{"_id":"5dff676d8ebc3e87a25b4cfa","slug":"nagar-palika-badaun-news-bly3890191155","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं तो कोई है जो कर गया पालिका की आईडी से फर्जी टेंडर अपलोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहीं तो कोई है जो कर गया पालिका की आईडी से फर्जी टेंडर अपलोड
विज्ञापन
उझानी (बदायूं)। नगरपालिका परिषद की मेल आईडी के पासवर्ड के जरिए गवर्मेंट ई-मार्केट पोर्टल पर दो फर्जी टेंडर अपलोड किए जाने का मामला जिले के अफसरों के संज्ञान में पहुंच गया है। ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय हालांकि टेंडर निरस्त कर पालिका की आईडी का पासवर्ड चेंज करा चुके हैं, फिर भी अफसरों ने पूरे मामले में गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। फर्जीवाड़ा किस स्तर से हुआ, इसकी हकीकत सामने लाने के लिए जल्द ही जांच शुरू हो सकती है।
इसी महीना छह दिसंबर को गवर्मेंट ई-मार्केट पोर्टल पर उझानी नगर पालिका परिषद की मेल आईडी के पासवर्ड के जरिये किसी मास्टरमाइंड ने दो सौ लाइटों और टियर टैंपो की खरीद के लिए टेंडर अपलोड कर दिया था। टेंडर अपलोड होने के बाद ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय ने अफसरों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराने के बाद फर्जी टेंडर निरस्त कर दिए थे। ईओ की मानें तो पालिका ने लाइटों और टियर टैंपो की खरीद को कोई टेंडर निकाला ही नहीं था, जो किसी को पता होता। सिर्फ निजी फायदे के लिए किसी ने कारनामा कर डाला जो पकड़ में आ गया। इसके विपरीत, फर्जीवाड़े से जुड़ा पूरा मामला में तीन दिन पहले जिले के अफसरों के संज्ञान में पहुंचा तो अफसरों ने गौर करना शुरू कर दिया है। इसके बाद से उम्मीद भी जागी है कि जांच के दौरान फर्जीवाड़े का सूत्रधार सामने आ जाएगा। जानकारों का यहां तक कहना है कि मेल आईडी के लिए अगर किसी अन्य कंप्यूटर सेट पर खोला गया तो संबंधित के पास ओटीपी भी आना चाहिए। साथ ही उसका मैसेज भी मेल आईडी पर पहुंचता है। ओटीपी किस नंबर पर पहुंचा, यह भी जांच में ही साफ होगा।
उझानी पालिका की आईडी से गवर्मेंट ई-मार्केट पोर्टल पर फर्जी टेंडर अपलोड किए जाने का मामला संज्ञान में है। इससे जुड़े हर पहलू पर गौर किया जा रहा है। जांच भी होगी। जांच में जो भी दोषी निकला, उसे बख्शा नहीं जाएगा।- कुमार प्रशांत, डीएम।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी महीना छह दिसंबर को गवर्मेंट ई-मार्केट पोर्टल पर उझानी नगर पालिका परिषद की मेल आईडी के पासवर्ड के जरिये किसी मास्टरमाइंड ने दो सौ लाइटों और टियर टैंपो की खरीद के लिए टेंडर अपलोड कर दिया था। टेंडर अपलोड होने के बाद ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय ने अफसरों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराने के बाद फर्जी टेंडर निरस्त कर दिए थे। ईओ की मानें तो पालिका ने लाइटों और टियर टैंपो की खरीद को कोई टेंडर निकाला ही नहीं था, जो किसी को पता होता। सिर्फ निजी फायदे के लिए किसी ने कारनामा कर डाला जो पकड़ में आ गया। इसके विपरीत, फर्जीवाड़े से जुड़ा पूरा मामला में तीन दिन पहले जिले के अफसरों के संज्ञान में पहुंचा तो अफसरों ने गौर करना शुरू कर दिया है। इसके बाद से उम्मीद भी जागी है कि जांच के दौरान फर्जीवाड़े का सूत्रधार सामने आ जाएगा। जानकारों का यहां तक कहना है कि मेल आईडी के लिए अगर किसी अन्य कंप्यूटर सेट पर खोला गया तो संबंधित के पास ओटीपी भी आना चाहिए। साथ ही उसका मैसेज भी मेल आईडी पर पहुंचता है। ओटीपी किस नंबर पर पहुंचा, यह भी जांच में ही साफ होगा।
विज्ञापन
उझानी पालिका की आईडी से गवर्मेंट ई-मार्केट पोर्टल पर फर्जी टेंडर अपलोड किए जाने का मामला संज्ञान में है। इससे जुड़े हर पहलू पर गौर किया जा रहा है। जांच भी होगी। जांच में जो भी दोषी निकला, उसे बख्शा नहीं जाएगा।- कुमार प्रशांत, डीएम।
विज्ञापन