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तहसील के अभिलेखों में हेरफेर, लेखपाल पर कार्रवाई का आदेश
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दातागंज (बदायूं)। दातागंज तहसील के अभिलेखों में हेरफेर का मामला सामने आया है। जांच कराने के बाद एसडीएम ने संबंधित लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
मामला उसहैत क्षेत्र के गांव अहमदनगर बछौरा का है। यहां के रामचंद्र के नाम साल 1997 में सरकारी जमीन का पट्टा हुआ था। इसके हिसाब से ये जमीन रामचंद्र पुत्र बुद्धू के नाम चली आ रही थी। रामचंद्र का आरोप था कि उसके गांव के दूसरे रामचंद्र पुत्र प्रथम ने लेखपाल से मिलकर अभिलेखों में फेरबदल करा दिया और उसके पिता के नाम पर अपने पिता का नाम दर्ज करा लिया। उसके बाद जगह पर कब्जा करने की कोशिश की।
जब पहले रामचंद्र को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एसडीएम कोर्ट में इसका मुकदमा दायर कराया। कुछ दिन पहले मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम पारसनाथ मौर्य ने इसकी जांच कराई तो पता चला कि साल 1971 से 1990 तक का रिकॉर्ड सही था लेकिन जब तीसरी खतौनी बनी तब रामचंद्र पुत्र बुद्घू के स्थान पर रामचंद्र पुत्र प्रथम दर्ज किया गया। एसडीएम ने तत्कालीन लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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एफआईआर के आदेश कर दिए हैं। जब पुलिस जांच करेगी। तभी सामने आएगा कि किस लेखपाल ने फेरबदल किया था।
-पारसनाथ मौर्य, एसडीएम दातागंज
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मामला उसहैत क्षेत्र के गांव अहमदनगर बछौरा का है। यहां के रामचंद्र के नाम साल 1997 में सरकारी जमीन का पट्टा हुआ था। इसके हिसाब से ये जमीन रामचंद्र पुत्र बुद्धू के नाम चली आ रही थी। रामचंद्र का आरोप था कि उसके गांव के दूसरे रामचंद्र पुत्र प्रथम ने लेखपाल से मिलकर अभिलेखों में फेरबदल करा दिया और उसके पिता के नाम पर अपने पिता का नाम दर्ज करा लिया। उसके बाद जगह पर कब्जा करने की कोशिश की।
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जब पहले रामचंद्र को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एसडीएम कोर्ट में इसका मुकदमा दायर कराया। कुछ दिन पहले मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम पारसनाथ मौर्य ने इसकी जांच कराई तो पता चला कि साल 1971 से 1990 तक का रिकॉर्ड सही था लेकिन जब तीसरी खतौनी बनी तब रामचंद्र पुत्र बुद्घू के स्थान पर रामचंद्र पुत्र प्रथम दर्ज किया गया। एसडीएम ने तत्कालीन लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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एफआईआर के आदेश कर दिए हैं। जब पुलिस जांच करेगी। तभी सामने आएगा कि किस लेखपाल ने फेरबदल किया था।
-पारसनाथ मौर्य, एसडीएम दातागंज