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Budaun News: मेडिकल कॉलेज को मिला जनरल सर्जन, अब हो सकेंगे पथरी, आंत के भी ऑपरेशन
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राजकीय मेडिकल कॉलेज। संवाद
- फोटो : अलीगंज तहसील में एसडीएम को अपनी शिकायत बताते छात्र।
बदायूं। जिले में अब तक जनरल ऑपरेशन न हो पाने के कारण मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ रहा था। अब मेडिकल कॉलेज में जनरल सर्जन डॉ. अमित गुप्ता की तैनाती कर दी गई है। इससे अब यहां पथरी, आंत व पेट संबंधी बीमारियों के ऑपरेशन भी शुरू हो जाएंगे। अब तक मेडिकल कॉलेज में एकमात्र सर्जन डॉ. विपिन ही तैनात थे। चूंकि, वह सीएमएस भी हैं इसलिए ज्यादा ऑपरेशन संभव नहीं हो पा रहे थे।
जिला अस्पताल में चार महीने से जनरल सर्जन नहीं है। यहां महज हड्डी के सर्जन डॉ. रियाज ही हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज में एक मात्र सर्जन डॉ. विपिन हैं तो सीएमएस होने के नाते उन पर काम इतना अधिकर होता है कि वे न के बराबर सर्जरी कर पाते हैं। हालांकि यहां सर्जन के 16 पद सृजित हैं। ऐसे में मरीजों को सैफई और अलीगढ़ रेफर किया रहा था। अमर उजाला ने इस समस्या को पिछले दिनाें प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसके बाद शासन ने मेडिकल कॉलेज में सर्जन डॉ. अमित गुप्ता की तैनाती कर दी है। जनरल सर्जन के तैनात होने के बाद मेडिकल कॉलेज में अब पथरी, आंत व पेट संबंधी बीमारियों के ऑपरेशन हो सकेंगे। सर्जन के जाने के बाद छोटे ऑपरेशन तक के लिए मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ता था। हालांकि लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल को भी कम से कम एक जनरल सर्जन मिले तो बात बने। पहले सर्जन होने पर यहां तीन-चार ऑपरेशन प्रतिदिन होते थे।
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मेडिकल कॉलेज में दो साल से एक ही सर्जन सर्जरी कर रहे थे। शासन को लगातार पत्राचार किया। अब जनरल सर्जन मिले हैं। इनके आने से सर्जरी विभाग में लोगों को ज्यादा सुविधाएं मिल सकेंगी। - डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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जिला अस्पताल में चार महीने से जनरल सर्जन नहीं है। यहां महज हड्डी के सर्जन डॉ. रियाज ही हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज में एक मात्र सर्जन डॉ. विपिन हैं तो सीएमएस होने के नाते उन पर काम इतना अधिकर होता है कि वे न के बराबर सर्जरी कर पाते हैं। हालांकि यहां सर्जन के 16 पद सृजित हैं। ऐसे में मरीजों को सैफई और अलीगढ़ रेफर किया रहा था। अमर उजाला ने इस समस्या को पिछले दिनाें प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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इसके बाद शासन ने मेडिकल कॉलेज में सर्जन डॉ. अमित गुप्ता की तैनाती कर दी है। जनरल सर्जन के तैनात होने के बाद मेडिकल कॉलेज में अब पथरी, आंत व पेट संबंधी बीमारियों के ऑपरेशन हो सकेंगे। सर्जन के जाने के बाद छोटे ऑपरेशन तक के लिए मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ता था। हालांकि लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल को भी कम से कम एक जनरल सर्जन मिले तो बात बने। पहले सर्जन होने पर यहां तीन-चार ऑपरेशन प्रतिदिन होते थे।
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मेडिकल कॉलेज में दो साल से एक ही सर्जन सर्जरी कर रहे थे। शासन को लगातार पत्राचार किया। अब जनरल सर्जन मिले हैं। इनके आने से सर्जरी विभाग में लोगों को ज्यादा सुविधाएं मिल सकेंगी। - डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज