{"_id":"5706719d4f1c1b5b18c8116e","slug":"navratri-today-divine-temple-dressed","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्र आज से, देवी मंदिर सजे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवरात्र आज से, देवी मंदिर सजे
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
नवरात्र
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फलों पर नहीं छाई महंगाई, सूखी मेवा-मिष्ठान हुए सस्ते
मंदिरों के बाहर चुनरी, घट, पूजन सामिग्री से सजे बाजार
नव संवत्सर की शुरुआत होने के साथ वासंतिक नवरात्र भी शुरू हो गए हैं। नवरात्र से एक दिन पहले ही श्रद्धालुओं ने मां की चुनरी, घट, पूजन सामग्री आदि की खरीद की। इससे बाजारों में भारी भीड़ नजर आई। साथ ही फल एवं नारियल की ठेलों के साथ ही सूखे मेवों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ से बाजार गुलजार रहे।
यूं तो आम दिनों में सस्ते रहने वाले फलों पर नवदुर्गा के दौरान महंगाई छा जाती है, लेकिन इस बार फलों पर कोई खास महंगाई नहीं है। इससे श्रद्धालुओं एवं व्रत धारण करने वालों को फलाहार करने में महंगाई रोड़ा नहीं बनेगी। बाजारों में अंगूर, केला, सेब, संतरा, नारियल, आम सहित तमाम फलों ठेले ग्राहकों से गुलजार नजर आए। शास्त्री चौक के दुकानदार तिलकधारी ने बताया कि बीते वर्ष की तुलना में इस बार नवरात्र पर सूखी मेवा सस्ती हैं। बताया कि नारियल करीब 60 रुपये, ताल मखाना पर 100 रुपये सस्ता हो गया है। इसके साथ ही छुआरे और किसमिस पर भी दाम घट गए हैं। पूजन सामग्री में भी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
लॉवेला चौराहा पर फलों की दुकान लगाने वाले मोहम्मद सलीम बताते हैं कि इस बार फलों पर अन्य दिनों की तुलना में खास महंगाई नहीं है। मौसमी फल अंगूर 50 रुपये किलो, केला बीस से 30 रुपये दर्जन, संतरा 50 से 60 रुपये किलो, सेब 80 से सौ रुपये किलो, नारियल 30 रुपये प्रति पीस और पपीता 20 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है। ये अलग बात है कि नवरात्र को देखकर कुछ दुकानदारों ने पांच-दस रुपये प्रति किलो फल महंगे कर दिए हों, लेकिन फलों पर खास महंगाई नहीं है।
विज्ञापन
इन मंदिरों के आसपास लगीं दुकानें
बदायूं। शहर के नगला मंदिर शक्तिपीठ देवी नगला मंदिर और बिरुआबाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ती है। हालांकि अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ मां के दर्शन करने और जल एवं प्रसाद अर्पण करने के लिए जाती है। इससे मंदिरों के आसपास फल, फूल, पूजन सामग्री आदि की दुकानें लग गई हैं।
मिथुन लग्न अभिजित मुहूर्त में पूजन करना होगा शुभ
नव संवत्सर की शुरुआत होने के साथ वासंतिक नवरात्र की शुरुआत हो जाती है। मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं ने पूरी तैयारी कर ली है। व्रत धारण करने के साथ ही उसका पूरा लाभ पाने के लिए शुभ मुहूर्त में पूजन करें। इस बार मिथुन लग्न और कर्क लग्न के अभिति मुहूर्त में पूजा करना विशेष लाभकारी होता है। इसलिए मां दुर्गा के भक्त एवं श्रद्धालु नवदुर्गा व्रत की शुरुआत इसी समय से करें तो विशेष फलदायी होगा।
