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Budaun News: शोपीस बने अधिकांश एमआरएफ सेंटर
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वजीरगंज में सड़क किनारे फैला कूड़ा। संवाद
बदायूं। शहर समेत सभी निकाय में कूड़ा निस्तारण करने के लिए बनाए गए अधिकांश एमआरएफ सेंटर शोपीस बने हुए हैं। कई जगह तो बिजली कनेक्शन तक नहीं हो पाया है। इसकी वजह से मशीन खराब हो रही है।
जिले में सात नगर पालिका और 14 नगर पंचायतों में सात करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए अधिकांश एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बंद पड़े हैं। हालात यह हैं कि अलापुर, कछला, सखानू, वजीरगंज के एमआरएफ सेंटर का तो ताला तक नहीं खुल सका है। यहां कूड़ा सड़क किनारे या डंपिंग ग्राउंड में फेंका जा रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालात नगर पंचायतों में है।
एमआरएफ सेंटर बंद होने की वजह से जहां पर भी पंचायत को जगह खाली मिली वहां पर कर्मचारी कूड़ा फेंक रहे हैं। इससे अलापुर में गंदगी की भरमार है। यहीं हालत वजीरगंज क्षेत्र की है। वहां पर भी एमआरएफ सेंटर बंद होने के चलते कर्मचारी कभी डंपिंग ग्राउंड तो कभी सड़क किनारे कूड़ा फेंक रहे हैं। इससे सड़क किनारे गंदगी फैल रही है। हालांकि उझानी, सहसवान, ककराला, बिसौली, उसहैत में बिजली कनेक्शन और जेनरेटर है। यहां एमआरएफ सेंटर चल रहे हैं।
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शहर के एमआरएफ सेंटर में हो रहा है कूड़ा निस्तारण का काम
शहर में नगर पालिका की ओर से मीरा सराय में एमआरएफ सेंटर बनाया गया है। वहां पर रोजाना तीन से चार टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। यह काम अभी मैन्युअल तरीके से आउट सोर्सिंग के पांच-छह स्टाफ से कराया जा रहा है। पालिका के अनुसार, शहर में 30 रिक्शा चलाए जा रहे हैं, जो घर-घर से कूड़ा उठाने का काम कर रहे हैं। कूड़े से खाद भी बनाई जा रही है।
सैदपुर में तो बिजली कनेक्शन तक नहीं, लगना है जेनरेटर
नगर पंचायत सैदपुर में बना एमआरएफ सेंटर बिजली का कनेक्शन न हो पाने के कारण बंद पड़ा है। वहां पर रखीं मशीनें खराब हो रहीं थीं। इसको ध्यान रखते हुए पंचायत ने मैन्युअल तरीके से दो दिन पहले काम शुरू कराया गया है। यहां कर्मचारी लगाकर कूड़े को अलग-अलग किया जा रहा है। हालांकि पंचायत की ओर से 15वें वित्त से यहां 25 एमबीए का जेनरेटर खरीदने के लिए सवा नौ लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर जिलाधिकारी को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद जेनरेटर की खरीद की जाएगी। इस संबंध में ईओ अखिलेश कुमार दीक्षित ने बताया कि वजीरगंज व सैदपुर में जेनरेटर खरीदने के लिए पत्रावली भेजी गई है।
सभी जगह कूड़े का निस्तारण कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कई जगहों पर कर्मचारी लगाकर कूड़ा निस्तारण का कार्य कराया जा रहा है। - अरुण कुमार, एडीएम प्रशासन
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जिले में सात नगर पालिका और 14 नगर पंचायतों में सात करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए अधिकांश एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बंद पड़े हैं। हालात यह हैं कि अलापुर, कछला, सखानू, वजीरगंज के एमआरएफ सेंटर का तो ताला तक नहीं खुल सका है। यहां कूड़ा सड़क किनारे या डंपिंग ग्राउंड में फेंका जा रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालात नगर पंचायतों में है।
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एमआरएफ सेंटर बंद होने की वजह से जहां पर भी पंचायत को जगह खाली मिली वहां पर कर्मचारी कूड़ा फेंक रहे हैं। इससे अलापुर में गंदगी की भरमार है। यहीं हालत वजीरगंज क्षेत्र की है। वहां पर भी एमआरएफ सेंटर बंद होने के चलते कर्मचारी कभी डंपिंग ग्राउंड तो कभी सड़क किनारे कूड़ा फेंक रहे हैं। इससे सड़क किनारे गंदगी फैल रही है। हालांकि उझानी, सहसवान, ककराला, बिसौली, उसहैत में बिजली कनेक्शन और जेनरेटर है। यहां एमआरएफ सेंटर चल रहे हैं।
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शहर के एमआरएफ सेंटर में हो रहा है कूड़ा निस्तारण का काम
शहर में नगर पालिका की ओर से मीरा सराय में एमआरएफ सेंटर बनाया गया है। वहां पर रोजाना तीन से चार टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। यह काम अभी मैन्युअल तरीके से आउट सोर्सिंग के पांच-छह स्टाफ से कराया जा रहा है। पालिका के अनुसार, शहर में 30 रिक्शा चलाए जा रहे हैं, जो घर-घर से कूड़ा उठाने का काम कर रहे हैं। कूड़े से खाद भी बनाई जा रही है।
सैदपुर में तो बिजली कनेक्शन तक नहीं, लगना है जेनरेटर
नगर पंचायत सैदपुर में बना एमआरएफ सेंटर बिजली का कनेक्शन न हो पाने के कारण बंद पड़ा है। वहां पर रखीं मशीनें खराब हो रहीं थीं। इसको ध्यान रखते हुए पंचायत ने मैन्युअल तरीके से दो दिन पहले काम शुरू कराया गया है। यहां कर्मचारी लगाकर कूड़े को अलग-अलग किया जा रहा है। हालांकि पंचायत की ओर से 15वें वित्त से यहां 25 एमबीए का जेनरेटर खरीदने के लिए सवा नौ लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर जिलाधिकारी को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद जेनरेटर की खरीद की जाएगी। इस संबंध में ईओ अखिलेश कुमार दीक्षित ने बताया कि वजीरगंज व सैदपुर में जेनरेटर खरीदने के लिए पत्रावली भेजी गई है।
सभी जगह कूड़े का निस्तारण कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कई जगहों पर कर्मचारी लगाकर कूड़ा निस्तारण का कार्य कराया जा रहा है। - अरुण कुमार, एडीएम प्रशासन

वजीरगंज में सड़क किनारे फैला कूड़ा। संवाद

वजीरगंज में सड़क किनारे फैला कूड़ा। संवाद

वजीरगंज में सड़क किनारे फैला कूड़ा। संवाद

वजीरगंज में सड़क किनारे फैला कूड़ा। संवाद

वजीरगंज में सड़क किनारे फैला कूड़ा। संवाद