{"_id":"68b200c7365888e1a00d2ae6","slug":"mrf-center-closed-for-two-years-cattle-found-sick-in-gaushala-badaun-news-c-123-1-akb1003-145964-2025-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: दो साल से एमआरएफ सेंटर बंद, गोशाला में बीमार मिले मवेशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: दो साल से एमआरएफ सेंटर बंद, गोशाला में बीमार मिले मवेशी
विज्ञापन
रुदायन के एमआरएफ सेंटर पर निरीक्षण करते नायब तहसीलदार। संवाद
रुदायन। बिल्सी के नायब तहसीलदार मोहित राठी ने बृहस्पतिवार शाम को औचक निरीक्षण किया तो नगर पंचायत रुदायन में कई कमियां सामने आई। निरीक्षण के दौरान एमआरएफ सेंटर बंद पाया गया। कान्हा गोशाला में मवेशी बीमार मिले। इसके अलावा जलापूर्ति योजना और नगर पंचायत कार्यालय की स्थिति बदहाल मिली।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नगर में बना एमआरएफ सेंटर (कूड़ा निस्तारण केंद्र) करीब दो साल से बंद है। कुछ दिन पहले दिखावे के लिए कूड़ा डाल दिया गया था। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस सेंटर पर कभी चेयरमैन या कर्मचारी नहीं आते। यहां पर करोड़ों रुपये खर्च किए लेकिन उसका कोई लाभ जनता को नहीं मिल रहा है। नायब तहसीलदार जब कान्हा गोशाला पहुंचे तो स्थिति बदहाल मिली। गोशाला में बीमार पशुओं के इलाज के लिए कोई डॉक्टर नहीं है। चारे के नाम पर केवल सूखा भूसा मिला। उसमें गोबर मिला हुआ पाया गया।
पशुओं के लिए कोई अन्य पोषण सामग्री उपलब्ध नहीं थी। निरीक्षण में जलापूर्ति योजना की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। नगर के वार्ड पांच सहित कई इलाकों में अब तक पाइपलाइन नहीं डाली गई है। लोगों ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च कर भी पानी की समस्या जस की तस है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत में बड़े पैमाने पर गोलमाल हो रहा है। यदि जांच कराई गई तो बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नगर में बना एमआरएफ सेंटर (कूड़ा निस्तारण केंद्र) करीब दो साल से बंद है। कुछ दिन पहले दिखावे के लिए कूड़ा डाल दिया गया था। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस सेंटर पर कभी चेयरमैन या कर्मचारी नहीं आते। यहां पर करोड़ों रुपये खर्च किए लेकिन उसका कोई लाभ जनता को नहीं मिल रहा है। नायब तहसीलदार जब कान्हा गोशाला पहुंचे तो स्थिति बदहाल मिली। गोशाला में बीमार पशुओं के इलाज के लिए कोई डॉक्टर नहीं है। चारे के नाम पर केवल सूखा भूसा मिला। उसमें गोबर मिला हुआ पाया गया।
विज्ञापन
पशुओं के लिए कोई अन्य पोषण सामग्री उपलब्ध नहीं थी। निरीक्षण में जलापूर्ति योजना की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। नगर के वार्ड पांच सहित कई इलाकों में अब तक पाइपलाइन नहीं डाली गई है। लोगों ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च कर भी पानी की समस्या जस की तस है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत में बड़े पैमाने पर गोलमाल हो रहा है। यदि जांच कराई गई तो बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है।
विज्ञापन