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सेवानिवृत्त शिक्षक के घर में चल रहा था रुपयों का विवाद, अपने भी शक के दायरे में
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मृतक सत्यपाल सिंह। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। सेवानिवृत्त शिक्षक की हत्या के मामले में रुपयों का विवाद सामने आ रहा है। पुलिस की पूछताछ के दौरान गांव के तमाम लोगों ने इसकी पुष्टि की, लेकिन शिक्षक के बेटे ऐसे विवाद से इन्कार कर रहे हैं। इससे पुलिस को शक है कि इसमें कोई अपना व्यक्ति भी शामिल हो सकता है। पुलिस छानबीन में जुटी है।
मंगलवार शाम सेवानिवृत्त शिक्षक सत्यपाल सिंह की अमरौली और सैदपुर के बीच गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब से पुलिस हत्यारों की तलाश में लगी है। मौके पर मिले भिखारी को भी थाने लाकर पूछताछ की गई। उससे पुलिस को काफी मदद मिली है। पुलिस उसे सैदपुर ले गई थी। जहां उसने सीसीटीवी कैमरे देखकर दोनों हत्यारोपियों की पहचान की। इसके अलावा पुलिस रात करीब 11 भिखारी को लेकर सेवानिवृत्त शिक्षक के घर पहुंचीं। उसके सामने ही परिवार के लोगों से जानकारी ली।
गांव के लोगों से भी पूछताछ की गई। कुछ लोगों ने बताया कि सत्यपाल सिंह सेवानिवृत्त शिक्षक थे। उन्हें फंड आदि का पैसा मिला था। सारा पैसा उनके खाते में था। उसको लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। उनके दो बेटे हैं। हत्या के दौरान दोनों बेटे विपिन प्रताप सिंह और हरीश प्रताप सिंह घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने उनसे भी पूछताछ की है लेकिन उन्होंने रुपयों का विवाद होने से इन्कार किया है। बताया जा रहा है कि इसमें पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस जल्द ही इसका खुलासा कर सकती है। इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पांडेय ने बताया कि भिखारी ने दोनों हत्यारोपियों को पहचाना है। उसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
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सत्यपाल सिंह को नजदीक से मारी गई थी गोली
थाना पुलिस ने बुधवार दोपहर सेवानिवृत्त शिक्षक के शव का पोस्टमार्टम करा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उन्हें नजदीक से गोली मारी गई थी। देर शाम सत्यपाल सिंह के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पुलिस भी मौजूद रही।
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मंगलवार शाम सेवानिवृत्त शिक्षक सत्यपाल सिंह की अमरौली और सैदपुर के बीच गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब से पुलिस हत्यारों की तलाश में लगी है। मौके पर मिले भिखारी को भी थाने लाकर पूछताछ की गई। उससे पुलिस को काफी मदद मिली है। पुलिस उसे सैदपुर ले गई थी। जहां उसने सीसीटीवी कैमरे देखकर दोनों हत्यारोपियों की पहचान की। इसके अलावा पुलिस रात करीब 11 भिखारी को लेकर सेवानिवृत्त शिक्षक के घर पहुंचीं। उसके सामने ही परिवार के लोगों से जानकारी ली।
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गांव के लोगों से भी पूछताछ की गई। कुछ लोगों ने बताया कि सत्यपाल सिंह सेवानिवृत्त शिक्षक थे। उन्हें फंड आदि का पैसा मिला था। सारा पैसा उनके खाते में था। उसको लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। उनके दो बेटे हैं। हत्या के दौरान दोनों बेटे विपिन प्रताप सिंह और हरीश प्रताप सिंह घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने उनसे भी पूछताछ की है लेकिन उन्होंने रुपयों का विवाद होने से इन्कार किया है। बताया जा रहा है कि इसमें पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस जल्द ही इसका खुलासा कर सकती है। इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पांडेय ने बताया कि भिखारी ने दोनों हत्यारोपियों को पहचाना है। उसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
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सत्यपाल सिंह को नजदीक से मारी गई थी गोली
थाना पुलिस ने बुधवार दोपहर सेवानिवृत्त शिक्षक के शव का पोस्टमार्टम करा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उन्हें नजदीक से गोली मारी गई थी। देर शाम सत्यपाल सिंह के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पुलिस भी मौजूद रही।