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लावेला चौक पर तीन बच्चे छोड़ गई महिला
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बदायूं। अपने बच्चों को हमेशा कलेजे से लगाकर रखने वाली एक मां इतनी पत्थर दिल हो गई कि उनको भूखा प्यासा लावेला चौक पर लावारिस छोड़ गई। बाद में चाइल्ड लाइन ने बच्चों को अपने संरक्षण में लिया और मां की तलाश की। करीब पांच घंटे बाद महिला अपने बच्चों को खोजते हुए कोतवाली पहुंची जिसके बाद बच्चों को उसके हवाले किया गया।
महिला सुमन पत्नी ठाकुरदास वजीरगंज क्षेत्र के ग्राम करकटपुर की रहने वाली है। उसकी तीन बेटियां हैं। सात साल की राखी, चार साल की राधा और एक साल की अंजलि। सबसे छोटी बच्ची कुपोषण का शिकार थी जिसके एक माह पहले जिला अस्पताल के पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती किया था। उसकी छुट्टी काफी दिन पहले ही हो चुकी थी लेकिन महिला वहीं बच्चियों के साथ रह रही थी। मंगलवार सुबह वह बच्चों को लेकर लावेला चौक पहुंची और उनको वहीं छोड़कर कहीं चली गई। सुबह करीब दस बजे दुकानदार अपनी दुकान खोलने पहुंचा तो उन्होंने बच्चों को लावारिस हाल में लेटा देखा। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की सूचना पर चाइल्ड लाइन टीम भी पहुंच गई। टीम बच्चों को अपने साथ ले गई और उनके माता-पिता की तलाश शुरू कर दी। करीब पांच घंटे बाद महिला बच्चों को तलाश करते हुई सदर कोतवाली पहुंची। उसके पति को भी कोतवाली बुलाया गया। बच्चों को उनके हवाले कर दिया गया। बताते हैं कि यह महिला एक बार पहले भी अपने बच्चे जिला अस्पताल में छोड़कर कहीं चली गई थी। फिर कई घंटे बाद लौटी थी। पूछने पर महिला ने सिर्फ इतना बताया कि वह कुछ सामान खरीदने बाजार गई थी।
तीनों बच्चे लावेला चौक पर मिले थे। हमारी टीम उन्हें लेकर कोतवाली गई थी। उनके मां-बाप को तलाश किया जा रहा था। उसके बाद महिला अपने बच्चों को खोजती हुई कोतवाली पहुंच गई। उसके पति को भी बुलाया गया। उसके बाद तीनों बच्चे उन्हें सौंप दिए गए।
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कमल शर्मा, जिला कोऑडिनेटर चाइल्ड लाइन
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महिला सुमन पत्नी ठाकुरदास वजीरगंज क्षेत्र के ग्राम करकटपुर की रहने वाली है। उसकी तीन बेटियां हैं। सात साल की राखी, चार साल की राधा और एक साल की अंजलि। सबसे छोटी बच्ची कुपोषण का शिकार थी जिसके एक माह पहले जिला अस्पताल के पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती किया था। उसकी छुट्टी काफी दिन पहले ही हो चुकी थी लेकिन महिला वहीं बच्चियों के साथ रह रही थी। मंगलवार सुबह वह बच्चों को लेकर लावेला चौक पहुंची और उनको वहीं छोड़कर कहीं चली गई। सुबह करीब दस बजे दुकानदार अपनी दुकान खोलने पहुंचा तो उन्होंने बच्चों को लावारिस हाल में लेटा देखा। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की सूचना पर चाइल्ड लाइन टीम भी पहुंच गई। टीम बच्चों को अपने साथ ले गई और उनके माता-पिता की तलाश शुरू कर दी। करीब पांच घंटे बाद महिला बच्चों को तलाश करते हुई सदर कोतवाली पहुंची। उसके पति को भी कोतवाली बुलाया गया। बच्चों को उनके हवाले कर दिया गया। बताते हैं कि यह महिला एक बार पहले भी अपने बच्चे जिला अस्पताल में छोड़कर कहीं चली गई थी। फिर कई घंटे बाद लौटी थी। पूछने पर महिला ने सिर्फ इतना बताया कि वह कुछ सामान खरीदने बाजार गई थी।
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तीनों बच्चे लावेला चौक पर मिले थे। हमारी टीम उन्हें लेकर कोतवाली गई थी। उनके मां-बाप को तलाश किया जा रहा था। उसके बाद महिला अपने बच्चों को खोजती हुई कोतवाली पहुंच गई। उसके पति को भी बुलाया गया। उसके बाद तीनों बच्चे उन्हें सौंप दिए गए।
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कमल शर्मा, जिला कोऑडिनेटर चाइल्ड लाइन