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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   National Food Security Act Not meet the target

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम  के तहत लक्ष्य की पूर्ति नहीं

Sat, 04 Jun 2016 12:02 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Sat, 04 Jun 2016 12:02 AM IST
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ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को अलग-अलग निर्धारित है लक्ष्य 
 गरीबों को सस्ता अनाज देने की सरकार की मंशा अभी पूरी नहीं हो पा रही है। इसमें प्रशासन और कोटेदारों के बीच सामंजस्य का अभाव तो है ही, वर्षों से पीडीएस पर हावी दलालों की गोलबंदी भी इसे फे ल किए हुए है। शासन ने आबादी के हिसाब से यूनिट प्रतिशत निर्धारित कर दिए हैं। उसकी अभी तक पूर्ति नहीं हो सकी है। इससे सभी गरीब परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनफएसए) का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अभी इसमें और समय लग सकता है।  
कहने को तो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू हो चुका है। लेकिन जिले को इस अधिनियम के तहत गरीब परिवारों को लाभ पहुंचाने का जो लक्ष्य रखा गया था। उसकी प्रतिपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके लिए आपसी सामंजस्य की कमी और दलालों की लामबंदी जिम्मेदार है। यहां बता दे कि शासन ने ग्रामीण क्षेत्र की आबादी का 79 प्रतिशत यूनिट लक्ष्य दिया था तो शहरी क्षेत्र की आबादी का 64 प्रतिशत यूनिट लक्ष्य निर्धारित किया था। यहां बता दें कि ग्रामीण क्षेत्र में 25,34,000 तो शहरी क्षेत्र में 5,93,561 आबादी मानी है। 
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पूर्ति विभाग के सूत्रों की माने तो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को पूरी तरह लागू करने और दिए गए लक्ष्य की पूर्ति को अभी कुछ महीनों का वक्त और लग सकता है। अभी तक 3,93,000 यूनिट पर ही एनएफएसए लागू हो सका है। 
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लिए राशन कार्डों का फीडिंग का काम तेजी से चल रहा है। जहां खामियां हैं, वहां की खामियों को दूर किया जा रहा है। इस व्यवस्था को सुचारू स्थिति में लाने में अभी वक्त कुछ वक्त और लगेगा। 
- सत्यदेव, जिला पूर्ति अधिकारी
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