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एक -दूसरे के पाले में डाली जा रही गेंद
बदायूं।
Updated Wed, 11 Feb 2015 12:22 AM IST
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जिला पुलिस और प्रशासन अवैध नखासों की आड़ में प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने से बच रहा है। सब कुछ स्पष्ट होने के बाद भी अधिकारी हर पहलू की जांच कराने की बात कह रहे हैं। प्रशासन, पुलिस और जिला पंचायत गेंद को एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं। यही वजह है कि अवैध नखासे का संचालन करने के आरोपी यासीन गद्दी के खिलाफ न तो अब तक रिपोर्ट दर्ज हो सकी है और न ही एक भी बड़े पशु तस्कर को ट्रेस किया जा सका है।
पांच-छह जनवरी की रात बिसौली, वजीरगंज और सिविल लाइंस थानों की पुलिस ने अभियान चलाकर सेमरमई के अवैध नखासे से प्रतिबंधित पशुओं की बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त का भंडाफोड़ किया। सेमरमई में 78 वाहनों से 233 पशु बरामद हुए थे। सौ गिरफ्तारियां भी हुईं थी। तब ही साफ हो गया था कि इन पशुओं को सेमरमई के अवैध नखासे से रामपुर, मुरादाबाद ले जाया जा रहा था। चार दिन के बाद भी पुलिस ने अवैध नखासे की आड़ में पशु तस्करी करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
पशुओं की तस्करी गिरोह बंद अपराध की श्रेणी में आता है। पशु तस्करों को ट्रेस करने के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। इनकी पहचान कर उन पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।
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- बालेंदु भूषण सिंह, प्रभारी एसएसपी
जिले में जिला पंचायत में रजिस्टर्ड 44 वैध नखासे भी नियम-शर्तों को धता बता रहे हैं। नियमानुसार नखासे में बिक्री से पहले पशुओं के स्वास्थ्य की जांच होनी चाहिए और स्वस्थ पशुओं की ही बिक्री होनी चाहिए। पशुओं को वाहनों से लाने-ले जाने के लिए भी नियम हैं लेकिन इनका पालन नहीं हो रहा है। नखासे में चारा, पानी और पर्याप्त छाया की भी व्यवस्था भी कागजों पर ही है।
कादरचौक में सोमवार को चलने वाले नखासे में देखा गया कि यहां बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं की खरीद-फरोख्त हो रही है। बिना स्वास्थ्य जांच के पशुओं को बेचा जा रहा और वाहनों से दूसरे जिलों में ले जाया जा रहा है। कहने को तो नखासे का एक दिन तय है मगर यह तीन दिन चलता है। पुलिस की भी नखासे को मौन स्वीकृति हासिल है।
इस मामले में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी हरपाल सिंह यादव ने कहा कि सभी नखासों की जांच शुरू हो गई है। जहां शर्तों का पालन नहीं हो रहा है, उस नखासे का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
सख्ती से लागू हो गोवध निषेध कानून
बदायूं। भाजपा ने गौवध निषेध कानून सख्ती से लागू करने के साथ इस कानून को तोड़ने वालों के खिलाफ रासुका लगाने की मांग की है। भाजपा की क्षेत्रीय मंत्री दीपमाला गोयल के आवास पर हुई बैठक में गौवंश की तस्करी पर रोष जताया गया।
केशवनाथ वैश्य ने कहा कि गौवंशीय पशुओं की तस्करी रुकनी चाहिए। जिले में चल रहे नखासों और पशुओं को ढोने वाले वाहनों की जांच होनी चाहिए। बैठक में मनोज कृष्ण गुप्ता, अम्बरीश गोयल, रविशरण चिंह, अरविंद परमार, सीमा गुप्ता, सोनू पंजाबी आदि रहे।
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पांच-छह जनवरी की रात बिसौली, वजीरगंज और सिविल लाइंस थानों की पुलिस ने अभियान चलाकर सेमरमई के अवैध नखासे से प्रतिबंधित पशुओं की बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त का भंडाफोड़ किया। सेमरमई में 78 वाहनों से 233 पशु बरामद हुए थे। सौ गिरफ्तारियां भी हुईं थी। तब ही साफ हो गया था कि इन पशुओं को सेमरमई के अवैध नखासे से रामपुर, मुरादाबाद ले जाया जा रहा था। चार दिन के बाद भी पुलिस ने अवैध नखासे की आड़ में पशु तस्करी करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
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पशुओं की तस्करी गिरोह बंद अपराध की श्रेणी में आता है। पशु तस्करों को ट्रेस करने के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। इनकी पहचान कर उन पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।
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- बालेंदु भूषण सिंह, प्रभारी एसएसपी
जिले में जिला पंचायत में रजिस्टर्ड 44 वैध नखासे भी नियम-शर्तों को धता बता रहे हैं। नियमानुसार नखासे में बिक्री से पहले पशुओं के स्वास्थ्य की जांच होनी चाहिए और स्वस्थ पशुओं की ही बिक्री होनी चाहिए। पशुओं को वाहनों से लाने-ले जाने के लिए भी नियम हैं लेकिन इनका पालन नहीं हो रहा है। नखासे में चारा, पानी और पर्याप्त छाया की भी व्यवस्था भी कागजों पर ही है।
कादरचौक में सोमवार को चलने वाले नखासे में देखा गया कि यहां बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं की खरीद-फरोख्त हो रही है। बिना स्वास्थ्य जांच के पशुओं को बेचा जा रहा और वाहनों से दूसरे जिलों में ले जाया जा रहा है। कहने को तो नखासे का एक दिन तय है मगर यह तीन दिन चलता है। पुलिस की भी नखासे को मौन स्वीकृति हासिल है।
इस मामले में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी हरपाल सिंह यादव ने कहा कि सभी नखासों की जांच शुरू हो गई है। जहां शर्तों का पालन नहीं हो रहा है, उस नखासे का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
सख्ती से लागू हो गोवध निषेध कानून
बदायूं। भाजपा ने गौवध निषेध कानून सख्ती से लागू करने के साथ इस कानून को तोड़ने वालों के खिलाफ रासुका लगाने की मांग की है। भाजपा की क्षेत्रीय मंत्री दीपमाला गोयल के आवास पर हुई बैठक में गौवंश की तस्करी पर रोष जताया गया।
केशवनाथ वैश्य ने कहा कि गौवंशीय पशुओं की तस्करी रुकनी चाहिए। जिले में चल रहे नखासों और पशुओं को ढोने वाले वाहनों की जांच होनी चाहिए। बैठक में मनोज कृष्ण गुप्ता, अम्बरीश गोयल, रविशरण चिंह, अरविंद परमार, सीमा गुप्ता, सोनू पंजाबी आदि रहे।