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Budaun News: फार्मासिस्ट कांड में जेल गई महिला का नाम निकाला
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बदायूं। फार्मासिस्ट कांड में अब एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। बदायूं निवासी महिला पुलिस की विवेचना में निर्दोष साबित हुई है। अब पुलिस ने रिपोर्ट से उसका नाम निकाल दिया है। आरोप सिद्ध न होने पर वह अदालत से रिहा कर दी गई है। वहीं जिस कार से फार्मासिस्ट के शव को गंगा में फेंका गया था उसके मालिक का नाम इस प्रकरण में जुड़ गया है। पुलिस ने कार भी कब्जे में ले ली है।
मोहल्ला कबूलपुरा निवासी शाकिर अली जिला अस्पताल में फार्मासिस्ट थे। वह 15 अक्तूबर को जिला अस्पताल के लिए घर से निकले थे। इसी बीच का उनका अपहरण कर लिया गया। इस मामले में पुलिस ने छह नवंबर को फार्मासिस्ट के बेटे की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर महिला समेत तीन लोगों को अपहरण के आरोप में जेल भेज दिया था।
जेल जाने वालों में शहर निवासी महिला नाजमा भी थी। इसके बाद पुलिस ने चार अन्य लोगों को जेल भेजा। उसी दिन इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया था कि फार्मासिस्ट की हत्या जमीन के लिए की गई है, जबकि उसका शव गंगा में फेंक दिया गया था। शव नहीं मिल सका है। अब पुलिस ने फार्मासिस्ट का शव जिस कार में डालकर गंगा में फेंका था उसे बरामद कर लिया है।
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कार मालिक का नाम भी पुलिस की जांच में सामने आ गया है। वह सहसवान का ही रहने वाला है। अब पुलिस रिपोर्ट में उसका नाम भी बढ़ाने की तैयारी कर चुकी है, जबकि बदायूं शहर निवासी नाजमा का नाम रिपोर्ट से निकाल दिया गया है।
विवेचना में पता चला है कि महिला का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं। जिस कार से फार्मासिस्ट का शव फेंका गया था। उसका नाम भी प्रकाश में आ गया है। उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज होगी। -राकेश सिंह, कोतवाल
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मोहल्ला कबूलपुरा निवासी शाकिर अली जिला अस्पताल में फार्मासिस्ट थे। वह 15 अक्तूबर को जिला अस्पताल के लिए घर से निकले थे। इसी बीच का उनका अपहरण कर लिया गया। इस मामले में पुलिस ने छह नवंबर को फार्मासिस्ट के बेटे की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर महिला समेत तीन लोगों को अपहरण के आरोप में जेल भेज दिया था।
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जेल जाने वालों में शहर निवासी महिला नाजमा भी थी। इसके बाद पुलिस ने चार अन्य लोगों को जेल भेजा। उसी दिन इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया था कि फार्मासिस्ट की हत्या जमीन के लिए की गई है, जबकि उसका शव गंगा में फेंक दिया गया था। शव नहीं मिल सका है। अब पुलिस ने फार्मासिस्ट का शव जिस कार में डालकर गंगा में फेंका था उसे बरामद कर लिया है।
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कार मालिक का नाम भी पुलिस की जांच में सामने आ गया है। वह सहसवान का ही रहने वाला है। अब पुलिस रिपोर्ट में उसका नाम भी बढ़ाने की तैयारी कर चुकी है, जबकि बदायूं शहर निवासी नाजमा का नाम रिपोर्ट से निकाल दिया गया है।
विवेचना में पता चला है कि महिला का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं। जिस कार से फार्मासिस्ट का शव फेंका गया था। उसका नाम भी प्रकाश में आ गया है। उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज होगी। -राकेश सिंह, कोतवाल