{"_id":"634efcf83d0b28645e68e625","slug":"mp-mla-could-not-lobby-public-was-stumbling-badaun-news-bly501277924","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल किया सड़क बनने का इंतजार, बनी तो दो महीने नहीं चल पाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो साल किया सड़क बनने का इंतजार, बनी तो दो महीने नहीं चल पाई
विज्ञापन
मंडी समिति के पास टूटी पड़ी सड़क।संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। बदायूं से उसावां जाने वाले रोड की हालत के लिए जनप्रतिनिधि भी जिम्मेदार है। केवल बयानबाजी तक सिमटे नेताओं ने इस सड़क को बनवाने के लिए शासन तक मजबूत पैरवी नहीं की। यही वजह रही कि जनता अभी तक भी यहां ठोकरें खाने को मजबूर है। बदायूं से उसावां तक 34 किलोमीटर की यह सड़क वैसे तो पूरी ही जर्जर है, लेकिन शहर के नजदीक का करीब 900 मीटर का हिस्सा बेदह खराब है। यह स्थिति पिछले चार साल बनी हुई है।
विधानसभा और लोकसभा चुनाव से पहले नेताओं ने बड़े-बड़े भाषण दिए। प्रत्याशियों ने मंडी समिति रोड बनवाने के लिए भी लंबे-चौड़े वायदे किए। कई ने तो केवल सुर्खियों में बने रहने और श्रेय लेने के लिए धनराशि आने तक की घोषणा कर दी। पर, समय के साथ-साथ सब दावे और वादे धूमिल होते गए। चुनाव जीतने के बाद सांसद और विधायक तो बन गए, लेकिन इस सड़क को बनाने के लिए शासन तक मजबूत पैरवी नहीं कर सके। लोक निर्माण विभाग ने एक साल में तीन बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन वह पास नहीं हो रहा। लोगों का कहना है कि यदि नेता शासन तक अपनी बात मजबूती से रखते तो यह रोड न जाने कब का बन गया होता।
गौरीशंकर मंदिर से उसावां रोड को जाने वाला रोड बेहद खराब है। इसको बनाने के लिए शासन स्तर पर पैरवी की गई। वहां से धनराशि का भी आवंटन किया गया है। जल्द ही सड़क बनना शुरू हो जाएगी। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होगी। डॉ. संघमित्रा मौर्य, सांसद भाजपा
विज्ञापन
शहर से उसावां को जाने वाला रोड काफी जगह से टूट गया हैं। इसको बनवाने के लिए पिछले दिनों डीएम से मिलकर शासन को प्रस्ताव बनवाकर भिजवाया है। अब शासन स्तर पर इसकी पैरवी की जाएगी। ताकि इसे स्वीकृति मिल सके। -महेश चंद गुप्ता, सदर विधायक
----------
दो साल से खराब पड़ी थी सड़क, बनी तो दो महीने में ही उखड़ गई
बदायूं। आर्यसमाज से काली मंदिर होते हुए कायस्थ धर्मशाला को जाने वाली सड़क दो महीने भी नहीं चल पाई। सड़क की बजरी उधड़ जाने से लोग न केवल ठोकरें खा रहे हैं, बल्कि पत्थर उछलने से चोटिल भी हो रहे हैं। यह सड़क कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई।
काली मंदिर से कायस्थ धर्मशाला तक सड़क की जर्जर हालत से जनता दो साल परेशान रही। हालत ये रहे कि यहां से गुजरने वाले लोगों को करीब 300-350 मीटर जाने के लिए दूसरी सड़क से होकर जाना पड़ता था। लगभग दो माह पहले ही नगर पालिका ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण कराया, लेकिन यह सड़क कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई। बारिश में न सिर्फ यह रोड अपनी पहले जैसी शक्ल में आ गई, बल्कि इस पर उखड़ी पड़ी बजरी और रोड़ी अब लोगों को चोटिल भी करने लगी है। मंगलवार को कई लोगों ने इसकी वीडियो बनाकर भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद लोग जनप्रतिनिधियों को कोसते नजर आए।
इधर, सभासद अशोक गुप्ता ने बताया कि सड़क का निर्माण ठेकेदार आदित्य श्रोत्रिय ने कराया है। दो-तीन महीने पहले ही बनी है। अब सड़क पूरी तरह उधड़ गई है। कई बार ठेकेदार से कहा गया है, लेकिन हर बार बारिश रुकने की बात कह देते हैं। जेई और पालिकाध्यक्ष से भी कहा गया है। इधर, ठेकेदार आदित्य का कहना है कि बारिश के कारण उधड़ गई है। इसे सही करा दिया जाएगा।
