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Budaun News: अतिकुपोषित नौनिहालों को पोषण के साथ इलाज की भी जरूरत

Fri, 01 Mar 2024 01:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2024 01:48 AM IST
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Malnourished children need treatment along with nutrition.
04 हजार बच्चे मिले हैं कुपोषण के शिकार
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आंगनबाड़ी केंद्रों की लापरवाही के चलते लगातार बढ़ रही बच्चों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में चार हजार से ज्यादा नौनिहाल अतिकुपोषित की श्रेणी में हैं। इनको पोषण के साथ इलाज भी चाहिए। जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में केबल 10 बेड हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेड बढ़ाने के लिए कई बार शासन को लिखा जा चुका है। बेड न बढ़ने और सीएचसी स्तर पर पोषण पुनर्वास केंद्र की व्यवस्था न होने के कारण अतिकुपोषित पांच वर्ष तक के नौनिहालों को पोषण के साथ इलाज भी नहीं मिल पा रहा।

शून्य से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को कुपोषण से बचाने के जिले में 2,940 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनमें 3,22,339 बच्चे हैं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर बच्चों के स्वास्थ्य को जांचा गया। जिले में दो चरणों में तीन लाख बच्चों की तौल कराई गई। शून्य से पांच वर्ष तक की आयु तक के इन बच्चों में से 11,257 कुपोषित पाए गए। इनमें अति कुपोषित बच्चे 4,021 हैं। जिला अस्पताल में नौ बच्चे भर्ती हैं। यहां इलाज के नाम पर मात्र खानापूर्ति ही की जा रही है। अस्पताल में भर्ती बच्चों को भी मिलने वाले पौष्टिक भोजन में अनदेखी हो रही है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए कई याेजनाएं चलाई जा रही हैं। शासन की मंशा है कि कोई बच्चा कुपोषित या अति कुपोषित न हो। इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर की जा रही लापरवाही
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक आहार एवं हॉट कुक्ड (गर्म भोजन) के साथ- साथ मीठा दलिया, खिचड़ी, हलुआ, तेहरी, मीठा दलिया, हलुआ के साथ ही मौसमी फल भी वितरित करने के निर्देश हैं लेकिन यहां कुछ नहीं मिल पा रहा है। इसी प्रकार तीन से छह वर्ष तक के अति कुपोषित बच्चों को मिलने वाला चना, ग्लूकोज बिस्कुट, रोजाना घी और मौसमी फल कार्यकत्री वितरित नहीं करतीं।


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वजन के मानक
उम्र लड़का लड़की
नवजात 2.5 2.4
एक वर्ष 7.7 7.0
दो वर्ष 9.7 9
तीन वर्ष 11.3 10.8
चार वर्ष 12.7 12.3
पांच वर्ष 14.1 13.7
नोट-वजन किलो में।
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बच्चे को ऐसे बचाइए कुपोषण से
- बच्चे को छह माह तक मां का दूध ही पिलाएं
- गर्भवती महिला और बच्चे का टीकाकरण करवाएं
- गर्भवती महिला के खानपान का ध्यान रखें
- छह माह के बाद बच्चे को दिन में 50 ग्राम दाल खिलाएं
- रोज 20 ग्राम घी, दूध, दलिया, हरी सब्जी और फल खिलाएं
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