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Budaun News: दो दिन से लापता व्यक्ति रेल ट्रैक पर घायल मिला
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प्रेमचंद का फाइल फोटो।
बदायूं। दो दिन पहले घर से अचानक लापता हुए डीसीएम चालक सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नेकपुर रेलवे ट्रैक के पास घायल अवस्था में मिले। परिवार के लोग उनको जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को मोर्चरी भेज दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव सैजनी निवासी प्रेमचंद (50) पुत्र शंकरलाल गुप्ता सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरी में किराए के मकान में रहते थे। वह डीसीएम चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण किया करते थे। परिजनों ने बताया कि उनके बेटे को झूठे आरोपों में पुलिस ने जेल भेज दिया गया था, जिससे वह काफी परेशान चल रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी कारण वह पिछले चार-पांच दिन से अवसाद में थे। बुधवार को दिन में वह घरवालों को बिना बताए कहीं चले गए। देर रात नेकपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास घायल अवस्था में पड़े मिले।
सूचना मिलने पर पुलिस उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि बेटे के जेल जाने के बाद से प्रेमचंद काफी परेशान थे। उसी सदमे में उनकी मौत हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उनकी मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है या फिर गिरने से। इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
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प्रेमचंद की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और बच्चों के पालन-पोषण की चिंता भी परिजनों को सता रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच की जा रही है।
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मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव सैजनी निवासी प्रेमचंद (50) पुत्र शंकरलाल गुप्ता सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरी में किराए के मकान में रहते थे। वह डीसीएम चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण किया करते थे। परिजनों ने बताया कि उनके बेटे को झूठे आरोपों में पुलिस ने जेल भेज दिया गया था, जिससे वह काफी परेशान चल रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी कारण वह पिछले चार-पांच दिन से अवसाद में थे। बुधवार को दिन में वह घरवालों को बिना बताए कहीं चले गए। देर रात नेकपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास घायल अवस्था में पड़े मिले।
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सूचना मिलने पर पुलिस उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि बेटे के जेल जाने के बाद से प्रेमचंद काफी परेशान थे। उसी सदमे में उनकी मौत हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उनकी मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है या फिर गिरने से। इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
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प्रेमचंद की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और बच्चों के पालन-पोषण की चिंता भी परिजनों को सता रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच की जा रही है।

प्रेमचंद का फाइल फोटो।