कुछ समय पहले यह सड़क बनाई गई थी। अब यह सड़क खराब होने लगी है। अभी तक ठेकेदार का फाइनल पेमेंट नहीं किया गया है। जब तक वह सड़क सही करके नहीं देते है, जब तक उनका भुगतान नहीं किया जाएगा।- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
विज्ञापन
विधानसभा और लोकसभा चुनाव से पहले नेताओं ने बड़े-बड़े भाषण दिए। प्रत्याशियों ने मंडी समिति रोड बनवाने के लिए भी लंबे-चौड़े वायदे किए। कई ने तो केवल सुर्खियों में बने रहने और श्रेय लेने के लिए धनराशि आने तक की घोषणा कर दी। पर, समय के साथ-साथ सब दावे और वादे धूमिल होते गए। चुनाव जीतने के बाद सांसद और विधायक तो बन गए, लेकिन इस सड़क को बनाने के लिए शासन तक मजबूत पैरवी नहीं कर सके। लोक निर्माण विभाग ने एक साल में तीन बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन वह पास नहीं हो रहा। लोगों का कहना है कि यदि नेता शासन तक अपनी बात मजबूती से रखते तो यह रोड न जाने कब का बन गया होता।
विज्ञापन
गौरीशंकर मंदिर से उसावां रोड को जाने वाला रोड बेहद खराब है। इसको बनाने के लिए शासन स्तर पर पैरवी की गई। वहां से धनराशि का भी आवंटन किया गया है। जल्द ही सड़क बनना शुरू हो जाएगी। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होगी। डॉ. संघमित्रा मौर्य, सांसद भाजपा
विज्ञापन
शहर से उसावां को जाने वाला रोड काफी जगह से टूट गया हैं। इसको बनवाने के लिए पिछले दिनों डीएम से मिलकर शासन को प्रस्ताव बनवाकर भिजवाया है। अब शासन स्तर पर इसकी पैरवी की जाएगी। ताकि इसे स्वीकृति मिल सके। -महेश चंद गुप्ता, सदर विधायक
----------
दो साल से खराब पड़ी थी सड़क, बनी तो दो महीने में ही उखड़ गई
बदायूं। आर्यसमाज से काली मंदिर होते हुए कायस्थ धर्मशाला को जाने वाली सड़क दो महीने भी नहीं चल पाई। सड़क की बजरी उधड़ जाने से लोग न केवल ठोकरें खा रहे हैं, बल्कि पत्थर उछलने से चोटिल भी हो रहे हैं। यह सड़क कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई।
काली मंदिर से कायस्थ धर्मशाला तक सड़क की जर्जर हालत से जनता दो साल परेशान रही। हालत ये रहे कि यहां से गुजरने वाले लोगों को करीब 300-350 मीटर जाने के लिए दूसरी सड़क से होकर जाना पड़ता था। लगभग दो माह पहले ही नगर पालिका ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण कराया, लेकिन यह सड़क कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई। बारिश में न सिर्फ यह रोड अपनी पहले जैसी शक्ल में आ गई, बल्कि इस पर उखड़ी पड़ी बजरी और रोड़ी अब लोगों को चोटिल भी करने लगी है। मंगलवार को कई लोगों ने इसकी वीडियो बनाकर भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद लोग जनप्रतिनिधियों को कोसते नजर आए।
इधर, सभासद अशोक गुप्ता ने बताया कि सड़क का निर्माण ठेकेदार आदित्य श्रोत्रिय ने कराया है। दो-तीन महीने पहले ही बनी है। अब सड़क पूरी तरह उधड़ गई है। कई बार ठेकेदार से कहा गया है, लेकिन हर बार बारिश रुकने की बात कह देते हैं। जेई और पालिकाध्यक्ष से भी कहा गया है। इधर, ठेकेदार आदित्य का कहना है कि बारिश के कारण उधड़ गई है। इसे सही करा दिया जाएगा।
कुछ समय पहले यह सड़क बनाई गई थी। अब यह सड़क खराब होने लगी है। अभी तक ठेकेदार का फाइनल पेमेंट नहीं किया गया है। जब तक वह सड़क सही करके नहीं देते है, जब तक उनका भुगतान नहीं किया जाएगा।- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष

काली मंदिर से कायस्थ धर्मशाला को जाने वाली सड़क की हालत। संवाद- फोटो : BADAUN