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मां समूह की निगरानी में बंटेगा मिड-डे मील
अमर उजाला ब्यूरो/ बदायूं
Updated Wed, 17 May 2017 11:36 PM IST
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स्कूल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हर परिषदीय स्कूल में 20 मई तक किया जाएगा छह सदस्यीय मां समूह का गठन
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में मिड-डे मील वितरण की व्यवस्था पारदर्शी और गुणवत्तापरक बनाने के लिए अब बच्चों की महिला अभिभावकों वाले छह सदस्यीय मां समूह को निगरानी में लगाया जाएगा। माताओं का यह समूह मिड-डे मील की गुणवत्ता से लेकर उसका नियमित वितरण कराने में भी अहम भूमिका निभाएगा। प्रत्येक स्कूल में शासन से मां समूह का गठन करने के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है।
जिले में शासकीय, अर्द्धशासकीय, मदरसा और परिषद मिलाकर कुल 3557 विद्यालय हैं। इनमें 2458 परिषदीय स्कूल हैं। इन सभी स्कूलों में मिड-डे-मील के रख-रखाव और गुणवत्ता की जांच के लिए छह बच्चों की महिला अभिभावकों के मां समूह का गठन किया जाएगा। महिला अभिभावकों में बच्चे की दादी, नानी, मौसी, बहन और बुआ हो सकती है। मां समूह प्रत्येक कार्यदिवस में स्कूल जाकर मिड-डे-मील की जांच करेगी और बच्चों के साथ भोजन भी करेगी। बच्चों को मिड-डे मील परोसे जाने से पहले मां समूह के सदस्याएं उसको चखकर उसकी गुणवत्ता चेक करेंगी। अगर मिड-डे मील की गुणवत्ता ठीक होगी, तभी मां समूह उसका वितरण बच्चों को कराने की अनुमति देगा अन्यथा नहीं। जिन विद्यालयों में मिड-डे मील का वितरण नियमित नहीं किया जाता, मां समूह को यह भी अधिकार होगा कि वह उनमें मिड-डे मील का वितरण अनिवार्य रूप से नियमित कराए। मेन्यू के मुताबिक मिड-डे मील बनवाने का काम भी यही समूह करेगा, अन्यथा की स्थिति में समूह कोई भी शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों और डीएम से करेगा। मां समूह सक्रिय रहे इसलिए समूह में सम्मिलित महिलाओं की प्रत्येक दिन स्कूल में उपस्थिति प्रधानाध्यापक की ओर से उपस्थिति पंजिका पर दर्ज की जाएगी। बीएसए प्रेमचंद्र यादव ने बताया कि मां समूह का गठन प्रत्येक विद्यालय में 20 मई तक कराया जाएगा। इसके निर्देश सभी ब्लाकों के खंड शिक्षाधिकारियों को दे दिए गए हैं। मां समूह का गठन होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में मिड-डे मील वितरण की व्यवस्था पारदर्शी और गुणवत्तापरक बनाने के लिए अब बच्चों की महिला अभिभावकों वाले छह सदस्यीय मां समूह को निगरानी में लगाया जाएगा। माताओं का यह समूह मिड-डे मील की गुणवत्ता से लेकर उसका नियमित वितरण कराने में भी अहम भूमिका निभाएगा। प्रत्येक स्कूल में शासन से मां समूह का गठन करने के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है।
जिले में शासकीय, अर्द्धशासकीय, मदरसा और परिषद मिलाकर कुल 3557 विद्यालय हैं। इनमें 2458 परिषदीय स्कूल हैं। इन सभी स्कूलों में मिड-डे-मील के रख-रखाव और गुणवत्ता की जांच के लिए छह बच्चों की महिला अभिभावकों के मां समूह का गठन किया जाएगा। महिला अभिभावकों में बच्चे की दादी, नानी, मौसी, बहन और बुआ हो सकती है। मां समूह प्रत्येक कार्यदिवस में स्कूल जाकर मिड-डे-मील की जांच करेगी और बच्चों के साथ भोजन भी करेगी। बच्चों को मिड-डे मील परोसे जाने से पहले मां समूह के सदस्याएं उसको चखकर उसकी गुणवत्ता चेक करेंगी। अगर मिड-डे मील की गुणवत्ता ठीक होगी, तभी मां समूह उसका वितरण बच्चों को कराने की अनुमति देगा अन्यथा नहीं। जिन विद्यालयों में मिड-डे मील का वितरण नियमित नहीं किया जाता, मां समूह को यह भी अधिकार होगा कि वह उनमें मिड-डे मील का वितरण अनिवार्य रूप से नियमित कराए। मेन्यू के मुताबिक मिड-डे मील बनवाने का काम भी यही समूह करेगा, अन्यथा की स्थिति में समूह कोई भी शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों और डीएम से करेगा। मां समूह सक्रिय रहे इसलिए समूह में सम्मिलित महिलाओं की प्रत्येक दिन स्कूल में उपस्थिति प्रधानाध्यापक की ओर से उपस्थिति पंजिका पर दर्ज की जाएगी। बीएसए प्रेमचंद्र यादव ने बताया कि मां समूह का गठन प्रत्येक विद्यालय में 20 मई तक कराया जाएगा। इसके निर्देश सभी ब्लाकों के खंड शिक्षाधिकारियों को दे दिए गए हैं। मां समूह का गठन होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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