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गन्ना किसानों को नहीं मिलेगी मैनुअल पर्ची
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बदायूं। कुछ दिनों में जिले की चीनी मिलें चलना शुरू हो जाएंगी। इसको लेकर चीनी मिल प्रशासन की ओर से तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं, जो रह गईं हैं उन्हें पूरा कर लिया जाएगा। विभाग के अनुसार इस बार गन्ना किसानों के लिए मैनुअल पर्ची नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें एसएमएस के जरिए मोबाइल पर पर्ची दी जाएगी।
जिले में दो चीनी मिल हैं, जिसमें एक दि किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड शेखूपुर और दूसरी यदु शुगर मिल प्राइवेट लिमिटेड है। इन पर जनपद के गन्ना किसान अपना गन्ना बेचते हैं, साथ ही अन्य जनपदों की चीनी मिलों के कुछ कांटे (खरीद केंद्र) चुनिंदा इलाकों में लगाए जाते हैं। जहां पर उन चीनी मिल के कर्मचारियों द्वारा जनपद के गन्ना किसानों से खरीद की जाती है। हालांकि अभी तक चीनी मिल की तरफ से मैनुअल पर्ची दी जाती थी, जिसके आधार पर गन्ने की खरीद होती थी, लेकिन इसमें घपले की संभावना काफी ज्यादा रहती थी। शासन तक लगातार शिकायतें भी पहुंच रही थी।
इसको देखते हुए इस बार शासन की तरफ से गन्ना किसानों को दी जाने वाली मैनुअल पर्ची पर रोक लगा दी गई है। अब गन्ना किसानों के पंजीकृत नंबर पर ही एसएमएस आएगा, जो पर्चीनुमा होगा। उसमें सभी चीजें साफ होंगी कि कब किस सेंटर पर किसानों के गन्ने की तौल की जाएगी। यह मेसेज आने के बाद में किसान अपने निर्धारित समय पर तय सेंटर पहुंचकर वहां पर यह मेसेज दिखाकर अपने गन्ने की तौल करा सकते हैं।
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लगातार काम में पारदर्शिता बरती जा रही है। ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। यही वजह है अब गन्ना किसानों के मोबाइल पर एसएमएस आएंगे, ताकि काम सुचारु हो सके।
रामकिशन, जिला गन्ना अधिकारी
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जिले में दो चीनी मिल हैं, जिसमें एक दि किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड शेखूपुर और दूसरी यदु शुगर मिल प्राइवेट लिमिटेड है। इन पर जनपद के गन्ना किसान अपना गन्ना बेचते हैं, साथ ही अन्य जनपदों की चीनी मिलों के कुछ कांटे (खरीद केंद्र) चुनिंदा इलाकों में लगाए जाते हैं। जहां पर उन चीनी मिल के कर्मचारियों द्वारा जनपद के गन्ना किसानों से खरीद की जाती है। हालांकि अभी तक चीनी मिल की तरफ से मैनुअल पर्ची दी जाती थी, जिसके आधार पर गन्ने की खरीद होती थी, लेकिन इसमें घपले की संभावना काफी ज्यादा रहती थी। शासन तक लगातार शिकायतें भी पहुंच रही थी।
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इसको देखते हुए इस बार शासन की तरफ से गन्ना किसानों को दी जाने वाली मैनुअल पर्ची पर रोक लगा दी गई है। अब गन्ना किसानों के पंजीकृत नंबर पर ही एसएमएस आएगा, जो पर्चीनुमा होगा। उसमें सभी चीजें साफ होंगी कि कब किस सेंटर पर किसानों के गन्ने की तौल की जाएगी। यह मेसेज आने के बाद में किसान अपने निर्धारित समय पर तय सेंटर पहुंचकर वहां पर यह मेसेज दिखाकर अपने गन्ने की तौल करा सकते हैं।
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लगातार काम में पारदर्शिता बरती जा रही है। ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। यही वजह है अब गन्ना किसानों के मोबाइल पर एसएमएस आएंगे, ताकि काम सुचारु हो सके।
रामकिशन, जिला गन्ना अधिकारी