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राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से करोड़ों का नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Fri, 29 Jul 2016 10:56 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बैंक कर्मियों ने किया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन
बैंकों का निजीकरण रोकने, बैंकों का एकत्रीकरण न करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करते हुए एक दिन का कार्य बहिष्कार किया। इससे करोड़ों रुपयों का नगदीकरण और चेकों के क्लियरिंग का काम प्रभावित हुआ।
यूनाईटेड फोरम के जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि सरकार भारतीय स्टेट बैंक के पांच सहयोगों बैंकों का स्टेट बैंक में विलय किया जा रहा है, जिसका सभी यूनियन विलय कर रही हैं। इससे क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा और बैंकों की मूल भावनाओं का हनन होगा। जिला सचिव घनश्याम शर्मा ने कहा कि बैंकों के कर्ज वसूली की कोई स्पष्ट नीति नहीं है, जिससे बैंकों का एनपीए बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बैंकों में एफडीआई का विरोध करते हुए कहा कि इससे निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर कर्मचारी नेता अनिल कुमार, शकील अहमद, संजीव शर्मा, रघुनंदन प्रसाद, अजय गुप्ता, राजेश कुमार, राजेश आनंद, सुरेश अरोड़ा, राहुल, छोटेलाल, अतुल कुमार, अशोक मीणा, अभिजीत प्रसाद, पीके गुप्ता, अनूप कुमार, केएन गुप्ता, रिषीपाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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बैंकों का निजीकरण रोकने, बैंकों का एकत्रीकरण न करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करते हुए एक दिन का कार्य बहिष्कार किया। इससे करोड़ों रुपयों का नगदीकरण और चेकों के क्लियरिंग का काम प्रभावित हुआ।
यूनाईटेड फोरम के जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि सरकार भारतीय स्टेट बैंक के पांच सहयोगों बैंकों का स्टेट बैंक में विलय किया जा रहा है, जिसका सभी यूनियन विलय कर रही हैं। इससे क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा और बैंकों की मूल भावनाओं का हनन होगा। जिला सचिव घनश्याम शर्मा ने कहा कि बैंकों के कर्ज वसूली की कोई स्पष्ट नीति नहीं है, जिससे बैंकों का एनपीए बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बैंकों में एफडीआई का विरोध करते हुए कहा कि इससे निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर कर्मचारी नेता अनिल कुमार, शकील अहमद, संजीव शर्मा, रघुनंदन प्रसाद, अजय गुप्ता, राजेश कुमार, राजेश आनंद, सुरेश अरोड़ा, राहुल, छोटेलाल, अतुल कुमार, अशोक मीणा, अभिजीत प्रसाद, पीके गुप्ता, अनूप कुमार, केएन गुप्ता, रिषीपाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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