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शारदीय नवरात्र आज से, सजे देवी मंदिर
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 30 Sep 2016 11:45 PM IST
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शारदीय नवरात्र आज से, सजे देवी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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फलों और पूजन सामग्री की दुकानों पर उमड़ी रही भीड़
शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर शहर के अधिकांश देवी मंदिर में साफ-सफाई होने के साथ सजावट कार्य भी हो गया। मंदिरों के आसपास भी सफाई कार्य कराया गया। पूजन सामग्री की दुकानों पर खासी भीड़ उमड़ी रही है। साथ ही फलों की दुकानों पर जटा नारियल के साथ अन्य फल खरीदने वालों की खासी भीड़ नजर आई।
शहर के सुप्रसिद्ध बिरुआबाड़ी मंदिर, प्राचीन नगला शक्ति पीठ मंदिर, गौरीशंकर सहस्त्रधाम, हरप्रसाद मंदिर समेत शहर के अधिकांश मंदिरों में साफ-सफाई के बाद सजावट की गई। इधर, शहर के बाजारों में देवी पूजन के लिए हवन-पूजन की सामग्री खरीदने वाले श्रद्धालुओं की खासी भीड़ नजर आई। जटा नारियल के साथ तमाम मौसमी फल देवी को अर्पित करने के लिए भी श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की।
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ब्रह्म मुहूर्त, सुबह 07:52 से 09:19 तक करें घट स्थापना
बदायूं। ज्योतिषविद् पंडित गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि व्रत धारण करने से पहले घट पूजन ब्रह्म मुहूर्त में करें। इसके बाद शुभ चौकड़िया सुबह 07:52 से 09:19 तक घट पूजन कर लिया जाए। यह पूजन का शुभ मुहूर्त है। कहा कि इससे परदेस गमन, धन, भाग्य वृद्धि, नौकरी, वैवाहिक सुख, मकान, वाहन सुख, शिक्षा, संतान सुख आदि तमाम फलों की प्राप्ति होती है। वहीं, दोपहर 12:30 बजे से चर चौकड़िया में पूजन करने पर सर्व मनोकामना पूर्ति होगी।
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ऐसे करें नवरात्र का पूजन
बदायूं। स्नानादि करने के बाद शुभ मुहुर्त में लाल आसन पर बैठकर, हाथ में जल लेकर, पूजा, व्रत, अनुष्ठान का संकल्प लें। गौरी गणेश, नवग्रह, वरुण कलश, सप्तद्यृत मातृका, षोषश द्यृतमातृ का आदि का सूक्ष्म पूजन करें। इसके बाद देवी मां का पूजन करें। हाथ में जल, रोली, पुष्प एवं अक्षत के साथ माता का ध्यान एवं आह्वान करें। लाल पुष्प के साथ आसन दें। बाद में पाद्य, अर्घ्य, आचमन करें। साथ ही नित्य दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती, श्लोक, मंत्र आदि का जाप करें।
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नवरात्र में ऐसा रखें आचरण
बदायूं। लौंग कपूर से नित्य हवन करें। जमीन पर सोएं, पूरे नौ दिन व्रत में रहें, ब्रह्मचर्य का पालन करें, जौ बोएं, अखंड ज्योति जलाएं, कन्याओं का पूजन वंदन भोजन के साथ करें और दान दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त करें। नित्य क्षमा याचना के साथ अपनी मनोकामना बोलें। इससे शीघ्र लाभ होगा।
शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर शहर के अधिकांश देवी मंदिर में साफ-सफाई होने के साथ सजावट कार्य भी हो गया। मंदिरों के आसपास भी सफाई कार्य कराया गया। पूजन सामग्री की दुकानों पर खासी भीड़ उमड़ी रही है। साथ ही फलों की दुकानों पर जटा नारियल के साथ अन्य फल खरीदने वालों की खासी भीड़ नजर आई।
शहर के सुप्रसिद्ध बिरुआबाड़ी मंदिर, प्राचीन नगला शक्ति पीठ मंदिर, गौरीशंकर सहस्त्रधाम, हरप्रसाद मंदिर समेत शहर के अधिकांश मंदिरों में साफ-सफाई के बाद सजावट की गई। इधर, शहर के बाजारों में देवी पूजन के लिए हवन-पूजन की सामग्री खरीदने वाले श्रद्धालुओं की खासी भीड़ नजर आई। जटा नारियल के साथ तमाम मौसमी फल देवी को अर्पित करने के लिए भी श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की।
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ब्रह्म मुहूर्त, सुबह 07:52 से 09:19 तक करें घट स्थापना
बदायूं। ज्योतिषविद् पंडित गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि व्रत धारण करने से पहले घट पूजन ब्रह्म मुहूर्त में करें। इसके बाद शुभ चौकड़िया सुबह 07:52 से 09:19 तक घट पूजन कर लिया जाए। यह पूजन का शुभ मुहूर्त है। कहा कि इससे परदेस गमन, धन, भाग्य वृद्धि, नौकरी, वैवाहिक सुख, मकान, वाहन सुख, शिक्षा, संतान सुख आदि तमाम फलों की प्राप्ति होती है। वहीं, दोपहर 12:30 बजे से चर चौकड़िया में पूजन करने पर सर्व मनोकामना पूर्ति होगी।
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ऐसे करें नवरात्र का पूजन
बदायूं। स्नानादि करने के बाद शुभ मुहुर्त में लाल आसन पर बैठकर, हाथ में जल लेकर, पूजा, व्रत, अनुष्ठान का संकल्प लें। गौरी गणेश, नवग्रह, वरुण कलश, सप्तद्यृत मातृका, षोषश द्यृतमातृ का आदि का सूक्ष्म पूजन करें। इसके बाद देवी मां का पूजन करें। हाथ में जल, रोली, पुष्प एवं अक्षत के साथ माता का ध्यान एवं आह्वान करें। लाल पुष्प के साथ आसन दें। बाद में पाद्य, अर्घ्य, आचमन करें। साथ ही नित्य दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती, श्लोक, मंत्र आदि का जाप करें।
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नवरात्र में ऐसा रखें आचरण
बदायूं। लौंग कपूर से नित्य हवन करें। जमीन पर सोएं, पूरे नौ दिन व्रत में रहें, ब्रह्मचर्य का पालन करें, जौ बोएं, अखंड ज्योति जलाएं, कन्याओं का पूजन वंदन भोजन के साथ करें और दान दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त करें। नित्य क्षमा याचना के साथ अपनी मनोकामना बोलें। इससे शीघ्र लाभ होगा।