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लापरवाही: इस्लामनगर सीएचसी में एक रात में जन्मे चार नवजात, सभी की मौत
Tue, 02 Jun 2020 02:36 PM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2020 02:36 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के इस्लामनगर सीएचसी में रविवार रात चार महिलाओं का प्रसव हुआ और चारों नवजातों की मौत हो गई। प्रसूताओं के परिवार ने इलाज में लापरवाही और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। सभी गर्भवती एंबुलेंस 102 से सीएचसी पहुंची थीं। सीएचसी प्रभारी डॉ. अमन सिद्दीकी का कहना है कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
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रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे गिरधरपुर गांव का जेंटरपाल प्रसव पीड़ा होने पर अपनी पत्नी अनीता को लेकर सीएचसी पहुंचा। यहां सिर्फ स्टाफ नर्स के साथ एक अन्य महिला मौजूद थी। इन लोगों ने अनीता का प्रसव कराया। कुछ ही देर के बाद अनीता के नवजात बेटे ने दम तोड़ दिया।
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रात करीब 9 बजे अलीनगर का जितेंद्र अपनी गर्भवती पत्नी सुनीता को लेकर प्रसव के लिए सीएचसी पहुंचा। जितेंद्र का आरोप है कि उससे पांच सौ रुपये लिए गए। प्रसव के कुछ देर के बाद ही उनके नवजात बेटे की मौत हो गई। उसका नार सही ढंग से नहीं काटा गया था। ऐसे में लगातार खून निकल रहा था।
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रात करीब 12 बजे सखामई के पुष्पेंद्र की पत्नी माला ने सीएचसी में बेटे को जन्म दिया। यहां भी लापरवाही के चलते नवजात की मौत हो गई। सोमवार तड़के करीब चार बजे बालपुर के उमेश की पत्नी कुसुम का प्रसव हुआ। कुसुम ने बेटे को जन्म दिया।
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परिवार वाले काफी खुश थे। यह खुशियां कुछ ही देर में गम में बदल गईं। कुसुम के नवजात बेटे की भी मौत हो गई। उमेश का आरोप है कि प्रसव में लापरवाही की वजह से उसके बेटे की मौत हुई है। उससे 1200 रुपये लिए गए।
हालांकि, अब तक किसी की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। इस संबंध में बात करने पर सीएचसी प्रभारी डॉ. अमन सिद्दीकी ने कहा कि नवजातों की मौत का मामला उनकी जानकारी में है। रविवार रात ड्यूटी पर रहे स्टाफ और मौतों के मामले में जांच कराई जाएगी। यदि स्टाफ दोषी मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर नहीं, सेवानिवृत्त महिलाकर्मी कराती है प्रसव
जेंटरपाल, उमेश, जितेंद्र, पुष्पेंद्र समेत कई लोगों का कहना है कि सीएचसी से 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो चुकी एक महिलाकर्मी अब भी यहां प्रसव कक्ष में ड्यूटी कर रही है। रात में आने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव वही कराती है।
यहां तैनात स्टाफ नर्स समेत अन्य स्टाफ गर्भवती महिलाओं से प्रसव के बदले रुपयों के लेन-देन की बात तय करते हैं। इस बारे में बात करने पर सीएचसी प्रभारी डॉ. अमन सिद्दीकी ने कोई जवाब नहीं दिया।
क्या कहते हैं अधिकारी
मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. यशपाल सिंह ने कहा कि इस्लामनगर स्वास्थ्य केंद्र में एक रात में चार नवजात बच्चों की मौत का मामला वाकई गंभीर है। मैं सुबह ही इस्लामनगर एक टीम को भेजता हूं और पता कराता हूं कि आखिर बच्चों की मौत क्यों हुई। इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
हालांकि, अब तक किसी की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। इस संबंध में बात करने पर सीएचसी प्रभारी डॉ. अमन सिद्दीकी ने कहा कि नवजातों की मौत का मामला उनकी जानकारी में है। रविवार रात ड्यूटी पर रहे स्टाफ और मौतों के मामले में जांच कराई जाएगी। यदि स्टाफ दोषी मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर नहीं, सेवानिवृत्त महिलाकर्मी कराती है प्रसव
जेंटरपाल, उमेश, जितेंद्र, पुष्पेंद्र समेत कई लोगों का कहना है कि सीएचसी से 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो चुकी एक महिलाकर्मी अब भी यहां प्रसव कक्ष में ड्यूटी कर रही है। रात में आने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव वही कराती है।
यहां तैनात स्टाफ नर्स समेत अन्य स्टाफ गर्भवती महिलाओं से प्रसव के बदले रुपयों के लेन-देन की बात तय करते हैं। इस बारे में बात करने पर सीएचसी प्रभारी डॉ. अमन सिद्दीकी ने कोई जवाब नहीं दिया।
क्या कहते हैं अधिकारी
मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. यशपाल सिंह ने कहा कि इस्लामनगर स्वास्थ्य केंद्र में एक रात में चार नवजात बच्चों की मौत का मामला वाकई गंभीर है। मैं सुबह ही इस्लामनगर एक टीम को भेजता हूं और पता कराता हूं कि आखिर बच्चों की मौत क्यों हुई। इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।