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मिनी कुंभ में बनेगा 20 बेड का अस्थाई अस्पताल
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मेला ककोड़ा। रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध मेला ककोड़ा में इस बार 20 बेड का अस्थायी अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें इमरजेंसी सेवाओं के लिए पांच एंबुलेंस मौजूद रहेंगी। इसके अलावा आधुनिक सुविधाओं से लैस एक एएलएस (एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस भी यहां तैयार रहेगी। अस्पताल में 16 पुरुष और पांच महिला डॉक्टरों की तैनाती कर दी गई है।
मेला ककोड़ा में आसपास के जिलों के लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य विभाग बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देगा। इसकी कवायद शुरू हो चुकी है। मेला गेट के पास बनने वाले 20 बेड के अस्पताल में ओपीडी संग इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। 16 पुुरुष और पांच महिला डॉक्टरों की तैनाती की गई है, साथ ही चार स्टाफ नर्स, चार फार्मासिस्ट, पांच सफाई कर्मचारी समेत लैब टेक्नीशियन भी तैनात रहेंगे। विभाग की मानें तो उसके पास अभी पर्याप्त मात्रा में दवाएं मौजूद हैं। मेला ककोड़ा को ध्यान में रखते हुए पहले ही दवाओं का इंतजाम कर लिया गया था, ताकि मेले के वक्त किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
-स्वास्थ्य विभाग मेला ककोड़ा में कोई कमी अपनी ओर से नहीं छोड़ना चाहता है। यही वजह है कि उसने 16 पुरुष और पांच महिला डॉक्टरों की ड्यूटी मेले में लगाई गई है, साथ ही जरूरत पड़ने पर आठ डॉक्टरों को रिजर्व में रखा गया है।
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-मेला ककोड़ा में बने अस्थायी अस्पताल मेें इलाज कराने के लिए पहुुंचने वालों मरीजों में सबसे ज्यादा एलर्जी के मरीज होते हैं, क्योंकि धूल और धूप से काफी लोगों को एलर्जी होती है। वहीं कुछ मरीजों को सांस फूलने समेत खांसी और जकड़न की शिकायत भी बन जाती है।
मेला ककोड़ा में श्रद्धालुओं का बेहतर इलाज किया जाएगा। श्रद्घालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। मेले में 20 बेड का अस्थायी अस्पताल बनाया जाएगा।
- डॉ. मनजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
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मेला ककोड़ा में आसपास के जिलों के लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य विभाग बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देगा। इसकी कवायद शुरू हो चुकी है। मेला गेट के पास बनने वाले 20 बेड के अस्पताल में ओपीडी संग इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। 16 पुुरुष और पांच महिला डॉक्टरों की तैनाती की गई है, साथ ही चार स्टाफ नर्स, चार फार्मासिस्ट, पांच सफाई कर्मचारी समेत लैब टेक्नीशियन भी तैनात रहेंगे। विभाग की मानें तो उसके पास अभी पर्याप्त मात्रा में दवाएं मौजूद हैं। मेला ककोड़ा को ध्यान में रखते हुए पहले ही दवाओं का इंतजाम कर लिया गया था, ताकि मेले के वक्त किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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-स्वास्थ्य विभाग मेला ककोड़ा में कोई कमी अपनी ओर से नहीं छोड़ना चाहता है। यही वजह है कि उसने 16 पुरुष और पांच महिला डॉक्टरों की ड्यूटी मेले में लगाई गई है, साथ ही जरूरत पड़ने पर आठ डॉक्टरों को रिजर्व में रखा गया है।
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-मेला ककोड़ा में बने अस्थायी अस्पताल मेें इलाज कराने के लिए पहुुंचने वालों मरीजों में सबसे ज्यादा एलर्जी के मरीज होते हैं, क्योंकि धूल और धूप से काफी लोगों को एलर्जी होती है। वहीं कुछ मरीजों को सांस फूलने समेत खांसी और जकड़न की शिकायत भी बन जाती है।
मेला ककोड़ा में श्रद्धालुओं का बेहतर इलाज किया जाएगा। श्रद्घालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। मेले में 20 बेड का अस्थायी अस्पताल बनाया जाएगा।
- डॉ. मनजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