इस बारे में ज्योतिषविद पंडित गिरीश कुमार बताते हैं कि इस बार शुक्रवार को नवदुर्गा के प्रथम दिन सुबह 10:44 बजे तक वैधृति योग रहेगा। इसमें घट स्थापन और मां दुर्गा की पूजा प्रारंभ करना शास्त्रानुसार निषेध है। ऐसा करना अशुभकारी माना जाता है। उन्होंने बताया कि मिथुन लग्न अभिजित मुहूर्त सुबह 11:43 से 12:05 तक रहेगा। इसके बाद कर्क लग्न शुभ चौकड़िया दोपहर 12:06 से 01:13 तक रहेगा। इसमें भी पूजन करना शुभ रहेगा। बताया कि इस बार नवरात्र में एक तिथि क्षय होने से नवदुर्गा में रहेंगे आठ दिन के होंगे।
यह रहेगी पूजन सामग्री
बदायूं। वासंतिक नवरात्र में पूजन के लिए रोली, मौली(कलावा), केसर, जौं, अक्षत(चावल), सुगंधित द्रव्य, पान सुपारी, लौंग, श्रृंगार सामग्री, पंचामृत, घी, वस्त्र, आभूषण, विल्व पत्र, दूर्वा, चंदन, फल, फूल, प्रसाद, कपूर, नारियल, कलश की जरूरत होगी।
इस तरह से होगा पूजन
बदायूं। स्नानादि नित्यकर्म के बाद शुभ मुहुर्त अनुसार लाल आसन पर बैठें। हाथ में जल लेकर पूजा व्रत अनुष्ठान का संकल्प लें। गौरी गणेश, नवग्रह, वरुण कलश, सप्तघ्रत एवं षोडश मातृका आदि का सूक्ष्म पूजन करें एवं ध्यान प्रार्थना करें। इसके बाद पूजन सामग्री से मां दुर्गा का पूजन, ध्यान एवं प्रार्थना करें। दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती एवं अन्य श्लोक मंत्र का पाठ करें।
विशेष लाभ पाने को यह करें
बदायूं। नवदुर्गा का व्रत धारण करने के साथ ही विशेष लाभ पाने वाले लोग लौंग, घी, कपूर से नित्य हवन करें, जमीन पर सोएं, फलाहार करें, ब्रह्मचर्य से रहें। भगवा ध्वज घर की छत पर फहराएं। जौ बोएं, कन्याओं का पूजन, वंदन भोजन के साथ करें। दान दक्षिणा देकर आशीर्वाद मांगें। पूरे नौ दिन व्रत रहें। नित्य क्षमा याचना करें और देवी से कामना बोलें। सप्त श्लोकी दुर्गा पाठ और सिद्धि कुंजिका स्त्रोत का पाठ नित्य नौ बार करें।
मंदिरों के बाहर चुनरी, घट, पूजन सामिग्री से सजे बाजार
नव संवत्सर की शुरुआत होने के साथ वासंतिक नवरात्र भी शुरू हो गए हैं। नवरात्र से एक दिन पहले ही श्रद्धालुओं ने मां की चुनरी, घट, पूजन सामग्री आदि की खरीद की। इससे बाजारों में भारी भीड़ नजर आई। साथ ही फल एवं नारियल की ठेलों के साथ ही सूखे मेवों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ से बाजार गुलजार रहे।
यूं तो आम दिनों में सस्ते रहने वाले फलों पर नवदुर्गा के दौरान महंगाई छा जाती है, लेकिन इस बार फलों पर कोई खास महंगाई नहीं है। इससे श्रद्धालुओं एवं व्रत धारण करने वालों को फलाहार करने में महंगाई रोड़ा नहीं बनेगी। बाजारों में अंगूर, केला, सेब, संतरा, नारियल, आम सहित तमाम फलों ठेले ग्राहकों से गुलजार नजर आए। शास्त्री चौक के दुकानदार तिलकधारी ने बताया कि बीते वर्ष की तुलना में इस बार नवरात्र पर सूखी मेवा सस्ती हैं। बताया कि नारियल करीब 60 रुपये, ताल मखाना पर 100 रुपये सस्ता हो गया है। इसके साथ ही छुआरे और किसमिस पर भी दाम घट गए हैं। पूजन सामग्री में भी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
विज्ञापन
