैं कि इन सारे मामलों की जानकारी विभागीय अधिकारी को भी थी, लेकिन उनके द्वारा कार्रवाई करने की जगह पर दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह घपला करोड़ों का हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लेखाकार को लगाई लताड़
जांच के दौरान सीडीओ ने लेखाकार से जानकारी चाही तो वह मुद्दे की बात से अलग हटकर अपनी सफाई देने लगा। इस पर सीडीओ ने उसकी जमकर लताड़ लगाई। कहा जो पूछा है उसका सही-सही जवाब दिया जाए। इधर-उधर की बात करने की कोई भी जरूरत नहीं है।
कई बार बच चुका है जिला प्रबंधक
एनआरएलएम में आउट सोर्सिंग पर तैनात जिला प्रबंधक तकसीर अहमद पर पहले भी कई गंभीर आरोप लगे हैं। इसमें एक आरोप तो एक समूह की महिला ने लगाया था। जब तब लगे आरोपों की जांच हुई, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। ऐसे में फिर यह सवाल विकास भवन के कर्मचारियों के जहन में उठा रहा है कि क्या इस बार कुछ कार्रवाई होगी या नहीं।
घनघनाते रहे करीबियों के फोन
सीडीओ के कब्जे के दौरान जिला प्रबंधक, लेखाकार समेत अन्य कर्मचारियों के फोन पर उनके करीबियों की कॉल तुरंत आना शुरू हो गई। चूंकि फोन सीडीओ के सामने रखे थे, ऐसे में उन खास लोगों के नाम भी सीडीओ के सामने साफ हो गए।

अभी जांच चल रही है। मामला काफी गंभीर है। गरीब महिलाओं के लिए शासन ने योजनाओं को शुरू किया है। उनका महिलाओं को लाभ नहीं मिलने दिया जा रहा है। ये अपराध की श्रेणी में आता है। दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। - निशा अनंत, सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed