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पुराने मकान का छज्जा गिरा, सात बंदर दबकर मरे
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उझानी (बदायूं)। अब्दुल्लागंज में बुधवार को एक पुराने मकान का छज्जा अचानक गिर पड़ा। जिससे उसके नीचे सो रहे सात बंदरों की मलबे में दबकर मौत हो गई। साथ ही कई बंद हादसे में घायल भी हो गए। सूचना पर पहुंची वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने घायल बंदरों का उपचार के लिए ले गई। वहीं मृत बंदरों के शव दफनाए गए।
बुधवार को दर्जनों बंदर ग्राम अब्दुल्लागंज निवासी राकेश कुमार के पुराने मकान में छज्जे के नीचे सो रहे थे। उसी वक्त मकान का छज्जा अचानक उनके ऊपर जा गिरी। मलबे के नीजे दबकर सात बंदरों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कई बंदर घायल भी हो गए। हादसे में घायल बंदर चीखने लगे। छज्जा गिरने बंदरों की आवाजें सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे। इसकी सूचना पर पूर्व प्रधान रविंद्र सक्सेना भी पहुंच गए। उन्होंने वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। जिस पर डिप्टी रेंजर धीरेंद्र सोलंकी और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक माहेश्वरी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घायल बंदरों का दवा लगवाकर उपचार कराया। बाद में डिप्टी रेंजर ने मृत बंदरों के शव ग्रामीणों की मदद से गड्ढा करवाकर दफन करा दिए।
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बुधवार को दर्जनों बंदर ग्राम अब्दुल्लागंज निवासी राकेश कुमार के पुराने मकान में छज्जे के नीचे सो रहे थे। उसी वक्त मकान का छज्जा अचानक उनके ऊपर जा गिरी। मलबे के नीजे दबकर सात बंदरों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कई बंदर घायल भी हो गए। हादसे में घायल बंदर चीखने लगे। छज्जा गिरने बंदरों की आवाजें सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे। इसकी सूचना पर पूर्व प्रधान रविंद्र सक्सेना भी पहुंच गए। उन्होंने वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। जिस पर डिप्टी रेंजर धीरेंद्र सोलंकी और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक माहेश्वरी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घायल बंदरों का दवा लगवाकर उपचार कराया। बाद में डिप्टी रेंजर ने मृत बंदरों के शव ग्रामीणों की मदद से गड्ढा करवाकर दफन करा दिए।
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