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लोहिया ग्राम में विद्युतीकरण न होने से डीएम खफा
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Fri, 08 Jul 2016 11:21 PM IST
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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- ब्लाक उसावां के ग्राम जटा में 15 दिन में विद्युतीकरण कराने के निर्देश
वित्तीय वर्ष 2014-15 में ब्लाक उसावां के ग्राम जटा को लोहिया ग्राम चयनित किया गया था। यहां अन्य योजनाओं से इस गांव को आच्छादित किया जा चुका है, लेकिन विद्युत का काम पूरा नहीं हुआ। जिलाधिकारी ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए विद्युत विभाग के बड़े अफसर और संबंधित अभियंता को चेतावनी दी है कि 15 जुलाई तक गांव का विद्युतीकरण हो जाना चाहिए अन्यथा सजा भुगतने को तैयार रहें।
शुक्रवार को जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने विकास भवन स्थित सभा कक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की मासिक समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि जटा गांव में विद्युतीकरण के लिए जब इस्टीमेट तैयार कर धनराशि प्राप्त कर ली गई है तो अब विद्युत लाइन न पहुंचने की समस्या क्यों बताई जा रही है। इस कार्य के लिए केवल विद्युत विभाग ही जिम्मेदार माना जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि पड़ोसी जनपद कासगंज से विद्युत लाइन आना संभव हो तो वह डीएम कासगंज और अलीगढ़ मंडल के आयुक्त से भी अनुरोध कर सकते हैं, लेकिन प्रत्येक दशा में 15 जुलाई तक गांव का विद्युतीकरण हो जाना चाहिए।
इस अवसर पर संबंधित अधिकरियों द्वारा बताया गया कि ग्राम जटा में कोई भी सरकारी भवन न होने के कारण मतदेय स्थल भी खुले में ही बनाया जाता है। जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और डीपीआरओ तथा खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्राम निधि से प्राथमिकता के आधार पर पंचायत भवन का निर्माण कराया जाए। वित्तीय वर्ष 2015-16 में चयनित 31 लोहिया ग्रामों में से 11 लोहिया गांवों में अभी तक आंगनबाड़ी केंद्रों तथा पांच ग्रामों में लोहिया और इंदिरा आवास का कार्य अभी अपूर्ण है। जिलाधिकारी ने समस्त बीडीओ को हिदायत दी कि पात्रता सूची का पुन: सर्वे कर उसे ठीक किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सूची में शामिल होने से कोई भी पात्र व्यक्ति छूटने न पाए। किसान पारदर्शी योजना और विद्युत वसूली में बी श्रेणी होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने सरकारी नलकूपों के खराब ट्रांसफार्मर को बदलने में अनावश्यक विलंब करने पर भी विद्युत विभाग के अभियंताओं को फटकार लगाई। बैठक में सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वित्तीय वर्ष 2014-15 में ब्लाक उसावां के ग्राम जटा को लोहिया ग्राम चयनित किया गया था। यहां अन्य योजनाओं से इस गांव को आच्छादित किया जा चुका है, लेकिन विद्युत का काम पूरा नहीं हुआ। जिलाधिकारी ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए विद्युत विभाग के बड़े अफसर और संबंधित अभियंता को चेतावनी दी है कि 15 जुलाई तक गांव का विद्युतीकरण हो जाना चाहिए अन्यथा सजा भुगतने को तैयार रहें।
शुक्रवार को जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने विकास भवन स्थित सभा कक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की मासिक समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि जटा गांव में विद्युतीकरण के लिए जब इस्टीमेट तैयार कर धनराशि प्राप्त कर ली गई है तो अब विद्युत लाइन न पहुंचने की समस्या क्यों बताई जा रही है। इस कार्य के लिए केवल विद्युत विभाग ही जिम्मेदार माना जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि पड़ोसी जनपद कासगंज से विद्युत लाइन आना संभव हो तो वह डीएम कासगंज और अलीगढ़ मंडल के आयुक्त से भी अनुरोध कर सकते हैं, लेकिन प्रत्येक दशा में 15 जुलाई तक गांव का विद्युतीकरण हो जाना चाहिए।
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इस अवसर पर संबंधित अधिकरियों द्वारा बताया गया कि ग्राम जटा में कोई भी सरकारी भवन न होने के कारण मतदेय स्थल भी खुले में ही बनाया जाता है। जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और डीपीआरओ तथा खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्राम निधि से प्राथमिकता के आधार पर पंचायत भवन का निर्माण कराया जाए। वित्तीय वर्ष 2015-16 में चयनित 31 लोहिया ग्रामों में से 11 लोहिया गांवों में अभी तक आंगनबाड़ी केंद्रों तथा पांच ग्रामों में लोहिया और इंदिरा आवास का कार्य अभी अपूर्ण है। जिलाधिकारी ने समस्त बीडीओ को हिदायत दी कि पात्रता सूची का पुन: सर्वे कर उसे ठीक किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सूची में शामिल होने से कोई भी पात्र व्यक्ति छूटने न पाए। किसान पारदर्शी योजना और विद्युत वसूली में बी श्रेणी होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने सरकारी नलकूपों के खराब ट्रांसफार्मर को बदलने में अनावश्यक विलंब करने पर भी विद्युत विभाग के अभियंताओं को फटकार लगाई। बैठक में सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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