लॉवेला चौराहा पर फलों की दुकान लगाने वाले मोहम्मद सलीम बताते हैं कि इस बार फलों पर अन्य दिनों की तुलना में खास महंगाई नहीं है। मौसमी फल अंगूर 50 रुपये किलो, केला बीस से 30 रुपये दर्जन, संतरा 50 से 60 रुपये किलो, सेब 80 से सौ रुपये किलो, नारियल 30 रुपये प्रति पीस और पपीता 20 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है। ये अलग बात है कि नवरात्र को देखकर कुछ दुकानदारों ने पांच-दस रुपये प्रति किलो फल महंगे कर दिए हों, लेकिन फलों पर खास महंगाई नहीं है।
विज्ञापन
इन मंदिरों के आसपास लगीं दुकानें
बदायूं। शहर के नगला मंदिर शक्तिपीठ देवी नगला मंदिर और बिरुआबाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ती है। हालांकि अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ मां के दर्शन करने और जल एवं प्रसाद अर्पण करने के लिए जाती है। इससे मंदिरों के आसपास फल, फूल, पूजन सामग्री आदि की दुकानें लग गई हैं।
मिथुन लग्न अभिजित मुहूर्त में पूजन करना होगा शुभ
नव संवत्सर की शुरुआत होने के साथ वासंतिक नवरात्र की शुरुआत हो जाती है। मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं ने पूरी तैयारी कर ली है। व्रत धारण करने के साथ ही उसका पूरा लाभ पाने के लिए शुभ मुहूर्त में पूजन करें। इस बार मिथुन लग्न और कर्क लग्न के अभिति मुहूर्त में पूजा करना विशेष लाभकारी होता है। इसलिए मां दुर्गा के भक्त एवं श्रद्धालु नवदुर्गा व्रत की शुरुआत इसी समय से करें तो विशेष फलदायी होगा।
इस बारे में ज्योतिषविद पंडित गिरीश कुमार बताते हैं कि इस बार शुक्रवार को नवदुर्गा के प्रथम दिन सुबह 10:44 बजे तक वैधृति योग रहेगा। इसमें घट स्थापन और मां दुर्गा की पूजा प्रारंभ करना शास्त्रानुसार निषेध है। ऐसा करना अशुभकारी माना जाता है। उन्होंने बताया कि मिथुन लग्न अभिजित मुहूर्त सुबह 11:43 से 12:05 तक रहेगा। इसके बाद कर्क लग्न शुभ चौकड़िया दोपहर 12:06 से 01:13 तक रहेगा। इसमें भी पूजन करना शुभ रहेगा। बताया कि इस बार नवरात्र में एक तिथि क्षय होने से नवदुर्गा में रहेंगे आठ दिन के होंगे।
यह रहेगी पूजन सामग्री
बदायूं। वासंतिक नवरात्र में पूजन के लिए रोली, मौली(कलावा), केसर, जौं, अक्षत(चावल), सुगंधित द्रव्य, पान सुपारी, लौंग, श्रृंगार सामग्री, पंचामृत, घी, वस्त्र, आभूषण, विल्व पत्र, दूर्वा, चंदन, फल, फूल, प्रसाद, कपूर, नारियल, कलश की जरूरत होगी।
इस तरह से होगा पूजन
बदायूं। स्नानादि नित्यकर्म के बाद शुभ मुहुर्त अनुसार लाल आसन पर बैठें। हाथ में जल लेकर पूजा व्रत अनुष्ठान का संकल्प लें। गौरी गणेश, नवग्रह, वरुण कलश, सप्तघ्रत एवं षोडश मातृका आदि का सूक्ष्म पूजन करें एवं ध्यान प्रार्थना करें। इसके बाद पूजन सामग्री से मां दुर्गा का पूजन, ध्यान एवं प्रार्थना करें। दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती एवं अन्य श्लोक मंत्र का पाठ करें।
विशेष लाभ पाने को यह करें
बदायूं। नवदुर्गा का व्रत धारण करने के साथ ही विशेष लाभ पाने वाले लोग लौंग, घी, कपूर से नित्य हवन करें, जमीन पर सोएं, फलाहार करें, ब्रह्मचर्य से रहें। भगवा ध्वज घर की छत पर फहराएं। जौ बोएं, कन्याओं का पूजन, वंदन भोजन के साथ करें। दान दक्षिणा देकर आशीर्वाद मांगें। पूरे नौ दिन व्रत रहें। नित्य क्षमा याचना करें और देवी से कामना बोलें। सप्त श्लोकी दुर्गा पाठ और सिद्धि कुंजिका स्त्रोत का पाठ नित्य नौ बार करें।